CG Weather Today : छत्तीसगढ़ में 12 सितंबर 2026 को मानसून की गतिविधियां सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जताया है। कुछ स्थानों पर बारिश का असर अपेक्षाकृत अधिक रह सकता है। वहीं एक-दो जगहों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बनने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में बारिश का यह सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।
एक-दो जगह भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली का खतरा
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक छत्तीसगढ़ में शनिवार को कुछ इलाकों में मौसम अचानक खराब हो सकता है। एक-दो स्थानों पर भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। गरज-चमक के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। खुले मैदान, खेत या अन्य खुले स्थानों पर मौजूद लोगों को सुरक्षित जगह पर चले जाने की सलाह दी गई है।
गरज-चमक के समय इन जगहों से रहें दूर
आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है। बारिश और बिजली कड़कने के दौरान बिजली के खंभों, ट्रांसफॉर्मर तथा बिजली की लाइनों से भी दूरी बनाए रखना जरूरी है। अगर घर से बाहर हैं और अचानक तेज गरज-चमक शुरू हो जाए, तो किसी सुरक्षित और पक्के भवन में शरण लेना सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है।
बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय
छत्तीसगढ़ के मौसम में बदलाव की प्रमुख वजह बंगाल की खाड़ी में बना मौसम तंत्र बताया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी से सटे दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र के पास निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ एक चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है, जिसके कारण आसपास के राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
अगले 24 घंटे में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ेगा सिस्टम
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में सक्रिय यह सिस्टम अगले 24 घंटे के दौरान उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के रास्ते पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है। इसके प्रभाव से मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में बदलाव देखने को मिल सकता है। छत्तीसगढ़ में भी इस सिस्टम का असर बारिश के रूप में दिखाई देने की संभावना है।
मानसून द्रोणिका भी बारिश के लिए जिम्मेदार
प्रदेश में बारिश का एक अन्य प्रमुख कारण मानसून द्रोणिका भी है। यह द्रोणिका उत्तर-पश्चिम राजस्थान से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ होते हुए बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र तक फैली हुई है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
किसानों के लिए मौसम विभाग ने जारी की सलाह
बारिश और गरज-चमक को देखते हुए किसानों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खुले में रखी फसल और कृषि उपज को बारिश से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रखने की जरूरत है। खेतों में काम करने वाले किसानों को आकाशीय बिजली की चेतावनी के दौरान खुले स्थानों पर काम करने से बचना चाहिए और मौसम सामान्य होने का इंतजार करना चाहिए।
अगले दिनों में भी जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां केवल 12 सितंबर तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। सक्रिय मौसम प्रणालियों और मानसून द्रोणिका के प्रभाव से आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है।
मौसम बिगड़ने पर प्रशासन की सलाह का करें पालन
मौसम खराब होने के दौरान लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए। बिजली गिरने की आशंका में पेड़, खुले मैदान, जलाशय और बिजली के ढांचे से दूर रहना जरूरी है। सावधानी बरतकर आकाशीय बिजली और तेज बारिश से होने वाले संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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