North Korea Missile: उत्तर कोरिया ने शनिवार को अपने पूर्वी तट से समुद्र की दिशा में कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह प्रक्षेपण ऐसे समय हुआ है, जब एक दिन पहले ही अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान का संयुक्त सैन्य अभ्यास समाप्त हुआ था। उत्तर कोरिया लंबे समय से इन देशों के संयुक्त सैन्य अभ्यासों को अपनी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताता रहा है। मिसाइल लॉन्च के बाद कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव एक बार फिर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
वॉनसान इलाके से कई मिसाइलें दागे जाने की पुष्टि
दक्षिण कोरिया की सेना के मुताबिक, उत्तर कोरिया के पूर्वी तटीय शहर वॉनसान के आसपास से कई मिसाइलों के प्रक्षेपण का पता लगाया गया। दक्षिण कोरियाई सेना ने कहा कि लॉन्च की घटनाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने मिसाइलों की संख्या, प्रकार और उनकी उड़ान से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है।
अमेरिका और जापान के साथ लगातार संपर्क में दक्षिण कोरिया
मिसाइल प्रक्षेपण के बाद दक्षिण कोरिया ने अमेरिका और जापान के साथ सूचनाओं का आदान-प्रदान तेज कर दिया है। तीनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां उत्तर कोरिया की सैन्य गतिविधियों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। दक्षिण कोरियाई सेना ने कहा है कि वह किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए अपनी निगरानी और प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत बनाए हुए है।
अमेरिकी कमांड ने कहा, तत्काल खतरा नहीं
अमेरिकी पैसिफिक कमांड ने उत्तर कोरिया के ताजा मिसाइल प्रक्षेपण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि फिलहाल इन मिसाइलों से अमेरिकी क्षेत्र या उसके सहयोगियों के लिए तत्काल खतरा पैदा नहीं हुआ है। अमेरिकी कमांड ने क्षेत्र में अपने सहयोगियों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही उत्तर कोरिया की गतिविधियों पर निगरानी जारी रखने की बात कही गई है।
पांच दिवसीय फ्रीडम एज सैन्य अभ्यास हुआ खत्म
उत्तर कोरिया का मिसाइल लॉन्च अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के पांच दिवसीय ‘फ्रीडम एज’ संयुक्त सैन्य अभ्यास के समाप्त होने के तुरंत बाद हुआ। दक्षिण कोरियाई सेना के अनुसार यह अभ्यास पूरी तरह रक्षात्मक प्रकृति का था। इसका उद्देश्य उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल खतरों से निपटने के लिए तीनों देशों के बीच संयुक्त प्रतिक्रिया क्षमता को बेहतर बनाना था।
उत्तर कोरिया पहले भी कर चुका है सैन्य अभ्यास की आलोचना
अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया का संयुक्त सैन्य अभ्यास सोमवार को शुरू हुआ था। अभ्यास के दौरान तीनों देशों ने विभिन्न सैन्य परिस्थितियों में आपसी तालमेल और प्रतिक्रिया क्षमता को परखा। हालांकि, उत्तर कोरिया ने इस अभ्यास का कड़ा विरोध किया था। प्योंगयांग लगातार दावा करता रहा है कि ऐसे सैन्य अभ्यास उसकी सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हैं और क्षेत्र में तनाव बढ़ाते हैं।
उत्तर कोरिया ने दी थी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू होने के बाद उत्तर कोरिया के रक्षा मंत्री किम सोंग ली ने इसकी तीखी आलोचना की थी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा था कि उनका देश अपनी शक्ति के आधार पर कड़े और निर्णायक जवाबी कदम उठाने में सक्षम है। इसके बाद शनिवार को हुए मिसाइल प्रक्षेपण को लेकर क्षेत्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों की नजर उत्तर कोरिया की अगली सैन्य गतिविधियों पर बनी हुई है।
कोरियाई प्रायद्वीप में फिर बढ़ सकता है तनाव
उत्तर कोरिया की ओर से बैलिस्टिक मिसाइलों का नया प्रक्षेपण ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिका और उसके सहयोगी क्षेत्र में अपनी सैन्य तैयारियों को लेकर सक्रिय हैं। प्योंगयांग इन अभ्यासों को उकसावे वाली कार्रवाई बताता है, जबकि अमेरिका और दक्षिण कोरिया इन्हें रक्षात्मक अभ्यास करार देते हैं। दोनों पक्षों के बीच इसी विरोधाभासी रुख के कारण कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव लगातार बना हुआ है।
मिसाइल गतिविधियों पर दुनिया की नजर
ताजा मिसाइल लॉन्च के बाद दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान उत्तर कोरिया की सैन्य गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल अमेरिकी अधिकारियों ने तत्काल खतरे से इनकार किया है, लेकिन लगातार मिसाइल परीक्षण क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाते हैं। आने वाले दिनों में प्योंगयांग की ओर से कोई और सैन्य कदम उठाया जाता है या नहीं, इस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर रहेगी।
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