BRICS Summit 2026 को लेकर राजधानी नई दिल्ली में दुनिया के कई प्रमुख नेताओं का जमावड़ा शुरू हो चुका है। दो दिवसीय शिखर सम्मेलन का मुख्य आयोजन भारत मंडपम में किया जा रहा है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भी आज दोपहर भारत पहुंचने की संभावना है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर चुके हैं। शनिवार को पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता प्रस्तावित है।
दुनिया की नजर भारत में होने वाले इस शिखर सम्मेलन पर
भारत में आयोजित BRICS सम्मेलन को वैश्विक स्तर पर काफी अहम माना जा रहा है। यह सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है, जब दुनिया कई राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है। सम्मेलन के जरिए भारत वैश्विक मंच पर अपनी बढ़ती भूमिका और कूटनीतिक प्रभाव को प्रदर्शित करेगा। साथ ही नई दिल्ली में होने वाली बैठकों के माध्यम से ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता मिलने की उम्मीद है।
कई देशों के नेता और वरिष्ठ प्रतिनिधि दिल्ली पहुंचे
विदेश मंत्रालय के मुताबिक फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिग्ज पार्रिला और थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री सिहासक फुआंगकेटकेव नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरिस्त नदायिशिमिये भी सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत पहुंचे हैं। विश्व व्यापार संगठन की महानिदेशक न्गोजी ओकोंजो-इवेला भी BRICS शिखर सम्मेलन के लिए राजधानी पहुंच चुकी हैं।
फिलीपींस के राष्ट्रपति मार्कोस का भारत में स्वागत
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दिल्ली पहुंचे विदेशी नेताओं का स्वागत किया। फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर का स्वागत केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने किया। मार्कोस 2026 में ASEAN के वर्तमान अध्यक्ष के तौर पर BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेने भारत पहुंचे हैं।
भारत की एक्ट ईस्ट नीति में फिलीपींस अहम साझेदार
रणधीर जायसवाल ने भारत और फिलीपींस के बीच संबंधों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि फिलीपींस भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का एक अहम स्तंभ है। भारत और ASEAN के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी है, जिसमें व्यापार, समुद्री सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में कनेक्टिविटी जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण हैं। BRICS सम्मेलन इन संबंधों को और मजबूत करने का अवसर भी प्रदान कर सकता है।
पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव से की मुलाकात
BRICS Summit से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच वैश्विक स्तर पर जारी संघर्षों, नौवहन की स्वतंत्रता, सतत विकास और खाद्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। मानव-केंद्रित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर भी दोनों नेताओं ने विचार साझा किए।
बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार पर भी हुई चर्चा
विदेश मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी और संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुतारेस ने बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद समेत बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार की जरूरत पर भी चर्चा की, ताकि वैश्विक संस्थाएं वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और वास्तविकताओं को बेहतर तरीके से प्रतिबिंबित कर सकें।
ग्लोबल साउथ की आवाज मजबूत करने पर जोर
नई दिल्ली में हो रहा BRICS सम्मेलन भारत की कूटनीतिक प्राथमिकताओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सम्मेलन के दौरान विकासशील देशों की चिंताओं, आर्थिक सहयोग, वैश्विक शासन व्यवस्था और रणनीतिक साझेदारी से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है। भारत इस मंच के जरिए ग्लोबल साउथ की आवाज को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
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