PM Modi Narrative : राजधानी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, देश की सुरक्षा और सुशासन को लेकर सरकार की नीतियों पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने बीते वर्षों में देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ शासन प्रणाली में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में सरकार की नीतियों को लेकर विपक्ष और आलोचकों पर भी निशाना साधा।
मोदी विरोधी माहौल बनाने वालों पर रक्षा मंत्री का हमला
राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश करने वाले तत्व अब अपनी रणनीति में विफल हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि ऐसे लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि अब आगे क्या किया जाए। रक्षा मंत्री के मुताबिक, कुछ लोग अपनी राजनीतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए छात्रों को उकसाने और समाज को जाति के आधार पर विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं।
देशहित में ऊर्जा लगाने की राजनाथ सिंह ने दी सलाह
रक्षा मंत्री ने ऐसे तत्वों को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें नकारात्मक राजनीति के बजाय अपनी ऊर्जा और समय देश के विकास में लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर देश के विकास में सभी लोग योगदान देंगे तो इससे व्यक्तिगत और राष्ट्रीय, दोनों स्तरों पर फायदा होगा। राजनाथ सिंह ने समाज में विभाजन पैदा करने वाली राजनीति से बचने की जरूरत पर भी जोर दिया।
आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का किया दावा
देश की आंतरिक सुरक्षा का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना और सुरक्षा बल अब आतंकियों के ठिकानों तक पहुंचकर उनके खिलाफ कार्रवाई करने में सक्षम हैं। रक्षा मंत्री ने सुरक्षा बलों की बहादुरी और उनके अभियानों को देश की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया।
जवानों की वीरता पर सवाल उठाने वालों को घेरा
राजनाथ सिंह ने उन लोगों पर भी निशाना साधा जो राजनीतिक फायदे के लिए सुरक्षा बलों की कार्रवाई और जवानों की बहादुरी पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा कि देश के सैनिक कठिन परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं और उनके साहस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। रक्षा मंत्री ने सुरक्षा बलों के योगदान और राष्ट्र की सुरक्षा में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
नक्सलवाद को लेकर राजनाथ सिंह ने रखा अलग नजरिया
नक्सलवाद के मुद्दे पर रक्षा मंत्री ने कहा कि इसे केवल गरीबी की वजह से पैदा हुई समस्या के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनका कहना था कि नक्सलवाद के कारण भी देश के कई हिस्सों में गरीबी और विकास की समस्याएं बढ़ीं। राजनाथ सिंह ने दावा किया कि भारत अब नक्सलवाद के प्रभाव से काफी हद तक मुक्त हो चुका है और प्रभावित क्षेत्रों में विकास की संभावनाएं बढ़ी हैं।
पीएम मोदी को सुशासन का पर्याय बताया
राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुशासन का पर्याय बताते हुए सरकार की प्रशासनिक नीतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले भारत को अत्यधिक नियमों और प्रक्रियाओं वाला देश माना जाता था। मोदी सरकार ने सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने और आम नागरिकों के लिए प्रशासनिक कामकाज आसान करने की दिशा में कई बदलाव किए हैं।
सेल्फ अटेस्टेशन से लेकर पुराने कानून खत्म करने तक
रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकारी दस्तावेजों के लिए गजटेड अधिकारी से अटेस्टेशन कराने की पुरानी व्यवस्था को खत्म करके सेल्फ-अटेस्टेशन की सुविधा शुरू की गई। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्षों में 40 हजार से अधिक गैर-जरूरी नियमों को समाप्त किया गया है। इसके अलावा 1,500 से ज्यादा पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को भी हटाया गया है।
वैश्विक लोकप्रियता का भी किया जिक्र
राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी की अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न वैश्विक सर्वेक्षणों में नरेंद्र मोदी को दुनिया के लोकप्रिय नेताओं में प्रमुख स्थान मिलता रहा है। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि भारतीय जनता चुनाव दर चुनाव प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अपना भरोसा जताती रही है। उनके मुताबिक, यह जनता के विश्वास और सरकार के कामकाज के प्रति समर्थन को दर्शाता है।
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