Maharashtra Politics : महाराष्ट्र की राजनीति में मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। 17 सितंबर को मनाए जाने वाले इस दिवस से पहले शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने मराठवाड़ा के विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर सत्तारूढ़ महायुति सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी का आरोप है कि क्षेत्र के विकास को लेकर किए गए कई वादे अब तक जमीन पर पूरे नहीं हुए हैं।
हिंगोली में ‘तुमसे ना हो पाएगा’ आंदोलन से सरकार पर हमला
शनिवार को हिंगोली जिले में शिवसेना UBT की ओर से ‘तुमसे ना हो पाएगा’ नाम से विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। बॉलीवुड के चर्चित डायलॉग से प्रेरित इस आंदोलन के जरिए पार्टी ने सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन में पार्टी कार्यकर्ताओं ने मराठवाड़ा की लंबित समस्याओं और अधूरे विकास कार्यों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
अंबादास दानवे ने संभाली आंदोलन की कमान
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व महाराष्ट्र विधान परिषद के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और शिवसेना UBT के एमएलसी अंबादास दानवे ने किया। आंदोलन के दौरान दानवे ने कहा कि मराठवाड़ा के लोगों से विकास को लेकर लगातार बड़े-बड़े वादे किए गए, लेकिन उनमें से बहुत कम वादे ही पूरे हो सके हैं। उनका कहना था कि सरकार को अब क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं का जवाब देना चाहिए।
780 से ज्यादा वादों पर दानवे ने उठाए सवाल
अंबादास दानवे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए दावा किया कि हिंगोली और पूरे मराठवाड़ा के विकास को लेकर 780 से अधिक बड़े वादे किए गए थे। दानवे के मुताबिक, सरकार इन वादों में से 1.5 प्रतिशत भी पूरा नहीं कर पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मराठवाड़ा का इस्तेमाल केवल चुनावी और राजनीतिक फायदे के लिए किया गया।
किसान आत्महत्या और क्षेत्रीय विकास बना बड़ा मुद्दा
दानवे ने मराठवाड़ा की गंभीर समस्याओं का जिक्र करते हुए किसान आत्महत्याओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र लंबे समय से किसानों की परेशानी और आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। उनके मुताबिक, आजादी के बाद और 1948 में निजाम शासन से मुक्ति के बाद मराठवाड़ा महाराष्ट्र का हिस्सा बना, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र को विकास के मामले में अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिल सकी।
विदर्भ से तुलना कर सरकार पर लगाया भेदभाव का आरोप
शिवसेना UBT नेता ने मराठवाड़ा की तुलना विदर्भ से करते हुए सरकार पर क्षेत्रीय असमानता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह क्षेत्र विदर्भ में जिस तरह विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है, उसी तरह मराठवाड़ा को उसका हिस्सा नहीं मिल रहा। दानवे ने सरकार से क्षेत्र की समस्याओं पर ठोस कदम उठाने की मांग की।
रेजीडेंट कलेक्टर को सौंपा गया विस्तृत ज्ञापन
विरोध प्रदर्शन के बाद शिवसेना UBT के नेताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हिंगोली की रेजीडेंट कलेक्टर प्रतीक्षा भुटे को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में क्षेत्र के विकास, लंबित परियोजनाओं और स्थानीय समस्याओं से जुड़े मुद्दों को उठाया गया। पार्टी नेताओं ने प्रशासन से इन मांगों पर जल्द कार्रवाई की मांग की।
17 सितंबर को संभाजीनगर में होगी बड़ी जनसभा
अंबादास दानवे ने घोषणा की कि हिंगोली से शुरू हुआ यह आंदोलन 17 सितंबर को छत्रपति संभाजीनगर में होने वाली विशाल जनसभा के साथ आगे बढ़ेगा। इस जनसभा में शिवसेना UBT प्रमुख उद्धव ठाकरे की मौजूदगी रहेगी। पार्टी का लक्ष्य मराठवाड़ा के विकास और क्षेत्रीय मुद्दों को बड़े राजनीतिक मंच पर उठाना है। ऐसे में मुक्ति संग्राम दिवस से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में मराठवाड़ा का मुद्दा और अधिक गरमाने की संभावना है।
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