Food and Mental Health : पसंदीदा स्नैक कहीं आपकी मेंटल हेल्थ तो नहीं बिगाड़ रहा? जानें खाने का चौंकाने वाला असर

क्या आपका पसंदीदा स्नैक सिर्फ स्वाद बढ़ाता है या आपके मूड पर भी असर डालता है? खाने और मानसिक स्वास्थ्य के बीच गहरा संबंध माना जाता है। कुछ खाद्य पदार्थ तनाव और मूड को प्रभावित कर सकते हैं। आखिर कौन सा स्नैक नुकसान पहुंचा सकता है और क्यों, जानिए पूरी जानकारी यहां।

Food and Mental Health : चाय के साथ चिप्स, मूवी देखते समय मीठा स्नैक या सफर के दौरान फ्लेवर्ड ड्रिंक लेना आज आम आदत बन गई है। इन चीजों का स्वाद अच्छा लगता है और कुछ समय के लिए मूड भी बेहतर महसूस हो सकता है। हालांकि, जब अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड रोज की डाइट का बड़ा हिस्सा बन जाते हैं, तो इसका असर स्वास्थ्य के दूसरे पहलुओं पर भी पड़ सकता है। एक नए अध्ययन में ऐसे खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले कुछ फ्लेवरिंग, कलरिंग एजेंट और स्वीटनर्स तथा डिप्रेशन के जोखिम के बीच संबंध देखा गया है।

ads
Adst

1.71 लाख लोगों के स्वास्थ्य डेटा का किया गया विश्लेषण

इस अध्ययन में करीब 1.71 लाख लोगों के खान-पान और स्वास्थ्य से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। अध्ययन में शामिल लोग शुरुआत में डिप्रेशन से पीड़ित नहीं थे। शोधकर्ताओं ने कई वर्षों तक प्रतिभागियों की डाइट और स्वास्थ्य से जुड़े पैटर्न पर नजर रखी। करीब 10.7 साल के औसत फॉलो-अप के दौरान 5,424 लोगों में डिप्रेशन के नए मामले सामने आए। इसके बाद शोधकर्ताओं ने डाइट और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड में मौजूद विभिन्न घटकों के बीच संभावित संबंधों का अध्ययन किया।

Adst

फ्लेवरिंग के ज्यादा इस्तेमाल से जुड़ा दिखा डिप्रेशन जोखिम

शोध में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड में इस्तेमाल होने वाली फ्लेवरिंग सामग्री पर खास ध्यान दिया गया। रिपोर्ट के अनुसार, अधिक फ्लेवरिंग एक्सपोजर और डिप्रेशन के बढ़े हुए जोखिम के बीच संबंध देखा गया। सबसे ज्यादा फ्लेवर एक्सपोजर वाले लोगों में सबसे कम एक्सपोजर वाले लोगों की तुलना में डिप्रेशन का जोखिम 46 प्रतिशत अधिक पाया गया। हालांकि, इस आंकड़े को सीधे कारण और परिणाम के रूप में समझना सही नहीं होगा।

कुछ आर्टिफिशियल स्वीटनर्स भी अध्ययन में शामिल

आज बाजार में कई ऐसे पैकेज्ड फूड और ड्रिंक्स उपलब्ध हैं, जिन पर कम चीनी या शुगर-फ्री होने का दावा किया जाता है। इनमें विभिन्न कृत्रिम स्वीटनर्स का इस्तेमाल किया जाता है। अध्ययन में एस्पार्टेम, एसेसुल्फेम और सुक्रालोज जैसे कुछ स्वीटनर्स और डिप्रेशन के जोखिम के बीच भी संबंध देखा गया। लेकिन शोध के आधार पर यह कहना उचित नहीं होगा कि इन स्वीटनर्स का सेवन सीधे डिप्रेशन का कारण बनता है।

डिप्रेशन के पीछे कई कारण हो सकते हैं

मानसिक स्वास्थ्य केवल किसी एक खाद्य पदार्थ या पोषक तत्व पर निर्भर नहीं करता। नींद की गुणवत्ता, लंबे समय तक बना तनाव, शारीरिक गतिविधि, सामाजिक संबंध और व्यक्ति की अन्य स्वास्थ्य स्थितियां भी मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए किसी अध्ययन में सामने आए संबंध को समझते समय इन सभी कारकों को ध्यान में रखना जरूरी है।

Adst

हर पैकेज्ड फूड को डाइट से हटाने की जरूरत नहीं

अध्ययन के नतीजे सामने आने के बाद हर पैकेज्ड फूड से डरने की जरूरत नहीं है। कभी-कभार चिप्स, बिस्किट या मीठा स्नैक खाने से तुरंत किसी गंभीर समस्या की आशंका नहीं मानी जानी चाहिए। चिंता की स्थिति तब बन सकती है जब अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ रोज के भोजन का बड़ा हिस्सा बन जाएं और फल, सब्जियां, दालें तथा साबुत अनाज जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ कम हो जाएं।

संतुलित डाइट को दें प्राथमिकता

मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार को प्राथमिकता देना बेहतर माना जाता है। डाइट में ताजे फल-सब्जियां, दालें, साबुत अनाज और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं। वहीं अत्यधिक प्रोसेस्ड और ज्यादा चीनी या नमक वाले खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखना एक व्यावहारिक कदम हो सकता है।

डिप्रेशन के लक्षणों को नजरअंदाज न करें

अच्छा खान-पान मानसिक स्वास्थ्य के लिए सहायक हो सकता है, लेकिन डिप्रेशन का इलाज केवल डाइट में बदलाव से नहीं किया जा सकता। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक उदासी, किसी काम में रुचि न होना, नींद या भूख में बदलाव अथवा रोजमर्रा के काम करने में परेशानी जैसी समस्याएं महसूस हो रही हैं, तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। पेशेवर मदद को केवल खान-पान में बदलाव का विकल्प नहीं समझना चाहिए।

Read More : Balod Road Accident : बालोद में पिकअप ने बाइक को मारी टक्कर, तीज पर घर लौट रहे भाई-बहन की मौत

Adst
Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
पिछले पोस्ट
अगला पोस्ट

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • झारखंड
    • राजस्थान
    • ओडिशा

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.

Adst