Cancer Diet : कैंसर ऐसी बीमारी है जिसका असर शरीर के साथ मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। सेलिब्रिटी शेफ और मास्टरशेफ इंडिया की विजेता पंकज भदौरिया भी इन दिनों कैंसर से जूझ रही हैं। वह इस मुश्किल दौर का मजबूती से सामना कर रही हैं और सोशल मीडिया के जरिए अपनी कैंसर जर्नी से जुड़ी बातें लगातार साझा करती रहती हैं। इसी दौरान उन्होंने अपनी डाइट और शरीर को पोषण देने से जुड़े कुछ अनुभव भी बताए हैं।
डॉक्टरों से पूछा था डाइट को लेकर सवाल
पंकज भदौरिया ने बताया कि इलाज के दौरान उन्होंने अपने डॉक्टरों से एक सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण सवाल पूछा था। उन्होंने जानना चाहा कि क्या रोज की डाइट में ऐसी चीजें शामिल की जा सकती हैं, जो शरीर को पोषण देने और सामान्य स्वास्थ्य को सपोर्ट करने में मदद करें। इसी संदर्भ में उन्होंने कुछ खाद्य पदार्थों का जिक्र किया, जिन्हें वह अपनी डाइट में शामिल कर रही हैं।
हल्दी को डाइट का हिस्सा बनाती हैं पंकज
पंकज भदौरिया ने हल्दी का भी जिक्र किया। हल्दी में करक्यूमिन नामक यौगिक पाया जाता है, जिस पर सूजन और स्वास्थ्य से जुड़े कई पहलुओं को लेकर शोध हुआ है। वह हल्दी को काली मिर्च के साथ लेने की बात बताती हैं। हालांकि, हल्दी या करक्यूमिन को कैंसर का इलाज नहीं माना जाना चाहिए और इसके इस्तेमाल को डॉक्टर की सलाह के साथ समझना जरूरी है।
आंवला में भरपूर पाए जाते हैं एंटीऑक्सीडेंट
आंवला भारतीय खान-पान में लंबे समय से इस्तेमाल किया जाने वाला फल है। इसमें विटामिन सी और विभिन्न एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। पंकज भदौरिया इसे भी अपनी डाइट में शामिल करने की बात कहती हैं। आंवले का सेवन फल, जूस या अन्य सामान्य खाद्य रूपों में किया जा सकता है। हालांकि, कैंसर के इलाज के दौरान किसी भी विशेष खाद्य पदार्थ की मात्रा डॉक्टर या डाइटिशियन से पूछना बेहतर है।
अश्वगंधा के इस्तेमाल में रखें सावधानी
अश्वगंधा का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से तनाव और सामान्य स्वास्थ्य से जुड़े उद्देश्यों के लिए किया जाता रहा है। पंकज ने इसका भी जिक्र किया है। लेकिन कैंसर के इलाज के दौरान अश्वगंधा या किसी भी हर्बल सप्लीमेंट का सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए। कुछ सप्लीमेंट दवाओं के असर को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए विशेषज्ञ की राय जरूरी है।
लहसुन में मौजूद है एलिसिन
लहसुन में एलिसिन समेत कई प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं। इसके एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों को लेकर भी शोध किए गए हैं। पंकज भदौरिया ने इसे अपनी डाइट में शामिल करने की बात कही है। लहसुन को भोजन में सामान्य मात्रा में शामिल किया जा सकता है, लेकिन इसे कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने वाली दवा समझना सही नहीं होगा।
ब्रोकली भी हो सकती है हेल्दी डाइट का हिस्सा
ब्रोकली में फाइबर, विटामिन, मिनरल और कई प्राकृतिक पौध यौगिक पाए जाते हैं। संतुलित आहार के हिस्से के तौर पर इसे शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। पंकज भदौरिया हल्की स्टीम की हुई ब्रोकली खाने की बात करती हैं। हालांकि, केवल ब्रोकली या किसी एक सब्जी को कैंसर के इलाज का विकल्प नहीं माना जा सकता।
कैंसर में डाइट के साथ कई बातें जरूरी
पंकज भदौरिया का कहना है कि सिर्फ यह देखना पर्याप्त नहीं है कि हम क्या खाते हैं। भोजन की गुणवत्ता के साथ शारीरिक गतिविधि, तनाव को संभालने का तरीका और नियमित स्वास्थ्य जांच भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। कैंसर के दौरान व्यक्ति की डाइट उसकी बीमारी, इलाज और शरीर की जरूरत के अनुसार अलग हो सकती है।
डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता देना जरूरी
कैंसर के मरीजों के लिए संतुलित और पर्याप्त पोषण महत्वपूर्ण होता है, लेकिन हर मरीज की जरूरत अलग होती है। इसलिए किसी सेलिब्रिटी की डाइट को सीधे अपनी डाइट में अपनाने के बजाय डॉक्टर या योग्य क्लिनिकल डाइटिशियन से सलाह लेना चाहिए। हल्दी, आंवला, लहसुन या ब्रोकली जैसे खाद्य पदार्थ सामान्य संतुलित आहार का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन इन्हें कैंसर के इलाज का विकल्प नहीं समझना चाहिए।
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