Bijapur Eklavya School Case : छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के रुद्रारम स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय से छात्राओं के साथ कथित बैड टच और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद बीजापुर से लेकर राजधानी रायपुर तक प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को तत्काल जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन ने तेज की कार्रवाई
मामला मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संज्ञान में आने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस को आवश्यक जांच करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद बीजापुर कलेक्टर विश्वदीप के स्तर से कार्रवाई शुरू की गई। प्रशासन ने मामले में स्कूल के प्राचार्य को उनके पद से हटाने का फैसला लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और विद्यालय की व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आरोपी शिक्षक के खिलाफ POCSO के तहत FIR
छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में आरोपी शिक्षक के खिलाफ पुलिस ने पॉक्सो यानी लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। FIR दर्ज होने के बाद आरोपी शिक्षक के फरार होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है और संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
आरोपी शिक्षक की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस के सामने अब आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार करना और मामले की पूरी परिस्थितियों का पता लगाना प्राथमिकता है। जांच एजेंसियां छात्राओं के बयान, स्कूल में उपलब्ध रिकॉर्ड और अन्य संबंधित तथ्यों की पड़ताल कर सकती हैं। पुलिस की जांच के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि कथित घटनाएं किन परिस्थितियों में हुईं और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
पुराने मामलों और शिकायतों की भी होगी जांच
प्रशासन ने अब विद्यालय में पहले सामने आई शिकायतों की भी जांच करने का फैसला किया है। अधिकारियों की ओर से यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि क्या छात्राओं से संबंधित कोई शिकायत पहले भी स्कूल प्रबंधन या प्रशासन तक पहुंची थी। यदि पहले शिकायतें मिली थीं, तो उन पर स्कूल स्तर पर क्या कार्रवाई की गई, इसकी भी समीक्षा की जाएगी।
प्राचार्य की भूमिका की भी होगी पड़ताल
जांच के दायरे में स्कूल के प्राचार्य की भूमिका को भी शामिल किया जा सकता है। प्रशासन यह देखेगा कि विद्यालय में छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन किस तरह किया जा रहा था और शिकायत मिलने की स्थिति में प्रबंधन ने क्या कदम उठाए। शिकायतों के निपटारे और संबंधित अधिकारियों को जानकारी देने की प्रक्रिया की भी जांच किए जाने की संभावना है।
आवासीय विद्यालयों में सुरक्षा सबसे अहम
एकलव्य विद्यालयों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं आवासीय व्यवस्था के तहत रहकर पढ़ाई करते हैं। ऐसे संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा और उन्हें सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन और स्कूल प्रबंधन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। छात्राओं से जुड़ा यह मामला इसी कारण गंभीर माना जा रहा है और प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत भी सामने आई है।
अब पुलिस जांच के नतीजों पर नजर
फिलहाल प्राचार्य को पद से हटाने और आरोपी शिक्षक के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत FIR दर्ज होने के बाद मामले की जांच आगे बढ़ रही है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है, जबकि प्रशासन स्कूल में पूर्व शिकायतों और प्रबंधन की भूमिका से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रहा है। अब जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। मामले में पुलिस की कार्रवाई और आगे होने वाली जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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