Surguja Land Fraud : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में जमीन बेचने के नाम पर एक बुजुर्ग से 18 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि जमीन के सौदे में शामिल दलालों ने भरोसे में लेकर बुजुर्ग से रकम हासिल की और बाद में जमीन की रजिस्ट्री को लेकर टालमटोल शुरू कर दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दो बार कराया गया जमीन का अनुबंध
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने जमीन का सौदा तय करने के दौरान बुजुर्ग के साथ दो अलग-अलग बार अनुबंध कराया। इस प्रक्रिया के दौरान जमीन दिलाने का भरोसा देकर उनसे रकम ली गई। बुजुर्ग को उम्मीद थी कि अनुबंध के मुताबिक तय प्रक्रिया पूरी होने के बाद जमीन उनके नाम पर रजिस्टर्ड हो जाएगी। हालांकि, बाद में परिस्थितियां बदल गईं और रजिस्ट्री नहीं हो सकी।
चेक के जरिए खाते से निकाली रकम
बताया गया है कि जमीन के सौदे के लिए बुजुर्ग ने आरोपियों को चेक के माध्यम से रकम दी थी। आरोप है कि आरोपियों ने इसी माध्यम से करीब 18 लाख रुपये हासिल कर लिए। रकम लेने के बाद जब बुजुर्ग ने जमीन की रजिस्ट्री कराने की बात कही तो उन्हें अलग-अलग कारण बताकर मामले को टालने का आरोप है।
भरोसा जीतकर रकम लेने का आरोप
पीड़ित बुजुर्ग के अनुसार, जमीन के सौदे से जुड़ी बातचीत के दौरान आरोपियों ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि पूरी कानूनी प्रक्रिया के बाद जमीन उनके नाम कर दी जाएगी। इसी भरोसे के चलते उन्होंने बड़ी रकम का भुगतान किया। लेकिन समय बीतने के बाद भी जमीन उनके नाम नहीं हुई और उन्हें अपने पैसे वापस मिलने में भी परेशानी होने लगी।
रजिस्ट्री नहीं होने पर बढ़ा विवाद
जमीन की रजिस्ट्री नहीं होने के बाद बुजुर्ग ने आरोपियों से अपनी रकम लौटाने की मांग की। शिकायत के अनुसार, इस दौरान उन्हें लगातार आश्वासन दिए जाते रहे, लेकिन भुगतान वापस नहीं किया गया। इसके बाद पीड़ित ने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने दर्ज की FIR
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपों के आधार पर FIR दर्ज की है। पुलिस अब जमीन से संबंधित दस्तावेज, अनुबंध और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। चेक के माध्यम से रकम के लेनदेन की जानकारी भी जुटाई जा रही है, ताकि पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सके।
दस्तावेजों और लेनदेन की होगी जांच
जांच के दौरान पुलिस जमीन के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों के साथ दोनों अनुबंधों की भी पड़ताल कर सकती है। इसके अलावा बैंक रिकॉर्ड और चेक के जरिए हुए भुगतान की जानकारी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रकम लेने के समय आरोपियों की मंशा क्या थी और जमीन की रजिस्ट्री क्यों नहीं कराई गई।
बुजुर्ग की शिकायत के बाद कार्रवाई
जमीन के सौदे में रकम गंवाने के बाद बुजुर्ग ने पुलिस से शिकायत कर न्याय की मांग की। FIR दर्ज होने के बाद अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के तथ्यों के आधार पर होगी। पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद आरोपियों की भूमिका स्पष्ट की जाएगी।
जमीन खरीदते समय सावधानी जरूरी
इस तरह के मामलों से जमीन की खरीद-बिक्री के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत सामने आती है। किसी भी जमीन का सौदा करने से पहले स्वामित्व, रिकॉर्ड, पूर्व अनुबंध और रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेजों की विधिवत जांच करना जरूरी है। बड़ी रकम का भुगतान करने से पहले कानूनी सलाह लेना भी धोखाधड़ी के जोखिम को कम कर सकता है।
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