UCC NDA Controversy : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के वर्ष 2029 तक NDA शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता यानी UCC लागू करने के ऐलान के बाद गठबंधन के भीतर अलग-अलग राय सामने आ रही है। जहां जनता दल यूनाइटेड और चिराग पासवान की पार्टी ने UCC के ड्राफ्ट को सार्वजनिक करने और व्यापक चर्चा की मांग की है, वहीं अब तेलुगु देशम पार्टी ने इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट किया है।
TDP ने अमित शाह के बयान के साथ खड़े होने की बात कही
आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ TDP के प्रदेश अध्यक्ष पी श्रीनिवास राव ने मंगलवार, 15 सितंबर को कहा कि NDA सहयोगी होने के नाते उनकी पार्टी गृह मंत्री अमित शाह के UCC को लेकर दिए बयान से बंधी हुई है। उन्होंने कहा कि UCC को लेकर आलोचनाएं हो रही हैं, लेकिन पार्टी का मानना है कि यह देश की एकता को मजबूत करने में मदद कर सकता है।
धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर उठ रहे सवालों पर जवाब
पी श्रीनिवास राव ने UCC के विरोध में दिए जा रहे तर्कों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आलोचक इसे धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार से जोड़ते हैं और भारत की सांस्कृतिक विविधता का हवाला देते हुए इसके विरोध की बात करते हैं। हालांकि, TDP का मानना है कि समान नागरिक संहिता देश को मजबूत करने और एकजुट करने में भूमिका निभा सकती है।
‘NDA सहयोगी हैं, गृह मंत्री के बयान का पालन करेंगे’
TDP प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी पार्टी NDA का हिस्सा है और इसलिए गृह मंत्री अमित शाह के बयान का पालन करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि UCC को लेकर अलग-अलग विचार हो सकते हैं, लेकिन पार्टी इसे देश की एकता और मजबूती के नजरिए से देखती है। उनके इस बयान से NDA के भीतर UCC को लेकर समर्थन का एक और पक्ष सामने आया है।
आंध्र प्रदेश में TDP-BJP-जन सेना की सरकार
आंध्र प्रदेश में NDA गठबंधन की सरकार है, जिसमें TDP के अलावा BJP और जन सेना पार्टी शामिल हैं। ऐसे में राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष का UCC पर दिया गया बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमित शाह के 2029 के चुनाव से पहले NDA शासित राज्यों में UCC लागू करने के बयान के बाद विपक्ष ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा था।
NDA के कुछ सहयोगियों ने जताई अलग राय
अमित शाह के ऐलान के बाद NDA के कुछ सहयोगी दलों की ओर से बीजेपी से अलग रुख देखने को मिला है। खासतौर पर JDU और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने UCC को लेकर तत्काल समर्थन देने के बजाय प्रक्रिया और प्रस्ताव की स्पष्टता पर जोर दिया है। इससे गठबंधन के भीतर इस मुद्दे पर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
चिराग पासवान ने ड्राफ्ट सार्वजनिक करने की मांग की
केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने UCC के प्रस्ताव पर व्यापक चर्चा की मांग की है। उन्होंने ड्राफ्ट को सार्वजनिक करने की जरूरत बताई है, ताकि इसके प्रावधानों को लेकर स्पष्टता हो सके। चिराग के इस रुख से संकेत मिलता है कि उनकी पार्टी UCC पर अंतिम निर्णय से पहले प्रस्ताव के विवरण को समझना चाहती है।
JDU नेताओं की नीतीश कुमार से मुलाकात
दूसरी ओर, JDU के वरिष्ठ नेताओं ललन सिंह, अशोक चौधरी समेत कई नेताओं ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की है। मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में इन मुलाकातों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नीतीश कुमार के आवास पर वरिष्ठ नेताओं की बैठक को पार्टी, सरकार और आगे की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा से जोड़कर देखा जा रहा है।
2029 से पहले UCC लागू करने का लक्ष्य
अमित शाह ने NDA शासित राज्यों में 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले UCC लागू करने की बात कही है। अब TDP के समर्थन के बाद गठबंधन के भीतर इस मुद्दे पर राजनीतिक समीकरण और महत्वपूर्ण हो गए हैं। हालांकि, JDU और चिराग पासवान की ओर से ड्राफ्ट तथा चर्चा की मांग के बीच यह देखना अहम होगा कि UCC को लेकर NDA में अंतिम सहमति किस तरह बनती है।
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