Shahzad Bhatti Network : केंद्र सरकार ने पाकिस्तान स्थित शहज़ाद भट्टी नेटवर्क (SBN) के खिलाफ आतंकवाद रोधी कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया है। गृह मंत्रालय की कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियों के लिए इस नेटवर्क से जुड़े मामलों में UAPA समेत अन्य कानूनों के तहत जांच और कार्रवाई का आधार मजबूत हुआ है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, SBN के खिलाफ पहले ही देश के कई राज्यों में बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा चुका है।
गृह मंत्री अमित शाह ने कार्रवाई की जानकारी दी
गृह मंत्री अमित शाह ने अगस्त में सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए SBN के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई की जानकारी साझा की थी। सरकार के अनुसार, नेटवर्क को पाकिस्तान स्थित और ISI समर्थित बताया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने इस नेटवर्क को हथियारों, विस्फोटकों और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामलों में जांच के दायरे में रखा है। हालांकि, नेटवर्क से जुड़े आरोपों और मामलों का अंतिम निर्धारण संबंधित जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
14 राज्यों में एक साथ चलाया गया था अभियान
स्वतंत्रता दिवस से पहले 12 अगस्त को सुरक्षा एजेंसियों ने राज्य पुलिस बलों के साथ मिलकर 14 राज्यों में समन्वित अभियान चलाया था। गृह मंत्रालय के अनुसार, इस कार्रवाई में कुल 253 लोगों को हिरासत में लिया गया। उत्तर प्रदेश में 62, हरियाणा में 52, दिल्ली में 51 और पंजाब में 44 लोगों को हिरासत में लिया गया था। राजस्थान में 15, महाराष्ट्र में 8 और उत्तराखंड में 5 लोग पकड़े गए थे।
कई राज्यों में सामने आए नेटवर्क से जुड़े मामले
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, कर्नाटक, गुजरात और बिहार में तीन-तीन तथा तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और केरल में दो-दो लोगों को हिरासत में लिया गया। दिल्ली और कर्नाटक में नए FIR भी दर्ज किए गए। इसके साथ ही SBN से जुड़े मामलों में 80 से अधिक FIR और 200 से ज्यादा गिरफ्तारियां दर्ज होने की जानकारी गृह मंत्रालय ने दी है। इन मामलों में UAPA, BNS, आर्म्स एक्ट, NDPS एक्ट और एक्सप्लोसिव सब्सटेंसेज एक्ट जैसी धाराओं के तहत कार्रवाई की गई।
IED और पाकिस्तान मार्किंग वाले ग्रेनेड बरामद
सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई के दौरान IED, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री की मार्किंग वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और कथित तौर पर निगरानी या जासूसी में इस्तेमाल किए जाने वाले CCTV कैमरे बरामद किए गए। गृह मंत्रालय ने इन बरामदगी को नेटवर्क के कथित सीमा-पार कनेक्शन से जोड़ा है। एजेंसियों के मुताबिक, SBN पर ग्रेनेड, IED और पेट्रोल बम हमलों तथा टारगेट किलिंग से जुड़े होने के आरोप हैं।
पुलिस और संवेदनशील ठिकानों की रेकी का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, नेटवर्क से जुड़े स्थानीय लोगों का इस्तेमाल कथित तौर पर पुलिस प्रतिष्ठानों, रक्षा ठिकानों और धार्मिक स्थलों की रेकी के लिए किया जाता था। एजेंसियों का यह भी कहना है कि कुछ स्थानों पर निगरानी के लिए CCTV कैमरे लगाए गए। इन आरोपों से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियां डिजिटल और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं। SBN से संबंधित जांच को कई राज्यों तक विस्तारित किया गया है।
पहले भी UAPA के तहत दर्ज हुए हैं मामले
SBN से जुड़े मामलों में UAPA का इस्तेमाल पहले से किया जा रहा था। अगस्त में उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी केंद्र से शहज़ाद भट्टी और उसके नेटवर्क को UAPA के तहत आतंकवादी के रूप में सूचीबद्ध करने की मंजूरी मांगी थी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, यह अनुरोध UAPA की धारा 35 के तहत किया गया था।
कार्रवाई के बाद जांच का दायरा और बढ़ा
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त की बहु-राज्यीय कार्रवाई के बाद SBN से जुड़े मामलों में जांच जारी रही। सुरक्षा एजेंसियां नेटवर्क के कथित स्थानीय संपर्कों, वित्तीय लेनदेन, डिजिटल गतिविधियों और सीमा-पार कनेक्शन की जांच कर रही हैं। अब UAPA के तहत की गई आगे की कार्रवाई के साथ इस नेटवर्क से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रिया और जांच का दायरा महत्वपूर्ण रूप से बढ़ गया है।
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