EU Social Media Ban : यूरोपीय संघ बच्चों को सोशल मीडिया और डिजिटल दुनिया के संभावित खतरों से बचाने के लिए उम्र आधारित नए नियमों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने 16 सितंबर 2026 को स्ट्रासबर्ग में अपने वार्षिक ‘स्टेट ऑफ द यूरोपियन यूनियन’ भाषण के दौरान बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर नई पहल की जानकारी दी। प्रस्ताव के तहत 13 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेम और AI चैटबॉट जैसी सेवाओं तक सामान्य पहुंच नहीं देने की बात कही गई है।
अलग-अलग उम्र के बच्चों के लिए अलग डिजिटल नियम
यूरोपीय संघ की प्रस्तावित व्यवस्था में बच्चों की उम्र के आधार पर डिजिटल सेवाओं तक पहुंच के अलग-अलग स्तर निर्धारित करने की योजना है। 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए प्रतिबंधित पहुंच का मॉडल प्रस्तावित किया गया है, जबकि किशोरों के लिए अधिक सीमित और निगरानी वाली व्यवस्था हो सकती है। हालांकि, इन प्रस्तावों को अंतिम कानूनी रूप देने के लिए आगे यूरोपीय संघ की विधायी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
13 से 15 साल के बच्चों के लिए ‘मिनी अकाउंट’
प्रस्तावित मॉडल में 13 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए ‘मिनी अकाउंट’ का विकल्प शामिल किया जा सकता है। ऐसे अकाउंट में सामान्य सोशल मीडिया प्रोफाइल की तुलना में अधिक सुरक्षा नियंत्रण होंगे और अभिभावकों की निगरानी की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। उद्देश्य यह है कि कम उम्र के किशोरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय पूरी तरह खुले और अनियंत्रित वातावरण में न छोड़ा जाए।
बच्चों को लत लगाने वाले फीचर्स पर भी नजर
यूरोपीय आयोग का ध्यान केवल उम्र सीमा तय करने तक सीमित नहीं है। प्रस्तावित डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था में ऐसे फीचर्स को नियंत्रित करने पर भी जोर है, जो बच्चों को लंबे समय तक प्लेटफॉर्म पर बनाए रखने के लिए डिजाइन किए जाते हैं। आयोग पहले भी सोशल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल, अनुचित सामग्री और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त कर चुका है। जून 2026 में यूरोपीय आयोग के विशेष पैनल ने भी बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा मजबूत करने को लेकर सिफारिशें तैयार की थीं।
AI से तैयार आपत्तिजनक तस्वीरों को लेकर चिंता
वॉन डेर लेयेन ने AI के दुरुपयोग से बच्चों और किशोरों को होने वाले नुकसान का मुद्दा भी उठाया। खास तौर पर AI की मदद से किसी व्यक्ति की तस्वीर में हेरफेर कर आपत्तिजनक या यौन सामग्री तैयार करने की समस्या को लेकर चिंता जताई गई है। डिजिटल तकनीक के तेजी से विस्तार के बीच EU बच्चों को ऐसे कंटेंट और तकनीकी दुरुपयोग से बचाने के लिए सुरक्षा उपायों को मजबूत करना चाहता है।
उम्र की जांच और प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी बढ़ेगी
यदि प्रस्तावित नियम कानून का रूप लेते हैं, तो सोशल मीडिया कंपनियों और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्मों को उम्र की पुष्टि तथा बच्चों की सुरक्षा से जुड़े उपाय मजबूत करने पड़ सकते हैं। हालांकि, उम्र सत्यापन के तरीके को लेकर निजता और डेटा सुरक्षा जैसे सवाल भी उठ रहे हैं। यूरोपीय आयोग ने पहले ही इस विषय पर विशेषज्ञों और सदस्य देशों के साथ चर्चा शुरू कर दी है।
ऑस्ट्रेलिया और यूरोप में भी चल रही बहस
बच्चों की सोशल मीडिया पहुंच को लेकर बहस केवल यूरोपीय संघ तक सीमित नहीं है। ऑस्ट्रेलिया और कई यूरोपीय देशों में भी कम उम्र के बच्चों के डिजिटल प्लेटफॉर्म इस्तेमाल को लेकर अलग-अलग नीतियों पर काम हुआ है। EU के विशेष पैनल ने भी ऑस्ट्रेलिया सहित विभिन्न देशों के अनुभवों पर विचार किया था।
अंतिम फैसला अभी बाकी, कानून बनने में लगेगा समय
EU की यह योजना अभी प्रस्ताव के स्तर पर है और इसे लागू करने के लिए आगे राजनीतिक तथा कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सदस्य देशों और यूरोपीय संसद के बीच चर्चा के बाद नियमों में बदलाव भी संभव है। इसलिए 13 साल की उम्र सीमा और किशोरों के लिए प्रस्तावित ‘मिनी अकाउंट’ व्यवस्था को फिलहाल प्रस्तावित मॉडल के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि लागू हो चुके कानून के रूप में।
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