Raipur Bulldozer Action : रायपुर की रावतपुरा कॉलोनी फेस-2 में गणेश पर्व के दौरान नगर निगम ने कथित अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की। जोन-6 क्षेत्र में लेआउट से बाहर बनाए गए करीब 40 निर्माणों को हटाने के लिए निगम का अमला बुलडोजर लेकर पहुंचा। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। मकानों पर कार्रवाई होते देखकर मौके पर लोगों की भीड़ भी जमा हो गई।
कार्रवाई के दौरान महिला ने लगाई गुहार
तोड़फोड़ की कार्रवाई के बीच एक महिला हाथ जोड़कर अधिकारियों से कार्रवाई रोकने की गुहार लगाती दिखाई दी। इस दौरान प्रभावित परिवारों में चिंता और नाराजगी का माहौल नजर आया। महिला की गुहार से जुड़ा वीडियो सामने आने की बात भी कही जा रही है। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया था।
जलभराव और मूलभूत सुविधाओं की शिकायतों का हवाला
नगर निगम के जोन-6 कमिश्नर हितेंद्र यादव के अनुसार, रावतपुरा कॉलोनी फेस-2 से जलभराव, बिजली, पानी और नाली से संबंधित शिकायतें पहले प्राप्त हुई थीं। इन शिकायतों को देखते हुए क्षेत्र में लेआउट के बाहर किए गए निर्माणों की जांच की गई। निगम का कहना है कि संबंधित बिल्डरों को नियमानुसार नोटिस दिए गए थे और निर्धारित प्रक्रिया के बाद निर्माण हटाने की कार्रवाई की गई।
स्वीकृत लेआउट से बाहर निर्माण का आरोप
निगम अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित निर्माण स्वीकृत लेआउट के बाहर बिना अनुमति के कराए गए थे। कार्रवाई नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर और जोन कमिश्नर हितेंद्र यादव के मार्गदर्शन में की गई। मौके पर कार्यपालन अभियंता दिनेश सिन्हा सहित निगम के अन्य अधिकारी और पुलिस प्रशासन के कर्मचारी मौजूद रहे। निगम के अनुसार, बिल्डरों ने भविष्य में लेआउट से बाहर निर्माण नहीं कराने की बात कही है।
कांग्रेस नेता कन्हैया अग्रवाल ने उठाए सवाल
कार्रवाई का कांग्रेस ने विरोध किया है। प्रदेश महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने आरोप लगाया कि गणेश उत्सव के दौरान करीब 40 मध्यम और निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों के मकानों पर कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि आम लोग अपनी जीवनभर की कमाई लगाकर घर बनाते हैं और यदि उन्होंने सरकारी दस्तावेजों, रजिस्ट्री तथा अन्य प्रक्रियाओं के आधार पर संपत्ति खरीदी है, तो बाद में उसे अवैध बताकर तोड़ने से परिवारों के सामने गंभीर संकट खड़ा होता है।
डायवर्सन और रजिस्ट्री प्रक्रिया पर सवाल
कन्हैया अग्रवाल ने भूमि के डायवर्सन, रजिस्ट्री और सरकारी रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि कृषि भूमि को आवासीय उपयोग के लिए अनुमति किस आधार पर मिली और सरकारी रिकॉर्ड में उसका विवरण कैसे दर्ज हुआ। उन्होंने रजिस्ट्री कार्यालय की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि दस्तावेज और शुल्क स्वीकार किए जाने के बाद संपत्तियों को बाद में अवैध कैसे माना गया। बैंक ऋण और बीमा मिलने की स्थिति में भी उन्होंने संबंधित प्रक्रियाओं की जांच की मांग की।
जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
कांग्रेस नेता ने कथित अवैध प्लॉटिंग को संरक्षण देने वाले लोगों और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की। उनका कहना है कि जांच में यदि किसी अधिकारी या अन्य व्यक्ति की अनियमितता सामने आती है तो उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी रखी है।
नियमितीकरण और राहत की मांग
कन्हैया अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से कार्रवाई रोकने और प्रभावित परिवारों को राहत देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जनहित को ध्यान में रखते हुए संबंधित मकानों के नियमितीकरण की संभावना पर विचार किया जाना चाहिए। फिलहाल नगर निगम अपने स्तर पर निर्माणों को लेआउट से बाहर और नियमों के विपरीत बता रहा है, जबकि कांग्रेस प्रभावित परिवारों के दस्तावेजों और सरकारी प्रक्रियाओं की जांच की मांग कर रही है। मामले में आगे प्रशासनिक कार्रवाई के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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