CBFC New Board : केंद्र सरकार ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी CBFC के नए बोर्ड का गठन कर दिया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 16 सितंबर 2026 को इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की। नए बोर्ड का गठन तत्काल प्रभाव से लागू माना गया है। अधिसूचना के अनुसार पुनर्गठित बोर्ड तीन साल की अवधि या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगा। इसके साथ ही फिल्म प्रमाणन से जुड़े मामलों में नए बोर्ड की भूमिका शुरू हो गई है।
सिनेमैटोग्राफ कानून के तहत लिया गया फैसला
सरकार ने CBFC के पुनर्गठन का निर्णय सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 की धारा 3 की उप-धारा (1) के तहत प्राप्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए लिया है। इसके अलावा सिनेमैटोग्राफ (प्रमाणन) नियमावली, 2024 के नियम 3 के प्रावधानों को भी आधार बनाया गया है। नए बोर्ड में अलग-अलग रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को शामिल किया गया है, जिससे फिल्म, कला, संगीत और मनोरंजन जगत के अनुभव को बोर्ड में प्रतिनिधित्व मिलने की बात सामने आती है।
नए CBFC बोर्ड में कुल 18 सदस्य
पुनर्गठित केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड में कुल 18 सदस्यों को जगह दी गई है। इस सूची में फिल्म कलाकारों के साथ संगीत, साहित्य, कला, टेलीविजन और मनोरंजन क्षेत्र से जुड़े चर्चित नाम शामिल हैं। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक इन सदस्यों को बोर्ड की जिम्मेदारी तत्काल प्रभाव से सौंपी गई है। नए बोर्ड के गठन के बाद फिल्मों के प्रमाणन से संबंधित प्रक्रियाओं में इन सदस्यों की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
मनोज जोशी और प्रियदर्शन समेत बड़े नाम
नए बोर्ड में अभिनेता मनोज जोशी, फिल्म निर्देशक प्रियदर्शन और अभिनेता सुनील शेट्टी को शामिल किया गया है। इसके अलावा अभिनेता पंकज त्रिपाठी, पल्लवी जोशी, प्रसेनजीत चटर्जी और रूपाली गांगुली जैसे नाम भी बोर्ड का हिस्सा हैं। इन सदस्यों का चयन फिल्म और मनोरंजन क्षेत्र में उनके अनुभव के साथ व्यापक रचनात्मक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
संगीत और साहित्य जगत को भी प्रतिनिधित्व
CBFC के नए बोर्ड में संगीत और साहित्य क्षेत्र से भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। ग्रैमी पुरस्कार विजेता संगीतकार रिकी केज और गायक हंसराज हंस को सदस्य बनाया गया है। साहित्य से जुड़े यतींद्र मिश्र और सामाजिक-सांस्कृतिक क्षेत्र में सक्रिय रमेश पतंगे को भी बोर्ड में जगह मिली है। इसके अलावा विनोद अनुपम और यतींद्र मिश्र जैसे नाम रचनात्मक और साहित्यिक पृष्ठभूमि का प्रतिनिधित्व करते हैं।
दक्षिण भारतीय सिनेमा से जुड़े नाम भी शामिल
नए बोर्ड में अलग-अलग भाषाई सिनेमा से जुड़े लोगों को भी शामिल किया गया है। तेलुगु फिल्म जगत से जुड़ी सुप्रिया यारलागड्डा और मलयालम सिनेमा के निर्देशक प्रियदर्शन को सदस्य बनाया गया है। बंगाली सिनेमा से जुड़े प्रसेनजीत चटर्जी का नाम भी सूची में है। वहीं फिल्म निर्माता नीला माधव पांडा और थिएटर जगत से जुड़े वामन केंद्रे को भी बोर्ड में शामिल किया गया है।
मनोरंजन और कला क्षेत्र के कई चेहरे
बोर्ड में अभिनेत्री प्रीति जिंटा, अभिनेत्री पल्लवी जोशी और रूपाली गांगुली जैसे लोकप्रिय चेहरे शामिल हैं। अभिनेत्री निशिगंधा वाड और फिल्म निर्माता अभिषेक जैन को भी सदस्य बनाया गया है। इस तरह नए बोर्ड में फिल्मों के साथ टेलीविजन, थिएटर, संगीत, साहित्य और अन्य रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों का प्रतिनिधित्व दिखाई देता है।
तीन साल तक रहेगा नया बोर्ड
केंद्र सरकार की अधिसूचना के मुताबिक पुनर्गठित CBFC बोर्ड का कार्यकाल तीन साल या अगले आदेश तक रहेगा। दोनों में से जो अवधि पहले समाप्त होगी, वही प्रभावी मानी जाएगी। CBFC फिल्मों को सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए प्रमाणपत्र जारी करने वाली प्रमुख वैधानिक संस्था है। ऐसे में नए बोर्ड के गठन को फिल्म प्रमाणन व्यवस्था में महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
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