UP Election 2027 : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर राजधानी लखनऊ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अहम समन्वय बैठक आयोजित की गई। राजधानी के एक रिसॉर्ट में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में संगठन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक तीन अलग-अलग चरणों में चली, जिसमें जमीनी स्तर की स्थिति, संगठनात्मक चुनौतियों और आगामी चुनाव की तैयारियों को लेकर पदाधिकारियों से फीडबैक लिया गया।
बीएल संतोष और अरुण कुमार ने लिया जमीनी फीडबैक
बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार प्रमुख रूप से मौजूद रहे। शीर्ष पदाधिकारियों ने विभिन्न स्तरों पर काम कर रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं से सीधे बातचीत की। इस दौरान पदाधिकारियों ने क्षेत्रवार समस्याओं और जनता के बीच सामने आ रहे मुद्दों की जानकारी नेतृत्व के सामने रखी। संगठन की मजबूती और बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने को भी चर्चा का प्रमुख हिस्सा बनाया गया।
युवाओं के बीच UGC और पेपर लीक बने संवेदनशील मुद्दे
जमीनी पदाधिकारियों ने बैठक में बताया कि युवाओं के बीच यूजीसी, पेपर लीक और रोजगार से जुड़े विषय काफी संवेदनशील बने हुए हैं। विपक्षी दल इन मुद्दों को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर हैं। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक भ्रष्टाचार, कार्यकर्ताओं की अधिकारियों के स्तर पर सुनवाई न होना और जातिगत राजनीति से जुड़ी चर्चाओं को भी संगठन के सामने चुनौती के रूप में रखा गया। पदाधिकारियों ने बताया कि इन मुद्दों का असर युवाओं और स्थानीय मतदाताओं के बीच दिखाई दे रहा है।
विपक्षी नैरेटिव से बचने और लक्ष्य पर फोकस का संदेश
जमीनी फीडबैक सुनने के बाद बीएल संतोष और अरुण कुमार ने संगठन के पदाधिकारियों का मार्गदर्शन किया। नेतृत्व की ओर से कहा गया कि चुनावी माहौल के दौरान विपक्ष अलग-अलग मुद्दों के जरिए भ्रम पैदा करने का प्रयास करेगा। ऐसे में पार्टी के कार्यकर्ताओं को विपक्ष द्वारा बनाए गए नैरेटिव में उलझने के बजाय संगठन द्वारा तय लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। कार्यकर्ताओं से कहा गया कि वे जनता के बीच तथ्यों और सरकार के कार्यों को स्पष्ट तरीके से रखें।
पेपर लीक पर सरकार के कदम जनता तक पहुंचाने की रणनीति
बैठक में यूजीसी और पेपर लीक से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। नेतृत्व ने कहा कि ऐसी घटनाओं के बाद सरकार की ओर से सख्त कानून और आवश्यक कदम उठाए गए हैं। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया कि वे युवाओं के बीच सरकार की कार्रवाई और संबंधित नीतियों की जानकारी रखें तथा उन्हें सही तथ्यों के साथ जनता तक पहुंचाएं। इससे विपक्ष के आरोपों के बीच सरकार का पक्ष लोगों के सामने रखने की रणनीति पर जोर दिया गया।
विकास योजनाओं को घर-घर पहुंचाने पर जोर
बैठक में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। संगठन के पदाधिकारियों से कहा गया कि योजनाओं के लाभार्थियों और आम नागरिकों के बीच लगातार संपर्क बढ़ाया जाए। इसके लिए ‘सेवा संकल्प अभियान’ को भी महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में इस्तेमाल करने की बात कही गई। लक्ष्य रखा गया कि अधिक से अधिक लोगों तक सरकार के कार्यों और योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जाए।
बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने की तैयारी
बैठक के अंतिम चरण में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। संघ, भाजपा और उससे जुड़े विभिन्न संगठनों के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम करने की रणनीति पर चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं को कानून-व्यवस्था, विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से जनता के बीच उठाने का निर्देश दिया गया। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाने और समाज के विभिन्न वर्गों तक संपर्क मजबूत करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
Read More : Trump Tariff India: रूस प्रतिबंध बिल पास, भारत पर 100% टैरिफ लगाने का अधिकार अब ट्रंप के हाथ में