Bilaspur Marriage Fraud : बिलासपुर में कथित फर्जी बायोडाटा के आधार पर शादी करने और विवाह से पहले अलग-अलग बहाने बनाकर लाखों रुपए लेने का मामला सामने आया है। शिकायत के मुताबिक, हर्षदीप नामक युवक ने खुद को अच्छी पढ़ाई और नौकरी वाला बताकर युवती के परिवार को भरोसे में लिया। बाद में शादी की रात ही उसके दावों की सच्चाई सामने आने लगी। मामले में हर्षदीप, उसकी मां राजो जाड़ी समेत तीन लोगों के खिलाफ शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है।
12 मार्च को होटल में हुआ था विवाह
शिकायत के अनुसार, दोनों का विवाह 12 मार्च 2026 को बिलासपुर स्थित होटल पेट्रीशियन में हुआ था। विवाह से पहले हर्षदीप और उसके परिवार की ओर से कथित तौर पर आर्थिक जरूरतों का हवाला दिया गया। युवती के परिवार को बताया गया कि शादी की तैयारियों और अन्य खर्चों के लिए रकम की आवश्यकता है। हर्षदीप के पिता लोधन राम ने विवाह का खर्च उठाने की बात कही थी।
फरवरी और मार्च में खातों में ट्रांसफर हुए लाखों रुपए
युवती के परिवार के मुताबिक, फरवरी और मार्च के दौरान अलग-अलग जरूरतों का हवाला देकर हर्षदीप और उसकी मां राजो जाड़ी के बैंक खातों में कुल 4.96 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए। इसके अलावा हर्षदीप के व्यक्तिगत खाते में भी 60 हजार रुपए भेजे गए। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विवाह से पहले लगातार अलग-अलग कारण बताकर परिवार से पैसे लिए जाते रहे।
शादी की रात टेंट और कैटरिंग ने काम रोका
विवाह समारोह के दौरान उस समय परिवार को बड़ा झटका लगा, जब टेंट और कैटरिंग से जुड़े कर्मचारियों ने काम शुरू नहीं किया। पूछताछ करने पर पता चला कि संबंधित लोगों को पूरी रकम का भुगतान नहीं किया गया था। टेंट और कैटरिंग संचालकों ने बताया कि उन्हें केवल 10-10 हजार रुपए एडवांस के रूप में मिले थे। इससे शादी के खर्च को लेकर परिवार के सामने स्थिति स्पष्ट होने लगी।
दुल्हन के पिता और मामा ने किया भुगतान
काम रुकने के बाद युवती के पिता ने कैटरर को 90 हजार रुपए दिए, जबकि उसके मामा ने टेंट संचालक को 90 हजार रुपए का भुगतान किया। परिवार को आरोप है कि जिन खर्चों को पहले से पूरा बताया गया था, उनका वास्तविक भुगतान नहीं किया गया था। इस घटना के बाद परिवार को हर्षदीप द्वारा दी गई जानकारी पर संदेह होने लगा।
होटल ने भुगतान नहीं होने पर कार रोकी
अगले दिन होटल से बाहर निकलते समय एक और मामला सामने आया। होटल संचालक ने कथित तौर पर हर्षदीप की कार को भुगतान नहीं होने के कारण रोक लिया। इसके बाद हर्षदीप और उसके पिता के मोबाइल फोन बंद हो गए। इस घटनाक्रम ने युवती और उसके परिवार के संदेह को और गहरा कर दिया। परिवार ने हर्षदीप की पढ़ाई, नौकरी और संपत्ति से जुड़ी जानकारी की पड़ताल शुरू की।
बिट्स पिलानी में पढ़ाई का दावा निकला कथित तौर पर गलत
शिकायत के अनुसार, पूछताछ के दौरान हर्षदीप ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने बिट्स पिलानी से पढ़ाई नहीं की है। इसके अलावा उसके पास कोई नौकरी भी नहीं थी। आरोप है कि वह अपने पिता के साथ इमू पक्षी के तेल का कारोबार करता था। इस जानकारी के सामने आने के बाद परिवार को कथित तौर पर बायोडाटा में दी गई जानकारी पर संदेह हुआ।
शादी में मिले जेवरों की जांच में भी सामने आया मामला
परिवार ने विवाह के दौरान मिले आभूषणों की भी जांच कराई। शिकायत के मुताबिक, जांच में ये जेवर नकली पाए गए। इसके बाद युवती के परिवार ने पूरे मामले को कथित धोखाधड़ी के रूप में देखा और पुलिस से शिकायत की। मामले में हर्षदीप, उसकी मां राजो जाड़ी समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और पैसों के लेन-देन की जांच कर रही है।
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