GPMI vs HDMI: TV, मॉनिटर, लैपटॉप और गेमिंग कंसोल जैसे डिवाइस को आपस में जोड़ने के लिए HDMI का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है। हाई-क्वालिटी ऑडियो और वीडियो ट्रांसफर के कारण HDMI एक लोकप्रिय कनेक्शन स्टैंडर्ड बन चुका है। हालांकि, अब केबल टेक्नोलॉजी की दुनिया में GPMI यानी General Purpose Media Interface नाम तेजी से चर्चा में है। इसे 50 से अधिक चीनी टेक कंपनियों ने मिलकर विकसित किया है।
एक ही केबल से वीडियो, ऑडियो और पावर ट्रांसफर
GPMI की सबसे खास बात इसका ऑल-इन-वन डिजाइन है। यह सिर्फ वीडियो और ऑडियो ट्रांसफर तक सीमित नहीं है, बल्कि एक ही केबल के जरिए डेटा, नेटवर्क, कंट्रोल सिग्नल और पावर भी भेज सकता है। इसका उद्देश्य अलग-अलग कामों के लिए इस्तेमाल होने वाली कई केबल्स की जरूरत को कम करना है। इससे बड़े AV सेटअप को व्यवस्थित और सरल बनाने में मदद मिल सकती है।
GPMI Type-C और Type-B में उपलब्ध है
GPMI को फिलहाल दो प्रमुख फॉर्मेट यानी Type-C और Type-B में पेश किया गया है। Type-C में USB-C जैसे कनेक्टर का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें 96Gbps तक की बैंडविड्थ और 240W तक Power Delivery का सपोर्ट दिया गया है। दूसरी ओर, GPMI Type-B के लिए अलग तरह का कनेक्टर इस्तेमाल होता है, जो 192Gbps तक बैंडविड्थ और 480W तक पावर सपोर्ट कर सकता है। दोनों फॉर्मेट 8K वीडियो को सपोर्ट करते हैं।
हाई-बैंडविड्थ डिवाइस के लिए उपयोगी हो सकता है GPMI
GPMI का डिजाइन खास तौर पर उन डिवाइस और सेटअप को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जहां बड़ी मात्रा में डेटा ट्रांसफर की जरूरत होती है। 8K डिस्प्ले, वीडियो वॉल, डिजिटल साइनेज, कॉन्फ्रेंस रूम और गेमिंग जैसे क्षेत्रों में इसका इस्तेमाल उपयोगी हो सकता है। एक ही कनेक्शन से कई प्रकार के सिग्नल और पावर ट्रांसफर होने की वजह से केबल क्लटर कम किया जा सकता है।
GPMI और HDMI में बैंडविड्थ का अंतर
बैंडविड्थ की तुलना करें तो GPMI Type-B कागज पर HDMI की तुलना में ज्यादा क्षमता प्रदान करता है। GPMI Type-B में 192Gbps तक बैंडविड्थ का दावा किया गया है, जबकि HDMI 2.2 की अधिकतम बैंडविड्थ 96Gbps है। हालांकि, ज्यादा बैंडविड्थ का मतलब यह नहीं है कि हर परिस्थिति में तस्वीर की क्वालिटी अपने आप बेहतर होगी। पिक्चर क्वालिटी पर रिजॉल्यूशन, कंप्रेशन, कलर डेप्थ और डिवाइस सपोर्ट जैसे कई कारकों का प्रभाव पड़ता है।
सिर्फ पिक्चर क्वालिटी के आधार पर नहीं होगा फैसला
GPMI 8K वीडियो सपोर्ट पर फोकस करता है, जबकि आधुनिक HDMI और DisplayPort स्टैंडर्ड इससे ज्यादा रिजॉल्यूशन के लिए भी सक्षम हैं। HDMI 2.1 और DisplayPort 2.1 जैसे कनेक्शन कुछ परिस्थितियों में 10K और 16K तक आउटपुट सपोर्ट कर सकते हैं। इसलिए किसी एक टेक्नोलॉजी को केवल अधिक बैंडविड्थ के आधार पर बेहतर पिक्चर क्वालिटी वाला मानना सही नहीं होगा।
HDMI की जगह लेने में GPMI के सामने बड़ी चुनौती
GPMI के स्पेसिफिकेशन मजबूत दिखाई देते हैं, लेकिन इसके सामने सबसे बड़ी चुनौती बाजार में अपनाए जाने की है। HDMI पहले से TV, मॉनिटर, लैपटॉप, गेमिंग कंसोल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में व्यापक रूप से इस्तेमाल होता है। GPMI को अपनाने के लिए नए हार्डवेयर और कंपैटिबल डिवाइस की जरूरत होगी। पुराने HDMI या DisplayPort डिवाइस के साथ इसकी सीधी बैकवर्ड कंपैटिबिलिटी भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।
भविष्य में बढ़ सकता है GPMI का इस्तेमाल
GPMI की हाई बैंडविड्थ, पावर डिलीवरी और एक ही केबल से कई तरह के सिग्नल ट्रांसफर करने की क्षमता इसे एक दिलचस्प नई टेक्नोलॉजी बनाती है। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि कितने डिवाइस निर्माता और यूजर्स इसे अपनाते हैं। फिलहाल HDMI का स्थापित इकोसिस्टम मजबूत है, जबकि GPMI को अपनी जगह बनाने के लिए हार्डवेयर सपोर्ट और व्यापक अपनाने की जरूरत होगी।
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