Rozgar Mela 2026 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोजगार और युवा सशक्तिकरण को लेकर सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए 20वें रोजगार मेले में 51,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्ति पाने वाले युवाओं को संबोधित किया गया। प्रधानमंत्री ने सभी चयनित उम्मीदवारों को बधाई देते हुए रोजगार के बदलते अवसरों और अर्थव्यवस्था में युवाओं की भूमिका पर बात की।
सरकारी नौकरियों के साथ बदल रहा रोजगार का परिदृश्य
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में रोजगार के पारंपरिक अवसरों के साथ नए क्षेत्रों में भी संभावनाएं बढ़ रही हैं। सरकारी सेवाओं में नियुक्त होने वाले युवाओं के साथ निजी क्षेत्र, स्टार्टअप और उद्यमिता भी रोजगार के नए माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने युवाओं को बदलती अर्थव्यवस्था के साथ अपने कौशल को विकसित करने और नए अवसरों का लाभ उठाने पर जोर दिया।
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम का उल्लेख करते हुए कहा कि देश दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बन चुका है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप संस्कृति अब केवल दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। छोटे शहरों के युवा भी नए कारोबार और तकनीकी विचारों के साथ आगे आ रहे हैं।
छोटे शहरों से भी सामने आ रहे नए स्टार्टअप
प्रधानमंत्री के अनुसार, मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में करीब आधे Tier-2 और Tier-3 शहरों से जुड़े हैं। इसका मतलब है कि उद्यमिता का विस्तार देश के छोटे शहरों और अन्य क्षेत्रों तक भी हो रहा है। इन शहरों के युवा नए उत्पाद और सेवाएं विकसित करने के साथ अपने उद्यमों के जरिए दूसरे लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी तैयार कर रहे हैं।
विकसित भारत रोजगार योजना का किया गया जिक्र
निजी क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि करीब एक लाख करोड़ रुपये के बजट वाली इस योजना का उद्देश्य लगभग दो करोड़ युवाओं को पहली बार कार्यबल से जोड़ने में मदद करना है। योजना के तहत पहली नौकरी पाने वाले युवाओं के लिए सरकार की ओर से 15,000 रुपये तक के इंसेंटिव का प्रावधान बताया गया है।
नए रोजगार देने वाले नियोक्ताओं को भी प्रोत्साहन
प्रधानमंत्री ने बताया कि रोजगार योजना में केवल कर्मचारियों को ही प्रोत्साहन देने पर ध्यान नहीं दिया गया है। नए रोजगार के अवसर पैदा करने वाले नियोक्ताओं को भी प्रोत्साहन देने की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य कंपनियों और संस्थानों को अतिरिक्त नियुक्तियां करने के लिए प्रोत्साहित करना है, जिससे निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ सकें।
करीब 40 देशों के साथ भारत के FTA का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने भारत के वैश्विक व्यापार विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत ने लगभग 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते यानी FTA किए हैं। इन समझौतों के जरिए भारतीय कंपनियों और उद्यमियों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कारोबार की संभावनाएं बढ़ने की बात कही गई। इससे युवाओं के लिए वैश्विक स्तर पर काम और उद्यमिता के अवसर भी विकसित हो सकते हैं।
PM SETU के तहत ITI को आधुनिक बनाने पर जोर
युवाओं के कौशल विकास के लिए ‘PM SETU’ योजना का भी जिक्र किया गया। प्रधानमंत्री के मुताबिक, इस पहल के तहत 60,000 करोड़ रुपये के निवेश से 1,000 सरकारी आईटीआई को आधुनिक बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण और कौशल विकास को मजबूत करना है, ताकि युवाओं को रोजगार बाजार में आवश्यक तकनीकी क्षमताएं हासिल हो सकें।
रोजगार और कौशल विकास को जोड़ने पर सरकार का फोकस
रोजगार मेले के दौरान प्रधानमंत्री के संबोधन में सरकारी नियुक्तियों के साथ स्टार्टअप, निजी क्षेत्र, वैश्विक व्यापार और कौशल विकास को रोजगार के व्यापक ढांचे से जोड़ने पर जोर रहा। 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र मिलने के साथ कार्यक्रम में रोजगार के बदलते स्वरूप और युवाओं के लिए उभरते अवसरों को भी रेखांकित किया गया।
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