DUSU Election Results 2026 : दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ यानी DUSU चुनाव 2026 की मतगणना शनिवार 19 सितंबर को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई। चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI), वाम गठबंधन AISA-SFI और निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच मुकाबला देखने को मिला। शुरुआती रुझानों से ही चारों प्रमुख पदों पर मुकाबला रोचक बना रहा और कई राउंड तक उम्मीदवारों की स्थिति लगातार बदलती रही।
अध्यक्ष पद पर ABVP और NSUI के बीच सीधा मुकाबला
अध्यक्ष पद के लिए ABVP के यश डबास और NSUI के विजय शंकर मीणा के बीच मुख्य मुकाबला रहा। शुरुआती राउंड में यश डबास आगे रहे, लेकिन बाद के राउंड में विजय शंकर मीणा ने बढ़त बनाई। 12वें राउंड के बाद उपलब्ध आंकड़ों में NSUI के विजय शंकर मीणा को 14,530 वोट और ABVP के यश डबास को 14,106 वोट मिले थे। इससे अध्यक्ष पद की दौड़ बेहद करीबी बनी रही।
उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन का दबदबा
उपाध्यक्ष पद के मुकाबले में निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने शुरुआत से ही मजबूत स्थिति बनाए रखी। उनके सामने ABVP के ईशू मौर्य और NSUI के वीर चतरथ प्रमुख उम्मीदवार रहे। शुरुआती रुझानों से लेकर आगे की मतगणना तक दीपांशु शौकीन बढ़त बनाए हुए दिखाई दिए। 10वें राउंड के बाद उन्हें 15,591 वोट मिले थे, जबकि अन्य उम्मीदवार उनसे काफी पीछे थे।
सचिव पद पर ABVP उम्मीदवार को बढ़त
सचिव पद की मतगणना में ABVP की रिया छावड़ी और NSUI की नम्रता चौधरी के बीच मुकाबला रहा। उपलब्ध रुझानों में रिया छावड़ी कई राउंड तक आगे रहीं। 10वें राउंड के बाद रिया को 9,953 वोट मिले थे, जबकि नम्रता चौधरी के खाते में 7,712 वोट दर्ज हुए थे। हालांकि, अंतिम नतीजे घोषित होने तक रुझानों को जीत का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता।
संयुक्त सचिव पद पर भी बदली तस्वीर
संयुक्त सचिव पद पर ABVP के लक्ष्य राज सिंह, NSUI के गोपाल चौधरी और समाजवादी छात्र संगठन से जुड़े उम्मीदवार विशेष यादव के बीच मुकाबला हुआ। शुरुआती चरणों में तीनों के बीच वोटों का अंतर लगातार बदलता रहा। 10वें राउंड के आंकड़ों में विशेष यादव 8,007 वोट के साथ आगे थे, जबकि NSUI के गोपाल चौधरी को 7,918 और ABVP के लक्ष्य राज सिंह को 7,425 वोट मिले थे।
डूसू चुनाव में 40.46 प्रतिशत मतदान
DUSU चुनाव में इस बार 40.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान दिल्ली विश्वविद्यालय के 52 केंद्रों पर हुआ। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, यह पिछले कुछ वर्षों की तुलना में अधिक मतदान प्रतिशत रहा। विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव को लेकर छात्रों के बीच कैंपस सुविधाओं, छात्रावास, बुनियादी ढांचे और छात्र प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
छात्र राजनीति में डूसू चुनाव का महत्व
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव को देश की चर्चित छात्र राजनीति की प्रक्रियाओं में गिना जाता है। चुनाव में ABVP और NSUI के अलावा AISA-SFI तथा निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। इस बार प्रचार अभियान में सोशल मीडिया का इस्तेमाल, छात्रावास और कैंपस इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे मुद्दे भी चर्चा में रहे। विभिन्न संगठनों ने छात्रों से जुड़े अलग-अलग मुद्दों को अपने अभियान का हिस्सा बनाया।
सत्य निकेतन हादसा भी चुनावी चर्चा में रहा
चुनावी माहौल के दौरान छात्र आवास और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में रहे। सत्य निकेतन में छात्रावास से जुड़ी दुर्घटना में पांच लोगों की मौत के बाद छात्र सुरक्षा और आवासीय सुविधाओं को लेकर सवाल उठे थे। इसके अलावा छात्रों के प्रतिनिधित्व और विश्वविद्यालय की विभिन्न सुविधाओं से जुड़े मुद्दे भी चुनावी बहस का हिस्सा बने।
अंतिम नतीजों पर टिकी सभी की नजर
DUSU चुनाव की मतगणना कई चरणों में हुई और अलग-अलग राउंड में उम्मीदवारों की स्थिति बदलती रही। इसलिए शुरुआती बढ़त को अंतिम जीत मानना उचित नहीं था। 19 सितंबर को जारी रुझानों में अध्यक्ष और संयुक्त सचिव पदों पर करीबी मुकाबला देखने को मिला, जबकि उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन और सचिव पद पर ABVP की रिया छावड़ी की स्थिति मजबूत बनी रही।
Read More : Damoh Murder: पत्नी और तीन बच्चों की हत्या, पति ने कुल्हाड़ी से किया हमला; हिरासत में आरोपी