Disha Salian Case : सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। दिशा के पिता सतीश सालियान की ओर से उनके अधिवक्ता ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के डिप्टी एसपी को एक विस्तृत शिकायत सौंपकर मामले से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक सबूतों और CCTV फुटेज में कथित छेड़छाड़ की जांच की मांग की है। CBI ने सितंबर 2026 में बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू की है।
इलेक्ट्रॉनिक सबूतों से छेड़छाड़ का लगाया आरोप
शिकायत में दावा किया गया है कि दिशा की इमारत में लगे DVR और उससे संबंधित रिकॉर्डिंग के साथ गंभीर स्तर पर कथित तौर पर छेड़छाड़ हुई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि DVR को बिना उचित कानूनी पंचनामे के तत्कालीन पुलिस अधिकारी सचिन वाजे ने अपने कब्जे में लिया था। इसके बाद पेन ड्राइव में फुटेज कॉपी किए जाने और कुछ रिकॉर्डिंग हटाए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
CCTV फुटेज के गायब हिस्से पर उठे सवाल
शिकायत में 11 दिसंबर 2025 की बताई गई एक फोरेंसिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि 4 जून से 9 जून 2020 के बीच की कुछ CCTV फुटेज उपलब्ध नहीं है। साथ ही बैकअप वाली हार्ड डिस्क को कथित तौर पर नष्ट करने या छिपाने के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि इन डिजिटल रिकॉर्ड्स की पूरी तकनीकी जांच कर यह पता लगाया जाना चाहिए कि रिकॉर्डिंग कब, कैसे और किसके स्तर पर प्रभावित हुई।
परमबीर सिंह की टाइमलाइन पर भी सवाल
शिकायत में तत्कालीन मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के एक कथित प्रेस कॉन्फ्रेंस बयान का उल्लेख किया गया है। इसमें शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि 3 अगस्त 2020 को CCTV फुटेज की जांच की जानकारी दी गई थी, जबकि बैकअप हार्ड डिस्क को आधिकारिक तौर पर 6 अगस्त को खोले और सत्यापित किए जाने की बात कही गई है। इसी कथित अंतर के आधार पर परमबीर सिंह की भूमिका और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों तक उनकी पहुंच की जांच की मांग की गई है।
कथित गवाह ‘X1’ के बयान का भी जिक्र
CBI को दी गई शिकायत के साथ एक कथित प्रत्यक्षदर्शी ‘X1’ का रिकॉर्डेड बयान भी पेन ड्राइव में संलग्न किए जाने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि इस बयान में दिशा के साथ गंभीर अपराध से संबंधित आरोप हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि जांच एजेंसियों की जांच के बाद ही हो सकेगी।
कई लोगों की पूछताछ की मांग
शिकायत में आदित्य ठाकरे, सचिन वाजे, परमबीर सिंह, समीर वानखेड़े और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की मांग की गई है। साथ ही तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख की भूमिका की भी जांच की मांग रखी गई है। शिकायतकर्ता ने डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और संचार से जुड़े संभावित सबूतों को जांच का हिस्सा बनाने की मांग की है।
वकील को धमकियों का भी लगाया आरोप
सतीश सालियान ने अपने वकील को कथित तौर पर मिल रही धमकियों पर भी नाराजगी जताई है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सच सामने आएगा और गलत काम करने वालों को परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कथित मानहानि और वकील को हाईकोर्ट में प्रैक्टिस से रोकने की धमकियों को लेकर कानूनी कार्रवाई की बात भी कही है। हाल में इस मामले में सतीश सालियान की ओर से आदित्य ठाकरे को मानहानि का कानूनी नोटिस दिए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई थी।
CBI जांच से आगे बढ़ी मामले की कानूनी प्रक्रिया
दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को हुई थी। मामले में लंबे समय से अलग-अलग आरोप और जांच की मांग उठती रही है। अब बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद CBI की FIR और जांच ने मामले को नई कानूनी दिशा दी है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों को जांच के निष्कर्ष आने तक आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
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