Varanasi News : वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र में यूपी एटीएस को बड़ी कार्रवाई में सफलता मिलने की जानकारी सामने आई है। टेंगरा मोड़ के पास हुई मुठभेड़ में प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी यानी टीपीसी के कमांडर बृजेश उर्फ गंजू उर्फ गोपाल के मारे जाने की सूचना है। पुलिस के अनुसार, बृजेश झारखंड के चतरा जिले का रहने वाला था और लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की तलाश में था।
मोटरसाइकिल से मुगलसराय की तरफ जा रहा था आरोपी
यूपी एटीएस के मुताबिक, बृजेश गंझू अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर टेंगरा मोड़ से मुगलसराय की दिशा में जा रहा था। इसी दौरान एटीएस टीम को मुखबिर से उसकी गतिविधियों और मौजूदगी की सूचना मिली। सूचना के आधार पर टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोकने की कोशिश की।
रोकने पर भागने की कोशिश और फिर शुरू हुई फायरिंग
अधिकारियों के अनुसार, एटीएस टीम ने बृजेश और उसके साथी को रोककर गिरफ्तार करने का प्रयास किया। पुलिस का दावा है कि रुकने के बजाय दोनों ने मौके से भागने की कोशिश की। इसके बाद एटीएस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान कथित तौर पर बृजेश ने सुरक्षा बलों की टीम पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की गई।
क्रॉस फायरिंग में गोली लगने से घायल हुआ बृजेश
पुलिस के मुताबिक, दोनों तरफ से हुई फायरिंग के दौरान बृजेश गंझू को गोली लगी। मुठभेड़ के बाद एटीएस टीम ने उसे घायल अवस्था में तत्काल अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी तथा मामले से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू कर दी।
अधिकारियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी लगी गोली
मुठभेड़ के दौरान एटीएस टीम के अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर भी जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, बृजेश की ओर से की गई फायरिंग में डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियां लगीं। हालांकि, बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से दोनों पुलिसकर्मियों को गंभीर चोट नहीं आई।
झारखंड में वांछित था नक्सली कमांडर
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, बृजेश उर्फ गंजू उर्फ गोपाल झारखंड के चतरा जिले का निवासी था। उस पर झारखंड में प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी से जुड़े होने और संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के आरोप थे। सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थीं। उसकी गतिविधियों को लेकर झारखंड पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों की भी नजर थी।
बृजेश पर घोषित था लाखों रुपये का इनाम
बृजेश गंझू की गिरफ्तारी के लिए झारखंड पुलिस ने 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके अलावा राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए की ओर से भी उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित बताया गया है। इस तरह दोनों एजेंसियों की ओर से घोषित इनाम की कुल राशि 30 लाख रुपये बताई जा रही है। इसी वजह से वह सुरक्षा एजेंसियों की नजर में एक महत्वपूर्ण वांछित नक्सली था।
मुठभेड़ के बाद जांच में जुटी पुलिस टीम
मुठभेड़ के बाद पुलिस और एटीएस की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फायरिंग के दौरान इस्तेमाल हथियार, कारतूस और अन्य संभावित साक्ष्यों को लेकर भी जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बृजेश के साथ मौजूद व्यक्ति की भूमिका क्या थी और वह किस उद्देश्य से वाराणसी आया था।
यूपी एटीएस की कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा
वाराणसी जैसे महत्वपूर्ण शहर में वांछित नक्सली कमांडर की मौजूदगी की सूचना के बाद हुई यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस के अनुसार, बृजेश के खिलाफ झारखंड में गंभीर मामले दर्ज थे और वह लंबे समय से फरार चल रहा था। मुठभेड़ से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है और आगे की जानकारी आधिकारिक जांच के बाद सामने आने की उम्मीद है।
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