Houthi Attack : मध्य पूर्व में जारी सैन्य तनाव के बीच ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के रियाद समेत कई प्रमुख इलाकों को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाने का दावा किया है। हमलों के बाद सऊदी अरब ने रियाद सहित देश के विभिन्न हिस्सों में हवाई हमले को लेकर चेतावनी जारी की। लगातार बदलती सुरक्षा परिस्थितियों के बीच क्षेत्र में नागरिकों की चिंता भी बढ़ गई है।
रियाद में एयर डिफेंस ने बैलिस्टिक मिसाइल को रोका
हूतियों ने शनिवार को दावा किया कि उन्होंने रियाद में कई संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाया। इसके बाद राजधानी के मुख्य हवाई अड्डे के आसपास आग की लपटें और काले धुएं का गुबार दिखाई देने की खबर सामने आई। सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के अनुसार, उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने रियाद की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया।
यान्बू में सऊदी अरामको की फैसिलिटी पर हमले का दावा
हूती समूह ने रियाद के अलावा लाल सागर के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र यान्बू में सऊदी अरामको की एक सुविधा को निशाना बनाने का भी दावा किया। समूह के मुताबिक, ये हमले यमन की राजधानी सना में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की कार्रवाई के जवाब में किए गए। हालांकि, हमलों और नुकसान से जुड़ी अलग-अलग जानकारियों की स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार है।
कई इलाकों में हमले नाकाम करने का सऊदी गठबंधन का दावा
सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने कहा कि उसने बिश, फरासन, ताइफ और यान्बू में नागरिकों को निशाना बनाने वाले कथित हमलों को नाकाम किया। क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच सऊदी सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। ड्रोन और मिसाइल हमलों की आशंका को देखते हुए नागरिकों को सुरक्षा निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है।
अमेरिका ने पश्चिम एशिया के लिए STEP अलर्ट जारी किया
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिकी हितों के लिए संभावित खतरे को देखते हुए अमेरिका ने भी अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। अमेरिकी दूतावासों की ओर से क्षेत्र के कई देशों के संबंध में यात्रा संबंधी चेतावनियां दी गई हैं। नागरिकों से Smart Traveler Enrollment Program यानी STEP में पंजीकरण कराने की अपील की गई है, ताकि उन्हें सुरक्षा संबंधी ताजा अपडेट मिल सकें।
कई देशों की यात्रा को लेकर अमेरिका ने दी चेतावनी
अमेरिकी सुरक्षा सलाह में ईरान, इराक, लेबनान, सीरिया, यमन और गाजा की यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। ईरान में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को तत्काल देश छोड़ने की सलाह भी दी गई है। वहीं सऊदी अरब की यात्रा पर पुनर्विचार करने को कहा गया है। इसके अलावा बहरीन, ओमान, कतर, कुवैत और जॉर्डन के लिए भी सुरक्षा अलर्ट जारी किए गए हैं।
हूतियों ने नौसैनिक नाकाबंदी के बाद बढ़ाए हमले
हूतियों ने जुलाई में सऊदी अरब के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी की घोषणा के बाद हमले तेज करने की बात कही है। उनके कथित निशानों में सऊदी शहरों के अलावा ऊर्जा ढांचा और लाल सागर में समुद्री परिवहन शामिल रहा है। इन घटनाओं से वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर संभावित असर को लेकर चिंता बढ़ी है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति भी पहले से तनावपूर्ण बताई जा रही है।
अमेरिका के बाहर भी अपने हितों को लेकर चिंतित वाशिंगटन
अमेरिका ने चेतावनी दी है कि ईरान और उसके समर्थक समूह मध्य पूर्व के बाहर भी अमेरिकी हितों को निशाना बना सकते हैं। इनमें अमेरिकी राजनयिक प्रतिष्ठान, कारोबार और अमेरिकी नागरिकों से जुड़े स्थान शामिल हो सकते हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने क्षेत्र में मौजूद नागरिकों को स्थानीय सुरक्षा हालात पर लगातार नजर रखने और यात्रा से पहले ताजा जानकारी हासिल करने की सलाह दी है।
ट्रंप कैंप डेविड से तय समय से पहले व्हाइट हाउस लौटे
बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कैंप डेविड में रात बिताने के बाद निर्धारित कार्यक्रम से पहले व्हाइट हाउस लौट आए। उनका कैंप डेविड दौरा तय समय से पहले समाप्त हुआ। इसी दौरान अमेरिका का एक बॉम्बर ब्रिटेन स्थित एयरबेस से रवाना होने की जानकारी भी सामने आई, जिससे क्षेत्रीय घटनाक्रम पर निगाहें और बढ़ गई हैं।
हूती हमलों पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया भी सामने आई
क्षेत्रीय तनाव के बीच तुर्की ने पाकिस्तान और सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौते के तहत मदद की पेशकश की है। वहीं संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी हूती हमलों की निंदा की है। दूसरी ओर, राष्ट्रपति ट्रंप ने सऊदी अरब की अपील के बावजूद हूतियों के खिलाफ सीधे अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप से इनकार किया है। फिलहाल मध्य पूर्व में सैन्य गतिविधियों और सुरक्षा अलर्ट का सिलसिला जारी है।
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