Hamid Ansari Controversy : पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की ओर से जवाहरलाल नेहरू के एक पुराने कथन का हवाला दिए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंसारी के बयान को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा और पार्टी की मौजूदा वैचारिक दिशा पर सवाल उठाए।
2019 की किताब के संदर्भ से शुरू हुआ विवाद
सुधांशु त्रिवेदी ने एजी नूरानी की 2019 में प्रकाशित किताब The RSS: A Menace to India का संदर्भ देते हुए हामिद अंसारी के हालिया बयान का जिक्र किया। अंसारी ने 18 सितंबर को एजी नूरानी मेमोरियल लेक्चर में इस पुस्तक की प्रस्तावना के संदर्भ से नेहरू के एक कथित पुराने बयान को सामने रखा था। इस बयान को तत्कालीन विदेश सचिव जगत सिंह गुंडेविया द्वारा विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की एक बैठक से जुड़ा रिकॉर्ड बताया गया है।
नेहरू के कथित बयान को लेकर बीजेपी का पलटवार
हामिद अंसारी के अनुसार, नूरानी की किताब में नेहरू से जुड़ी एक टिप्पणी का उल्लेख है, जिसमें भारत के लिए साम्यवाद के बजाय हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता को खतरा बताया गया था। इसी संदर्भ को लेकर सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस की वर्तमान राजनीति पर सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि अंसारी के बयान से कांग्रेस की विचारधारा को लेकर बीजेपी के पुराने आरोपों को बल मिलता है।
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर लगाए आरोप
बीजेपी प्रवक्ता ने अपने संबोधन में कांग्रेस को ‘मुस्लिम लीग-माओवादी कांग्रेस’ कहकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति में वामपंथ और मुस्लिम लीग से जुड़े राजनीतिक रुख का प्रभाव बढ़ा है। यह बीजेपी नेता का राजनीतिक आरोप है, जबकि कांग्रेस की ओर से इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट के आधार पर उपलब्ध नहीं है।
कांग्रेस के अति-वामपंथी होने का दावा
सुधांशु त्रिवेदी ने आगे कहा कि कांग्रेस कथित तौर पर अति-वामपंथी दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने राहुल गांधी और कम्युनिज्म से जुड़े अपने राजनीतिक आरोपों का भी उल्लेख किया। त्रिवेदी ने कहा कि नेहरू का संदर्भ बीजेपी ने नहीं, बल्कि हामिद अंसारी की ओर से सामने आई चर्चा ने राजनीतिक बहस में लाया है। उन्होंने संवैधानिक पद पर रह चुके व्यक्ति द्वारा दिए गए संदर्भ को भी अपने तर्क का आधार बनाया।
केरल में कांग्रेस-आईयूएमएल गठबंधन पर सवाल
बीजेपी प्रवक्ता ने केरल में कांग्रेस और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के राजनीतिक गठबंधन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य में मुस्लिम लीग के साथ कांग्रेस का राजनीतिक सहयोग मौजूद है। त्रिवेदी ने इसे कांग्रेस की विचारधारा से जोड़ते हुए सवाल किया कि क्या इस गठबंधन को पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष राजनीति के संदर्भ में देखा जा सकता है।
मुस्लिम लीग के इतिहास का किया जिक्र
त्रिवेदी ने अपने बयान में मुस्लिम लीग के इतिहास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग को मोहम्मद अली जिन्ना के नेतृत्व वाली मुस्लिम लीग से अलग बताना सही नहीं है। उन्होंने पार्टी के संस्थापक मोहम्मद इस्माइल के पुराने राजनीतिक संबंधों और उन्हें दिए गए ‘कायद-ए-मिल्लत’ संबोधन का जिक्र करते हुए कांग्रेस के मौजूदा गठबंधन पर सवाल उठाए।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ा विवाद
हामिद अंसारी के बयान के बाद बीजेपी की प्रतिक्रिया ने इस मुद्दे को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। अंसारी ने अपने भाषण में नागरिक राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के बीच अंतर को लेकर भी विचार रखे थे। उन्होंने हाल के वर्षों में ऐसी प्रवृत्तियों का जिक्र किया, जिन्हें वे नागरिक राष्ट्रवाद की स्थापित अवधारणा के लिए चुनौती मानते हैं।
कांग्रेस की विचारधारा पर बीजेपी ने फिर उठाए सवाल
सुधांशु त्रिवेदी के बयान से साफ है कि बीजेपी ने अंसारी के नेहरू संदर्भ को कांग्रेस की मौजूदा राजनीति से जोड़कर मुद्दा बनाया है। दूसरी ओर, अंसारी ने जिस टिप्पणी का हवाला दिया था, वह उनका मूल कथन नहीं बल्कि नूरानी की 2019 की पुस्तक में दर्ज नेहरू से संबंधित ऐतिहासिक संदर्भ के रूप में पेश की गई थी। ऐसे में इस पूरे विवाद में नेताओं के राजनीतिक दावों और मूल ऐतिहासिक संदर्भ के बीच अंतर बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
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