Surajpur Job Fraud : सूरजपुर जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। खड़गवां चौकी क्षेत्र के एक युवक को आरोपियों ने खुद को साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) का अधिकारी बताकर नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद उससे 3 लाख 55 हजार रुपये ले लिए गए। नौकरी के बदले आरोपी ने युवक को नियुक्ति पत्र भी दिया, लेकिन बाद में पता चला कि वह दस्तावेज फर्जी था।
नौकरी ज्वाइन करने पहुंचा तो खुला फर्जी नियुक्ति पत्र का राज
माझापारा निवासी ललित राम को जब कथित नियुक्ति पत्र मिला तो उसने नौकरी ज्वाइन करने की प्रक्रिया शुरू की। संबंधित स्थान पर पहुंचने के बाद उसे पता चला कि उसके पास मौजूद नियुक्ति पत्र वास्तविक नहीं है। इसके बाद युवक को ठगी का अहसास हुआ। उसने मामले की शिकायत सूरजपुर जिले की खड़गवां चौकी में दर्ज कराई और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी।
SECL अधिकारी बनकर आरोपियों ने युवक को अपने जाल में फंसाया
पीड़ित ललित राम ने पुलिस को बताया कि एमसीबी जिले के पोड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत नागपुर चौकी के घाट पास सरभोका निवासी निलेश पाल और उसके दो अन्य साथियों ने उसे SECL में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। आरोपियों ने कथित तौर पर खुद को कंपनी का अधिकारी बताया और नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उससे रकम हासिल की। पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने अलग-अलग माध्यमों से उससे कुल 3 लाख 55 हजार रुपये लिए।
रकम लेने के बाद थमाया फर्जी नियुक्ति पत्र
पुलिस के अनुसार, पैसे लेने के बाद आरोपियों ने युवक को नौकरी से संबंधित नियुक्ति पत्र सौंप दिया। दस्तावेज को देखकर पीड़ित को उस समय किसी तरह का संदेह नहीं हुआ। लेकिन जब वह नौकरी ज्वाइन करने के लिए पहुंचा तो नियुक्ति पत्र के फर्जी होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद उसने पुलिस से संपर्क किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने मुखबिर और तकनीकी मदद से आरोपी को पकड़ा
मामले की गंभीरता को देखते हुए सूरजपुर पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल ने आरोपियों की तलाश कर जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद खड़गवां चौकी पुलिस ने जांच के दौरान मुखबिर से मिली सूचना और तकनीकी संसाधनों की मदद से मुख्य आरोपी की पहचान की। पुलिस ने निलेश पाल, पिता स्वर्गीय पिंटू पाल, उम्र 38 वर्ष, को गिरफ्तार कर लिया।
न्यायालय में पेशी के बाद आरोपी को भेजा गया जेल
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी को सोमवार को न्यायालय के समक्ष पेश किया। अदालत की प्रक्रिया के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। पुलिस अब मामले में शामिल उसके दो अन्य कथित साथियों की तलाश कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ठगी के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र कैसे तैयार किया गया और इस मामले में अन्य लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं।
PhonePe और नकद के जरिए ली गई थी ठगी की रकम
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने कथित तौर पर अपने दो साथियों के साथ मिलकर पीड़ित से रकम लेने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, ठगी की राशि का कुछ हिस्सा PhonePe के माध्यम से और कुछ रकम नकद ली गई थी। अब पुलिस लेनदेन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे जांच कर रही है।
नौकरी के नाम पर ठगी से पुलिस ने किया सावधान
इस कार्रवाई में खड़गवां चौकी प्रभारी मनोज सिंह और उनकी टीम की सक्रिय भूमिका बताई गई है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश के साथ पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। नौकरी के नाम पर होने वाली ऐसी ठगी में फर्जी नियुक्ति पत्र और अधिकारी होने का दावा करके लोगों को भरोसे में लिया जाता है। ऐसे मामलों में किसी भी नौकरी के लिए पैसे देने से पहले संबंधित कंपनी या विभाग से नियुक्ति की आधिकारिक पुष्टि करना जरूरी है।
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