Nandigram Bypoll: नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पूर्व मेदिनीपुर जिले की एक अदालत ने उन्हें 2007 में भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दौरान दर्ज एक आपराधिक मामले में 7 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस आदेश के कारण प्रधान उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार में शामिल नहीं हो सकेंगे।
7 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजे गए
कांथी अदालत के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने हत्या सहित भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं से जुड़े मामले में प्रधान को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अभियोजन पक्ष ने अदालत से उनकी हिरासत की मांग की थी। अदालत के आदेश के बाद कांग्रेस उम्मीदवार के सामने चुनाव प्रचार से जुड़ी बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
प्रचार खत्म होने से पहले बढ़ी परेशानी
नंदीग्राम सीट पर 6 अक्टूबर को मतदान होना है, जबकि चुनाव प्रचार 4 अक्टूबर को समाप्त हो जाएगा। ऐसे में 7 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत का आदेश प्रधान को प्रचार अभियान से बाहर रखेगा। उपचुनाव के नतीजे 9 अक्टूबर को घोषित किए जाने हैं। इसलिए अदालत का यह आदेश कांग्रेस उम्मीदवार के चुनाव कार्यक्रम के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वकील ने अदालत में क्या कहा
प्रधान के वकील प्रसनजीत जना ने अदालत में बताया कि कांग्रेस उम्मीदवार को पहले ही आर्म्स एक्ट से जुड़े एक मामले में 5 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। अब 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े दूसरे मामले में भी उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया है। बचाव पक्ष ने अदालत के सामने इन परिस्थितियों का उल्लेख किया।
कलकत्ता हाईकोर्ट में 24 सितंबर को सुनवाई
मिलन प्रधान की याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट 24 सितंबर को सुनवाई करेगा। प्रधान की ओर से दायर याचिका में दावा किया गया है कि मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से इस मामले का उल्लेख नहीं किया गया था। कांग्रेस उम्मीदवार के अधिवक्ता अयन भट्टाचार्य ने न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य के समक्ष मामले का उल्लेख किया।
गिरफ्तारी और रिमांड को लेकर दावा
प्रधान के वकील ने हाईकोर्ट में कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार को गिरफ्तार दिखाकर इस मामले में रिमांड के लिए अदालत के सामने पेश किया गया था। बचाव पक्ष की ओर से इस प्रक्रिया और मामले की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। अब हाईकोर्ट की सुनवाई पर प्रधान और उनकी चुनावी टीम की नजर है।
पहले भी न्यायिक हिरासत में भेजे गए थे
इससे पहले 21 सितंबर को कांथी अदालत ने लगभग दो दशक पुराने आर्म्स एक्ट मामले में प्रधान को 5 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा था। इसके अलावा 19 सितंबर को हल्दिया अनुमंडल अदालत ने नंदीग्राम से जुड़े 2007 के मामलों में लंबित चार अन्य गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट के संबंध में उन्हें 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था।
2007 में दर्ज हुए थे कई मामले
साल 2007 में पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम और खेजुरी थानों में मिलन प्रधान के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। पुलिस के अनुसार, उन्हें इन मामलों में लंबित गैर-जमानती वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया गया। अब पुराने मामलों में हुई कानूनी कार्रवाई का असर नंदीग्राम उपचुनाव के दौरान उनके चुनाव प्रचार पर पड़ रहा है।
नंदीग्राम सीट पर 6 अक्टूबर को मतदान
नंदीग्राम विधानसभा सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के खाली करने के बाद उपचुनाव के लिए जा रही है। यहां 6 अक्टूबर को मतदान होगा और 9 अक्टूबर को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। ऐसे में मतदान से कुछ दिन पहले कांग्रेस उम्मीदवार का न्यायिक हिरासत में जाना चुनावी घटनाक्रम में महत्वपूर्ण घटनाक्रम बन गया है।
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