Iran President UNGA Speech: संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने ट्रंप की ओर से ईरान को आतंकवाद से जोड़ने वाले आरोपों का जिक्र किया। पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान स्वयं लंबे समय से आतंकवाद और हिंसा का सामना करता रहा है और उसके नागरिकों को कई हमलों में जान गंवानी पड़ी है।
‘हम खुद आतंकवाद के शिकार रहे हैं’
ईरानी राष्ट्रपति ने अपने भाषण में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक दिन पहले ईरान को आतंकवादी बताया था। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि ईरान खुद आतंकवाद का शिकार रहा है। पेजेश्कियान ने अपने देश में हुए विभिन्न हमलों और हिंसक घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं में आम नागरिकों को भी निशाना बनाया गया।
ईरानी सर्वोच्च नेता की हत्या का किया जिक्र
मसूद पेजेश्कियान ने अपने संबोधन में ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनके देश में सर्वोच्च नेता की हत्या बिना कानूनी प्रक्रिया और किसी उचित कारण के की गई। पेजेश्कियान ने इस घटना को ईरान के खिलाफ हुई गंभीर कार्रवाई के तौर पर पेश किया और कहा कि देश ने ऐसी परिस्थितियों का सामना किया है।
स्कूल पर हमले का उठाया मुद्दा
ईरानी राष्ट्रपति ने अपने भाषण में एक स्कूल पर हुए हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह ऐसे ईरान से आते हैं, जहां एक स्कूल को भी बमबारी का सामना करना पड़ा। पेजेश्कियान ने दावा किया कि इस घटना में बच्चों की मौत हुई और वे पूरी तरह निर्दोष थे। उन्होंने इस घटना को नागरिकों पर हुए हमलों के संदर्भ में संयुक्त राष्ट्र के मंच पर उठाया।
मंच से दिखाई बच्चों की तस्वीरें
अपने संबोधन के दौरान पेजेश्कियान ने मिनाब स्कूल हमले से जुड़े बच्चों की तस्वीरें भी मंच पर दिखाईं। उन्होंने तस्वीरों के जरिए हमले में मारे गए बच्चों की ओर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की। उनके अनुसार, इन बच्चों का किसी तरह के अपराध से कोई संबंध नहीं था और वे संघर्ष के दौरान अपनी जान गंवा बैठे।
पीड़ितों और कब्रों की तस्वीरें दिखाईं
ईरानी राष्ट्रपति ने अपने भाषण के दौरान बच्चों और अन्य पीड़ितों से जुड़ी तस्वीरों के साथ उनकी कब्रों की तस्वीरें भी प्रदर्शित कीं। उन्होंने इन तस्वीरों के माध्यम से ईरानी नागरिकों पर पड़े संघर्ष के प्रभाव को सामने रखने की कोशिश की। पेजेश्कियान ने कहा कि हमलों में बड़ी संख्या में निर्दोष लोगों को नुकसान उठाना पड़ा है।
नागरिकों और संस्थानों पर हमलों का आरोप
पेजेश्कियान ने अपने संबोधन में केवल नागरिकों की मौत का मुद्दा नहीं उठाया, बल्कि ईरानी संस्थानों और अन्य ठिकानों पर हुए हमलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके देश पर हुए हमलों में आम लोगों को निशाना बनाया गया। ईरानी राष्ट्रपति ने इन घटनाओं को देश के खिलाफ की गई कार्रवाई के रूप में प्रस्तुत किया।
‘ईरान ने सिर्फ अपना बचाव किया’
अपने संबोधन में मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान ने अपने खिलाफ हुए हमलों के जवाब में अपनी पूरी क्षमता के साथ केवल आत्मरक्षा की। उन्होंने कहा कि ईरान ने जिन परिस्थितियों का सामना किया, उनमें नागरिकों की सुरक्षा और देश की रक्षा प्रमुख चिंता रही। संयुक्त राष्ट्र महासभा में उनके भाषण का केंद्र ईरान पर लगे आरोपों का जवाब और संघर्ष में मारे गए नागरिकों का मुद्दा रहा।
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