Onion Price: त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले प्याज की कीमतों पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में आपूर्ति बढ़ाने का फैसला किया है। उपभोक्ता मामलों के विभाग के अनुसार, राज्य में अब तक करीब 1,400 टन प्याज 35 रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर उपलब्ध कराया जा चुका है। आने वाले दिनों में भी बंगाल के बाजारों में बफर स्टॉक से प्याज की आपूर्ति जारी रहेगी।
24 सितंबर को कोलकाता पहुंच रही कांदा एक्सप्रेस
सरकार के मूल्य स्थिरीकरण कोष यानी Price Stabilization Fund (PSF) के बफर स्टॉक से प्याज लेकर विशेष मालगाड़ी ‘कांदा एक्सप्रेस’ 24 सितंबर को कोलकाता पहुंच रही है। इस नई खेप के आने के बाद कोलकाता और आसपास के जिलों में रियायती दर वाला प्याज अधिक मात्रा में उपलब्ध होने की उम्मीद है। इसका उद्देश्य त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली मांग के बीच बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखना है।
35 रुपये किलो में मोबाइल वैन से बिक्री
उपभोक्ता मामलों के विभाग के मुताबिक, भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED) और भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ (NCCF) की मोबाइल वैन के जरिए अब तक करीब 1,400 टन प्याज सड़क मार्ग से वितरित किया गया है। इन मोबाइल वैन के माध्यम से उपभोक्ताओं को प्याज 35 रुपये प्रति किलो की रियायती कीमत पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
रेल से तेजी से पहुंचेगा प्याज
‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए बड़ी मात्रा में प्याज को कम समय में कोलकाता और आसपास के बाजारों तक पहुंचाने की योजना है। सरकार का मानना है कि रेल परिवहन से आपूर्ति व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने की स्थिति में अतिरिक्त आपूर्ति बाजार में कीमतों पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद कर सकती है।
कोलकाता के 25 से ज्यादा बाजारों में बिक्री
फिलहाल कोलकाता के 25 से अधिक प्रमुख स्थानों और बाजारों में बफर स्टॉक वाले प्याज की खुदरा बिक्री की जा रही है। इनमें कोले मार्केट, मेचुआ मंडी, मानिकतला मार्केट, रामपुरिया मार्केट और श्याम बाजार मार्केट जैसे प्रमुख बाजार शामिल हैं। इन स्थानों पर उपभोक्ताओं को रियायती दर पर प्याज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
सुफल बांग्ला आउटलेट्स पर भी बिक्री की तैयारी
केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल सरकार के साथ मिलकर ‘सुफल बांग्ला’ आउटलेट्स के माध्यम से भी बफर स्टॉक वाले प्याज की बिक्री की संभावनाएं तलाश रही है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो रियायती प्याज की पहुंच और अधिक उपभोक्ताओं तक बढ़ सकती है। सरकार का लक्ष्य मांग के अनुरूप बाजार में आपूर्ति बनाए रखना है।
100 से ज्यादा शहरों में पहुंचा बफर स्टॉक
कोलकाता पहुंचने वाली ‘कांदा एक्सप्रेस’ केंद्र सरकार की देशव्यापी आपूर्ति रणनीति का हिस्सा है। इसके तहत रेल और सड़क परिवहन के माध्यम से बफर स्टॉक का प्याज अलग-अलग शहरों में भेजा जा रहा है। 24 अगस्त 2026 से NAFED और NCCF के माध्यम से बफर स्टॉक से लक्षित बिक्री शुरू की गई थी। अब तक 100 से अधिक शहरों में इसकी आपूर्ति की जा चुकी है।
कई राज्यों में प्याज की कीमतों में नरमी
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बढ़ी हुई आपूर्ति का असर कई राज्यों के खुदरा बाजारों में दिखाई दिया है। पिछले सप्ताह 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में प्याज की खुदरा कीमतें स्थिर रहीं या उनमें गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, तमिलनाडु और बिहार समेत कई राज्यों में कीमतों में नरमी देखने को मिली।
कीमतों और उपलब्धता पर सरकार की निगरानी
उपभोक्ता मामलों का विभाग देश के प्रमुख बाजारों में प्याज की उपलब्धता और दैनिक कीमतों पर लगातार नजर रख रहा है। सरकार बफर स्टॉक को चरणबद्ध तरीके से बाजार में उतार रही है, ताकि त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने के बावजूद आपूर्ति प्रभावित न हो। केंद्र का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य बाजार में संतुलन बनाए रखना और उपभोक्ताओं पर बढ़ती कीमतों का अतिरिक्त दबाव कम करना है।
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