Akhilesh Yadav Krishna Poster : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गुरुवार को PDA रथ के जरिए रायबरेली पहुंचे। पार्टी के कार्यक्रम के मुताबिक, उन्होंने बछरावां क्षेत्र से रथ यात्रा शुरू की और रायबरेली शहर की ओर बढ़े। इस दौरे में अखिलेश यादव के हरचंदपुर से सपा विधायक राहुल लोधी के घर जाने और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात का कार्यक्रम भी शामिल रहा।
अखिलेश के स्वागत में लगा भगवान कृष्ण वाला पोस्टर
अखिलेश यादव के रायबरेली पहुंचने से पहले शहर की मुख्य सड़क पर एक बड़ा पोस्टर लगाया गया, जिसने राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा। पोस्टर में अखिलेश यादव को भगवान कृष्ण के रूप में दिखाया गया है। उनके सिर पर मोरपंख वाला मुकुट, पीले पारंपरिक वस्त्र और हाथ में बांसुरी दिखाई गई है। पोस्टर सपा युवजन सभा के प्रदेश सचिव एडवोकेट विश्वास द्विवेदी की ओर से लगाया गया था।
पोस्टर में खुद को सुदामा दिखाया
इस पोस्टर में विश्वास द्विवेदी ने खुद को सुदामा के रूप में प्रस्तुत किया है। पोस्टर पर अखिलेश यादव को ‘PDA महानायक’ बताया गया और स्वागत संदेश में उन्हें ‘माधव’ कहकर संबोधित किया गया। पोस्टर में इस्तेमाल किए गए कृष्ण-सुदामा प्रतीक के कारण यह बैनर सोशल मीडिया और स्थानीय राजनीतिक चर्चा में प्रमुख विषय बन गया।
राहुल लोधी ने पोस्टर का किया बचाव
पोस्टर को लेकर हरचंदपुर के सपा विधायक राहुल लोधी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कृष्ण और सुदामा के संबंध को देखते हुए इस तरह का चित्रण उन्हें आपत्तिजनक नहीं लगता। लोधी ने इस दौरान बीजेपी पर भी राजनीतिक आरोप लगाए और कहा कि पार्टी समाज को बांटने की कोशिश करती है। ये उनके राजनीतिक बयान हैं, जिन पर विपक्ष की अलग राय हो सकती है।
राहुल लोधी के घर चाय पर जाएंगे अखिलेश
रायबरेली दौरे के दौरान अखिलेश यादव का राहुल लोधी के घर जाना भी कार्यक्रम का अहम हिस्सा रहा। लोधी के घर चाय के बाद अखिलेश यादव पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से संपर्क करेंगे। इसके बाद PDA रथ के जरिए उनका कार्यक्रम रायबरेली शहर में रखा गया था, जहां GIC मैदान में कार्यक्रम प्रस्तावित था।
छात्र सभा और ABVP विवाद के बाद बढ़ी चर्चा
अखिलेश यादव का राहुल लोधी के घर जाना हाल में हुए एक विवाद की पृष्ठभूमि में भी देखा जा रहा है। 17 सितंबर को फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में समाजवादी छात्र सभा और ABVP कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद सपा की ओर से पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए गए थे। राहुल लोधी ने भी पुलिस पर मारपीट के आरोप लगाए थे, जबकि पुलिस प्रशासन ने इन आरोपों से इनकार किया था।
2027 चुनाव से पहले सपा का PDA अभियान
अखिलेश यादव की PDA रथ यात्रा को 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सपा के जनसंपर्क अभियान के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी के PDA का अर्थ पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों से है। सपा इस अभियान के जरिए संगठन और अपने सामाजिक गठजोड़ से जुड़े संदेशों को अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
रथ पर दिखी समाजवादी और सामाजिक न्याय की विरासत
PDA रथ को विशेष रूप से तैयार किया गया है। रथ पर डॉ. भीमराव आंबेडकर, राम मनोहर लोहिया, जनेश्वर मिश्र, मुलायम सिंह यादव और बेनी प्रसाद वर्मा जैसे नेताओं की तस्वीरें और संदेश लगाए गए हैं। पार्टी की ओर से इन प्रतीकों के जरिए सामाजिक न्याय और समाजवादी विचारधारा से जुड़े संदेश को प्रमुखता दी गई है।
रायबरेली से यात्रा की शुरुआत क्यों चर्चा में
रायबरेली से PDA रथ की शुरुआत इसलिए भी राजनीतिक चर्चा का विषय बनी है क्योंकि यह लोकसभा क्षेत्र वर्तमान में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का संसदीय क्षेत्र है। ऐसे में अखिलेश यादव की यहां से शुरुआत को लेकर अलग-अलग राजनीतिक विश्लेषण सामने आ रहे हैं। हालांकि, यात्रा का घोषित फोकस पार्टी के जनसंपर्क, कार्यकर्ताओं से संवाद और PDA सामाजिक समीकरण से जुड़े अभियान पर है।
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