SIR Form 6 : फॉर्म 6 पर चुनाव आयोग की बड़ी सफाई, कहा- मतदाताओं की सुविधा के लिए घोषणा पत्र

फॉर्म 6 को लेकर उठे विवाद पर चुनाव आयोग की सफाई, कहा- मूल फॉर्म में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया, मतदाताओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त घोषणा पत्र जोड़ा गया है, चुनाव प्रक्रिया को लेकर बहस के बीच आयोग ने स्थिति स्पष्ट की, आखिर फॉर्म 6 में क्या है विवाद, अतिरिक्त घोषणा पत्र क्यों जोड़ा गया और आयोग ने क्या स्पष्टीकरण दिया?

SIR Form 6 : विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर जारी राजनीतिक और कानूनी बहस के बीच चुनाव आयोग ने फॉर्म-6 और फॉर्म-8 से जुड़े प्रावधान पर अपना पक्ष स्पष्ट किया है। आयोग ने कहा है कि SIR के दौरान नए मतदाताओं के पंजीकरण और दूसरे राज्य से स्थानांतरण के मामलों में फॉर्म-6 या फॉर्म-8 के साथ अतिरिक्त घोषणा पत्र जमा करना जरूरी है। आयोग ने दावा किया कि इस व्यवस्था को लेकर सुप्रीम कोर्ट के सामने भी स्थिति स्पष्ट की जा चुकी है।

ads

नए मतदाताओं के लिए घोषणा पत्र की व्यवस्था

चुनाव आयोग के अनुसार, मतदाता सूची के SIR के तहत पहली बार बिहार में 24 जून 2025 को जारी आदेश में नए मतदाता के पंजीकरण या राज्य के बाहर से स्थानांतरण के लिए फॉर्म-6/फॉर्म-8 के साथ घोषणा पत्र जमा करने का प्रावधान किया गया था। इसके बाद यही व्यवस्था अलग-अलग चरणों में अन्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू की गई।

Adst

कई राज्यों में लागू की गई यही प्रक्रिया

आयोग ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में तथा 14 मई 2026 को 19 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR के दौरान भी फॉर्म-6/फॉर्म-8 के साथ घोषणा पत्र की व्यवस्था लागू रही। आयोग का कहना है कि यह प्रावधान SIR के तहत सभी संबंधित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में समान रूप से लागू किया गया है।

ADR मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला

चुनाव आयोग ने अपने स्पष्टीकरण में ADR बनाम ECI मामले का भी उल्लेख किया। आयोग के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 को दिए अपने आदेश में इस व्यवस्था को बरकरार रखा था। आयोग ने कहा कि अदालत के आदेश में नए मतदाता द्वारा फॉर्म-6 के साथ Annexure-D में घोषणा पत्र जमा करने का उल्लेख किया गया है। इसी आधार पर आयोग ने मौजूदा व्यवस्था को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।

घोषणा पत्र को मतदाताओं की सुविधा से जोड़ा

आयोग का कहना है कि अतिरिक्त घोषणा पत्र की व्यवस्था केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि इससे आवेदकों को सुविधा भी मिलती है। आयोग के अनुसार, जो आवेदक निर्धारित घोषणा पत्र जमा करता है, उसे इसके अलावा किसी अन्य दस्तावेज को जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। आयोग ने इसे SIR प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजी प्रक्रिया को सरल बनाने वाला प्रावधान बताया है।

Adst

SIR की शक्तियों के लिए संवैधानिक प्रावधान

चुनाव आयोग ने SIR कराने के अपने अधिकार के लिए जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21(3) और संविधान के अनुच्छेद 324 का हवाला दिया है। आयोग के अनुसार, मतदाता सूची की समीक्षा और सुधार की यह प्रक्रिया चुनावी व्यवस्था को व्यवस्थित रखने तथा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जाती है।

युवाओं के पंजीकरण को लेकर आयोग ने दी जानकारी

आयोग ने नए युवा मतदाताओं के पंजीकरण को लेकर भी जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के प्रावधानों का उल्लेख किया। आयोग के अनुसार, 2021 में कानून में हुए संशोधन के बाद 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र नागरिकों के लिए वर्ष में चार qualifying dates निर्धारित हैं। इनमें 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर शामिल हैं।

चार तारीखों पर 18 साल होने वालों को मौका

आयोग के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति इन चार निर्धारित तारीखों में से किसी तारीख को 18 वर्ष की आयु पूरी करता है और उसका नाम मतदाता सूची में नहीं है, तो वह नियमित मतदाता सूची अपडेट प्रक्रिया के तहत पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकता है। इसके लिए उसे किसी अन्य revision का इंतजार करने की जरूरत नहीं है।

SSR और SIR दोनों का कानून में प्रावधान

आयोग ने बताया कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21(3) के तहत Special Summary Revision यानी SSR और Special Intensive Revision यानी SIR, दोनों प्रकार की प्रक्रियाएं की जा सकती हैं। आयोग के अनुसार, कानून में दोनों प्रक्रियाओं को एक साथ कराना अनिवार्य नहीं है। यानी परिस्थितियों और प्रशासनिक जरूरत के अनुसार संबंधित पुनरीक्षण प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

SIR पर बहस के बीच आयोग का विस्तृत पक्ष

फॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र, नए मतदाताओं के पंजीकरण और SIR की कानूनी शक्ति को लेकर चुनाव आयोग ने अपने प्रावधानों का आधार स्पष्ट किया है। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम और संविधान के संबंधित प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा है कि मौजूदा व्यवस्था निर्धारित कानूनी ढांचे के तहत लागू की गई है। वहीं, SIR को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर आगे की कानूनी और राजनीतिक बहस इस प्रक्रिया की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण बनी हुई है।

Read More  :  Seva Sankalp Abhiyan : वाराणसी से वडनगर जा रहे सेवा यात्रियों से पीएम मोदी ने की बात, लोगों के अनुभव सुने

Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
पिछले पोस्ट
अगला पोस्ट

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • झारखंड
    • राजस्थान
    • ओडिशा

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company. 

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.

Adst