Kolkata ED Raid : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में कोलकाता में बड़ी कार्रवाई शुरू की है। जांच एजेंसी की टीम ने पश्चिम बंगाल में MassArt यानी Mahanirban Road Mass Art Society से जुड़े करीब 15 ठिकानों पर तलाशी और जब्ती अभियान चलाया। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 17 के तहत की जा रही है। एजेंसी की जांच का केंद्र दुर्गा पूजा के ‘प्रीव्यू शो’ से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन और फंड के इस्तेमाल पर है।
दुर्गा पूजा प्रीव्यू शो के फंड पर सवाल
ED के अनुसार, MassArt पर दुर्गा पूजा के प्रीव्यू शो आयोजित करने के नाम पर आम लोगों से बड़ी रकम जुटाने का आरोप है। जांच एजेंसी को संदेह है कि इस माध्यम से एकत्र किए गए धन का कथित तौर पर संस्था से जुड़े कुछ लोगों ने निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया। एजेंसी अब इस धन के स्रोत, लेनदेन और अंतिम उपयोग से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है।
UNESCO प्रायोजित संस्था बताकर रकम जुटाने का आरोप
जांच एजेंसी के मुताबिक, MassArt को UNESCO से प्रायोजित संस्था के रूप में पेश करके लोगों से धन लेने के आरोप भी सामने आए हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। ED ने इस मामले में कई व्यक्तियों और संस्थाओं को जांच के दायरे में रखा है। तलाशी के दौरान वित्तीय दस्तावेज, रिकॉर्ड और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन से जुड़े ठिकाने भी शामिल
ED की कार्रवाई में पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन और उनके करीबी सहयोगियों से जुड़े परिसरों को भी शामिल किया गया है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि MassArt से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन में किन लोगों की भूमिका रही और जुटाए गए धन का इस्तेमाल किस तरह किया गया। तलाशी में सामने आने वाले दस्तावेजों और डिजिटल या अन्य रिकॉर्ड को जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
15 परिसरों में दस्तावेजों की जांच
फिलहाल ED की टीमें MassArt से जुड़े 15 ठिकानों पर तलाशी अभियान चला रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान बरामद दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों का विश्लेषण किया जाएगा। इसके आधार पर कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की आगे जांच हो सकती है। एजेंसी ने संकेत दिया है कि तलाशी पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
23 सितंबर को MBECL मामले में भी ED की रेड
इससे पहले 23 सितंबर को ED ने मैकनेली भारत इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड (MBECL) और उससे जुड़ी संस्थाओं के आधिकारिक तथा आवासीय परिसरों पर भी तलाशी अभियान चलाया था। एजेंसी के अनुसार, उस कार्रवाई में मिले साक्ष्यों से विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के कथित उल्लंघन और MBECL समूह के प्रमोटरों द्वारा कॉरपोरेट इंसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में कथित हेरफेर के संकेत मिले।
कई प्रमुख लोगों के परिसरों की तलाशी
MBECL मामले में ED की तलाशी संजय पासारी, राजीव पासारी, रवि टोडी और सुधीर सतनालीवाला से जुड़े आवासीय परिसरों तक पहुंची थी। एजेंसी के मुताबिक, जांच के दौरान CIRP प्रक्रिया से जुड़े वित्तीय दावों और समाधान योजना की भी पड़ताल की गई। अधिकारियों का कहना है कि इस जांच से कंपनी समूह से जुड़े वित्तीय लेनदेन और कथित अनियमितताओं की तस्वीर स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है।
6,828 करोड़ के दावों की जांच
ED के अनुसार, MBECL की CIRP प्रक्रिया के दौरान करीब 6,828 करोड़ रुपये के दावे प्रस्तुत किए गए थे। इनमें से लगभग 5,015 करोड़ रुपये के दावों को स्वीकार किया गया। ये दावे कुल 16 लेनदारों से संबंधित बताए गए हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक समाधान प्रक्रिया में करीब 441 करोड़ रुपये की समाधान योजना को मंजूरी दी गई। एजेंसी इन आंकड़ों और पूरी प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
आगे की कार्रवाई साक्ष्यों पर निर्भर
MassArt और MBECL से जुड़े मामलों में ED की कार्रवाई के बाद अब जांच के दौरान सामने आने वाले दस्तावेज और अन्य साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे। एजेंसी कथित धन के स्रोत, लेनदेन और इस्तेमाल की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। फिलहाल दोनों मामलों में जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच से सामने आने वाले तथ्यों तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किए जाने की बात कही गई है।
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