Priyanka Gandhi on Gyanesh Kumar : मंगलवार को कांग्रेस कार्यसमिति यानी CWC की अहम बैठक आयोजित हुई। बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों पर पार्टी की आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। कांग्रेस पहले से ही इन विषयों को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाती रही है। बैठक का उद्देश्य इन मुद्दों पर पार्टी के अभियान और आंदोलन की आगामी दिशा तय करना भी रहा।
राहुल गांधी ने नेताओं से मजबूती से आगे बढ़ने को कहा
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं से SIR के मुद्दे पर मजबूती और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि नेताओं को केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जमीन पर उतरकर जनता के बीच जाना चाहिए। राहुल गांधी ने इस मुद्दे को आम लोगों तक पहुंचाने और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कांग्रेस के सवालों को जनता के सामने रखने पर जोर दिया।
प्रियंका गांधी ने CEC के इस्तीफे की मांग रखी
CWC की बैठक में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर अपनी बात रखी। सूत्रों के अनुसार, प्रियंका गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा कैसे नहीं देंगे। उनके इस रुख से संकेत मिला कि कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपने अभियान को आगे भी जारी रखने की तैयारी में है।
ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग पहले से जारी
कांग्रेस लंबे समय से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग करती रही है। पार्टी ने SIR और मतदाता सूची में कथित बदलावों को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी तेज किए हैं। CWC की बैठक इसी व्यापक राजनीतिक अभियान के बीच हुई, जिसमें पार्टी नेताओं ने आगे की रणनीति पर विचार किया। कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर स्पष्टता तथा पारदर्शिता जरूरी है।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर लगाए आरोप
सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर भी गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संरक्षण के बिना ज्ञानेश कुमार काम नहीं कर सकते। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि CEC की ओर से लिए जा रहे कदमों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का समर्थन या संरक्षण प्राप्त है। ये राहुल गांधी और कांग्रेस के राजनीतिक आरोप हैं, जिन पर संबंधित पक्षों का रुख अलग हो सकता है।
‘पहले 20 फीसदी, अब 80 फीसदी भरोसा’
राहुल गांधी ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों से जुड़े कांग्रेस के आरोपों पर भी चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने कहा कि पहले लोगों में ‘चोरी’ के आरोपों को लेकर करीब 20 प्रतिशत भरोसा था, जबकि अब यह विश्वास बढ़कर 80 प्रतिशत तक पहुंच गया है। उन्होंने यह बात चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के संदर्भ में कही। कांग्रेस इस मुद्दे को लगातार सार्वजनिक बहस में उठा रही है।
खरगे ने CWC में रखीं पांच प्रमुख मांगें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने CWC की बैठक में पार्टी की पांच प्रमुख मांगों को सामने रखा। इनमें मतदाता सूची में किए जा रहे बड़े बदलावों से संबंधित पूरा डेटा सार्वजनिक करना प्रमुख मांग है। कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची में बड़े स्तर पर किसी भी प्रकार के बदलाव से संबंधित जानकारी पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि राजनीतिक दल और आम लोग प्रक्रिया को समझ सकें।
हटाए गए मतदाताओं को जानकारी देने की मांग
कांग्रेस ने उन मतदाताओं को भी जानकारी देने की मांग की है, जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। पार्टी के अनुसार, ऐसे मतदाताओं को यह बताया जाना चाहिए कि उनका नाम किस आधार पर हटाया गया। इसके साथ ही उन्हें निर्णय के खिलाफ अपील करने का उचित अवसर भी मिलना चाहिए। कांग्रेस ने इसे मतदाता अधिकारों और चुनावी पारदर्शिता से जोड़कर देखा है।
राजनीतिक दलों को समय पर आंकड़े देने की मांग
कांग्रेस ने राजनीतिक दलों को मतदाता सूची और उससे जुड़े आवश्यक आंकड़े सरल एवं समझने योग्य प्रारूप में समय पर उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। पार्टी का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े आंकड़ों तक राजनीतिक दलों की समय पर पहुंच जरूरी है। इससे मतदाता सूची में होने वाले बदलावों को समझने और उनकी जांच करने में मदद मिल सकती है।
स्वतंत्र जांच और पारदर्शिता पर जोर
कांग्रेस ने गंभीर गड़बड़ियों के आरोपों की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराने की मांग भी की है। इसके अलावा चुनाव प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़ों और फैसलों में अधिक पारदर्शिता की मांग रखी गई। CWC बैठक के बाद संकेत मिले हैं कि कांग्रेस SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना राजनीतिक अभियान आगे भी जारी रखेगी और नेताओं को इन विषयों पर जनता के बीच जाने के लिए सक्रिय करेगी।
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