CJP Protest : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है। दीपके ने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। CJP पहले ही 48 घंटे की समयसीमा देते हुए देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दे चुकी है।
मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दीपके ने रखी बात
मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि CJP ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने दावा किया कि संगठन का मानना है कि मौजूदा CEC को चुनाव आयोग के प्रमुख के रूप में काम नहीं करना चाहिए। हालांकि, ये दीपके और CJP की ओर से लगाए गए आरोप हैं, जिन पर संबंधित पक्षों का पक्ष अलग है।
ज्ञानेश कुमार पर दीपके ने लगाए गंभीर आरोप
दीपके ने अपने संबोधन में ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली को लेकर कई आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि CEC नरेंद्र मोदी और अमित शाह के प्रभाव में काम कर रहे हैं। यह CJP की ओर से लगाया गया राजनीतिक आरोप है। चुनाव आयोग ने इससे जुड़े विवादों के बीच कहा है कि उसके फैसले कानूनी प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं और संस्थागत स्तर पर अलग-अलग राय होना deliberation का सामान्य हिस्सा है।
मतदाता सूची और SIR को लेकर भी विवाद
CJP का विरोध ऐसे समय में हो रहा है जब मतदाता सूची में बदलाव और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। इस विवाद के बीच एक रिपोर्ट में चुनाव आयोग के भीतर मतदाता सूची अपडेट करने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए जाने की बात सामने आई थी। आयोग ने बाद में कहा कि उसके सभी निर्णय निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार लिए गए हैं।
दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों की रिपोर्ट से बढ़ा विवाद
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दो चुनाव आयुक्तों ने दस महीने की अवधि में कई मौकों पर मतदाता सूची अपडेट करने की प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर सवाल या आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्षी दलों और CJP ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। आयोग ने हालांकि आंतरिक विचार-विमर्श में अलग-अलग मतों को सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा बताया है।
फडणवीस सरकार को भी दीपके ने दी चेतावनी
अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी संबोधित करते हुए कहा कि अगर सरकार या पुलिस प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की कोशिश करती है, तो इससे आंदोलन और व्यापक हो सकता है। उनका बयान CJP की प्रस्तावित विरोध गतिविधियों के संदर्भ में आया है। मुंबई पुलिस ने 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति देने से इनकार किया है।
पुलिस की अनुमति नहीं मिलने पर जेल भरो आंदोलन
मुंबई पुलिस द्वारा शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद दीपके ने ‘जेल भरो आंदोलन’ का ऐलान किया है। पुलिस ने अनुमति से जुड़े कारणों में शिवाजी पार्क के इस्तेमाल पर न्यायिक प्रतिबंध, आवश्यक स्थानीय अनुमति और इलाके में यातायात तथा शोर से जुड़ी चिंताओं का उल्लेख किया है। CJP का कहना है कि इसके बावजूद वह 2 अक्टूबर को अपना विरोध दर्ज कराएगी।
2 अक्टूबर से आंदोलन तेज करने की तैयारी
CJP ने पहले घोषणा की थी कि यदि CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो 2 अक्टूबर से मुंबई से बड़े विरोध प्रदर्शन की शुरुआत की जाएगी। इसके बाद आंदोलन को देश के अन्य शहरों तक ले जाने की बात कही गई। संगठन की प्रमुख मांगों में CEC का इस्तीफा और चुनाव प्रक्रिया तथा मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई शामिल है।
चुनाव आयोग ने आरोपों पर दिया अलग पक्ष
इस पूरे विवाद पर चुनाव आयोग ने कहा है कि संस्थान के भीतर अलग-अलग विचार और टिप्पणियां निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं। आयोग ने अपने कामकाज को कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप बताया है। ऐसे में CJP के आरोप और चुनाव आयोग का पक्ष दोनों इस विवाद का हिस्सा हैं, जबकि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर संगठन ने अपना आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।
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