Punjab Election 2027: पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने चुनाव की औपचारिक घोषणा से पहले ही अपने आगामी कार्यक्रमों और अभियान की रूपरेखा सामने रख दी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि अकाली दल आने वाले महीनों में अलग-अलग चरणों में संगठनात्मक और जनसंपर्क गतिविधियां चलाएगा।
1 नवंबर को जारी किया जाएगा पार्टी का घोषणापत्र
दलजीत सिंह चीमा के मुताबिक, अकाली दल 1 नवंबर को अपना चुनावी घोषणापत्र जारी करने की तैयारी में है। पार्टी की घोषणापत्र समिति पहले से ही विभिन्न वर्गों और पार्टी संगठनों से सुझाव ले रही है। चीमा ने हाल में कहा था कि समिति ऐसे ही वादों को घोषणापत्र में शामिल करने पर जोर दे रही है, जिन्हें व्यवहारिक रूप से लागू किया जा सके।
6 अक्टूबर से सुखबीर बादल का डोर-टू-डोर अभियान
पार्टी के अनुसार, SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल 6 अक्टूबर से अटारी बॉर्डर से डोर-टू-डोर अभियान की शुरुआत करेंगे। इस अभियान के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों तक पहुंच बनाने की योजना है। अकाली दल की ओर से राज्य के विभिन्न हिस्सों में संगठन को सक्रिय करने और आगामी चुनाव के लिए जनसंपर्क बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
हरसिमरत कौर बादल भी शुरू करेंगी अलग अभियान
अकाली दल सांसद हरसिमरत कौर बादल के नेतृत्व में भी एक अभियान शुरू करने की जानकारी दी गई है। पार्टी के मुताबिक, 5 नवंबर को मुक्तसर साहिब से ‘मावां धियां दी ललकार, बन्द करो नशे का कारोबार’ अभियान की शुरुआत होगी। पंजाब में नशे का मुद्दा आगामी चुनावी राजनीति में प्रमुख विषयों में शामिल है और कई राजनीतिक दल इसे अपने अभियानों में उठा रहे हैं।
तलवंडी साबो से सुखबीर बादल की यात्रा
अकाली दल ने 10 नवंबर से एक और कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। पार्टी के अनुसार, सुखबीर सिंह बादल तलवंडी साबो से यात्रा की शुरुआत करेंगे। इस यात्रा के जरिए राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में पार्टी कार्यकर्ताओं और लोगों से संपर्क करने की योजना है। अकाली दल का अभियान चुनाव से पहले संगठन को सक्रिय करने और अपने मुद्दों को जनता तक पहुंचाने पर केंद्रित रहेगा।
प्रकाश सिंह बादल की जयंती पर बड़ी रैली
पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के जन्मदिन 8 दिसंबर को भी एक बड़े कार्यक्रम का ऐलान किया है। इस अवसर पर बड़ी रैली आयोजित करने की बात कही गई है। अकाली दल के लिए प्रकाश सिंह बादल पार्टी के प्रमुख नेताओं में रहे हैं और उनके जन्मदिन के अवसर पर होने वाला कार्यक्रम पार्टी के राजनीतिक और संगठनात्मक कैलेंडर का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
बीजेपी के साथ गठबंधन पर अभी तस्वीर साफ नहीं
अकाली दल और बीजेपी के बीच संभावित गठबंधन को लेकर पिछले कुछ समय से राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं। अगस्त में दोनों दलों के बीच संभावित गठबंधन को लेकर अटकलें तेज हुई थीं, जबकि बीजेपी की ओर से अलग-अलग मौकों पर अपने दम पर चुनाव लड़ने की बात भी सामने आई है। इसलिए फिलहाल दोनों दलों के बीच अंतिम चुनावी समझौते की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
गठबंधन पर फैसला सुखबीर बादल करेंगे
गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि अकाली दल अपना काम कर रहा है और बीजेपी अपना काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन के संबंध में अंतिम निर्णय लेने का अधिकार पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को दिया गया है। इस बीच अकाली दल ने अपने स्तर पर चुनावी गतिविधियां आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
राजा वड़िंग को लेकर भी अकाली दल की टिप्पणी
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग से जुड़े संगठनात्मक बदलाव के सवाल पर भी अकाली नेता ने प्रतिक्रिया दी। दलजीत चीमा ने कहा कि कांग्रेस हाईकमान के फैसले को लेकर पार्टी के भीतर जो घटनाक्रम सामने आया, उससे अलग संदेश गया है। उन्होंने कांग्रेस के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करते हुए इसे पार्टी का अपना विषय बताया।
एमएसपी और किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा
अकाली दल के वरिष्ठ नेता बलविंदर सिंह भुंडड़ ने बैठक के बाद कृषि और न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि गेहूं के MSP में 25 रुपये की बढ़ोतरी पर्याप्त नहीं है। अकाली दल का कहना है कि किसानों की लागत लगातार बढ़ रही है और पंजाब देश के प्रमुख कृषि उत्पादक राज्यों में शामिल है। पार्टी ने केंद्र सरकार से MSP पर दोबारा विचार करने की मांग रखी है। इस तरह अकाली दल ने चुनावी तैयारियों के साथ किसान, नशा और संगठन विस्तार जैसे मुद्दों को भी अपने अभियान में प्रमुखता देने के संकेत दिए हैं।
Read More : Ambikapur News : सरकारी रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा, जमीन का रकबा बढ़ाकर बेचने का आरोप, दो भू-स्वामी और पटवारी पर FIR