Rohini Acharya Returns Patna : राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य करीब 11 महीने बाद पटना पहुंची हैं। उनका यह दौरा ऐसे समय हुआ है, जब पिछले साल परिवार के भीतर विवाद के बाद उनके राजनीतिक जीवन और पारिवारिक रिश्तों को लेकर काफी चर्चा हुई थी। पटना पहुंचने के बाद रोहिणी ने साफ कहा कि उनका यह दौरा पूरी तरह निजी है और इसे राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
‘मैं अपने माता-पिता से मिलने आई हूं’
रोहिणी आचार्य ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा कि वह अपने माता-पिता से मिलने पटना आई हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि उनके इस निजी दौरे को राजनीतिक रंग न दिया जाए। रोहिणी ने कहा कि वह काफी दिनों के बाद पटना पहुंची हैं और उनका उद्देश्य अपने परिवार से मुलाकात करना है। उन्होंने आगामी दशहरे को लेकर लोगों को शुभकामनाएं भी दीं।
‘पापा ने मुझे बुलाया था’
रोहिणी आचार्य ने अपने पटना आने की वजह बताते हुए कहा कि उनके पिता लालू प्रसाद यादव ने उन्हें बुलाया था। उन्होंने कहा कि इस बारे में वह पहले ही सोशल मीडिया पर पोस्ट कर चुकी हैं। रोहिणी के मुताबिक, पिता के बुलावे पर वह अपने माता-पिता से मिलने आई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके भाई भी उनसे मिलने के लिए आए हैं।
पिता लालू के साथ तस्वीरें की थीं साझा
पटना रवाना होने से पहले रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लालू प्रसाद यादव के साथ अपनी तस्वीरें साझा की थीं। पोस्ट में उन्होंने अपने पिता के प्रति भावनात्मक लगाव जाहिर करते हुए कहा था कि उनके लिए पिता की खुशी और उनका आशीर्वाद सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने पिता के बुलावे को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए पटना आने की बात कही थी।
‘बेटी होने का फर्ज निभाने’ की कही थी बात
रोहिणी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में संकेत दिया था कि वह अपने पिता से मिलने और एक बेटी के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाने पटना आ रही हैं। उनके इस पोस्ट के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा शुरू हो गई थी। हालांकि, पटना पहुंचने के बाद उन्होंने खुद स्पष्ट कर दिया कि उनके दौरे को किसी राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़ना उचित नहीं होगा।
परिवार में विवाद के बाद बनी थी दूरी
रोहिणी आचार्य और राजद परिवार के बीच पिछले वर्ष विवाद की खबरें सामने आई थीं। बिहार विधानसभा चुनाव में राजद के प्रदर्शन के बाद परिवार के भीतर मतभेदों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हुई थीं। इसके बाद रोहिणी ने सार्वजनिक रूप से राजनीति से दूरी बनाने की बात कही थी। उनके कुछ बयानों ने परिवार और पार्टी के भीतर मतभेदों को लेकर भी चर्चा को बढ़ाया था।
तेजस्वी यादव के करीबियों पर लगाए थे आरोप
नवंबर 2025 में रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी यादव के करीबी बताए जाने वाले संजय यादव और रमीज को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा था कि सवाल पूछने पर उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया जाता था। उन्होंने चप्पल से मारने की कोशिश किए जाने का भी आरोप लगाया था। इन आरोपों के बाद परिवार के भीतर विवाद सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया था।
राजनीति से दूरी की बात भी आई थी सामने
विवाद के बाद रोहिणी आचार्य ने राजनीति से दूरी बनाने का संकेत दिया था। इसके साथ ही उनके और परिवार के कुछ सदस्यों के बीच रिश्तों को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं हुईं। हालांकि, अब उनका पटना लौटना और पिता लालू प्रसाद यादव से मुलाकात इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक नया पारिवारिक अध्याय सामने ला रहा है।
रोहिणी ने दौरे को बताया पूरी तरह निजी
पटना पहुंचने के बाद रोहिणी आचार्य ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि वह अपने माता-पिता से मिलने आई हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि उनके पारिवारिक दौरे को राजनीतिक घटनाक्रम के तौर पर न देखा जाए। उनके बयान के मुताबिक, इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य पिता लालू प्रसाद यादव और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात करना है।
लालू परिवार पर टिकी राजनीतिक नजरें
रोहिणी आचार्य की पटना वापसी ऐसे समय हुई है जब बिहार की राजनीति में लालू परिवार की गतिविधियों पर लगातार नजर बनी रहती है। हालांकि, रोहिणी ने अपने बयान में इसे राजनीतिक दौरा मानने से साफ इनकार किया है। ऐसे में फिलहाल उनके पटना आने का घोषित उद्देश्य पारिवारिक मुलाकात ही है। आगे वह सार्वजनिक या राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होती हैं या नहीं, इस पर भी लोगों की नजर रहेगी।
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