Flydubai Case : दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रहे फ्लाई दुबई विमान में सामने आए कथित कॉकपिट विवाद को लेकर ईरान पर भी आरोप लगाए जा रहे थे। अब ईरान ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए उन्हें झूठा और बेबुनियाद बताया है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस मामले में ईरान को बदनाम करने के लिए कथित तौर पर गलत या छेड़छाड़ किए गए सबूतों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने आरोपों को बताया निराधार
तसनीम न्यूज के मुताबिक, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों के पीछे विश्वसनीय आधार नहीं है। उन्होंने दावा किया कि जिन सबूतों के आधार पर ईरान को इस घटना से जोड़ने की कोशिश की जा रही है, उनमें कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई है।
इस्माइल बघाई ने इजरायल और यूरोपीय देशों पर साधा निशाना
इस्माइल बघाई ने कहा कि पिछले सात महीनों में दुनिया ने जिस तरह की घटनाएं देखी हैं, यह मामला उन्हें याद दिलाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इजरायल और कुछ यूरोपीय देशों का झूठे दावों का इतिहास रहा है। उनके मुताबिक, मौजूदा मामले में सामने रखे जा रहे सबूतों की विश्वसनीयता पर सवाल उठता है और ईरान के खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं।
विमान के कॉकपिट में हमले का सामने आया था दावा
इस पूरे विवाद की शुरुआत विमान के कॉकपिट में हुई कथित हिंसक घटना से जुड़ी खबरों के बाद हुई। रिपोर्ट के अनुसार, फ्लाई दुबई के ओमानी कोपायलट ने कॉकपिट में भारतीय पायलट स्मित माछर पर हमला किया था। दावा किया गया कि हमले में कॉकपिट में मौजूद छोटी धारदार कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया गया, जिससे भारतीय पायलट घायल हो गए।
स्मित माछर ने दिखाई बहादुरी और संभाली स्थिति
रिपोर्टों के मुताबिक, हमले के बाद भारतीय पायलट स्मित माछर ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। उन्होंने कथित तौर पर कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद विमान में मौजूद क्रू सदस्यों और यात्रियों ने ओमानी कोपायलट को काबू में करने में मदद की। इसके बाद विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई और किसी बड़े विमान हादसे को टाल दिया गया।
विमान की ऊंचाई में अचानक आई बड़ी गिरावट
कथित घटना के दौरान विमान की ऊंचाई में भी तेज गिरावट दर्ज होने की बात सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, विमान करीब 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था, लेकिन घटना के दौरान इसकी ऊंचाई घटकर लगभग 16,600 फीट रह गई। यानी विमान करीब 17,400 फीट नीचे आ गया था। इस दौरान आपात स्थिति का संकेत भी जारी किया गया।
1:32 बजे भेजा गया पहला इमरजेंसी सिग्नल
रिपोर्ट के मुताबिक, विमान की ओर से पहला इमरजेंसी सिग्नल 1:32 बजे ईटी पर भेजा गया था। अचानक ऊंचाई में आई गिरावट और कॉकपिट में कथित घटनाक्रम के बावजूद विमान को नियंत्रित कर लिया गया। इसके बाद विमान ने आपात स्थिति में सुरक्षित लैंडिंग की, जिससे यात्रियों और क्रू की जान बच सकी।
भारतीय पायलट की दुनियाभर में हुई तारीफ
घटना के बाद भारतीय पायलट स्मित माछर के साहस और सूझबूझ की चर्चा होने लगी। रिपोर्टों में उन्हें विपरीत परिस्थितियों में विमान को संभालने और सुरक्षित लैंडिंग तक पहुंचाने के लिए सराहा गया। हालांकि, घटना के कारणों और इसके पीछे किसी संभावित साजिश को लेकर अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
ईरान ने किसी भी भूमिका से किया इनकार
इस मामले में ईरान को जोड़कर लगाए जा रहे आरोपों पर तेहरान ने स्पष्ट रूप से इनकार किया है। ईरानी विदेश मंत्रालय का कहना है कि उसके खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों के समर्थन में पेश किए जा रहे सबूत भरोसेमंद नहीं हैं। ऐसे में फ्लाई दुबई विमान की इस घटना को लेकर वास्तविक घटनाक्रम और किसी संभावित बाहरी कनेक्शन की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
Read More : Asian Games 2026 : पीएम मोदी ने एशियन गेम्स खिलाड़ियों की जमकर तारीफ की, कही ये बड़ी बात