Dhamtari Conversion Row : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक महिला की मौत के बाद अंतिम संस्कार को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मामला जिला मुख्यालय से करीब दो किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत भटगांव के सोरम रोड का बताया जा रहा है। यहां रहने वाली सरस्वती ध्रुव की शनिवार शाम मौत हो गई थी। रविवार को परिजन उनके अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को लेकर आपत्ति जताई, जिसके बाद गांव में तनाव और हंगामे की स्थिति बन गई।
ईसाई रीति से अंतिम संस्कार करने की थी तैयारी
बताया गया कि महिला का परिवार कुछ वर्ष पहले ईसाई धर्म में मतांतरित हो गया था। महिला की मृत्यु के बाद परिजनों ने ईसाई धार्मिक रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया था। हालांकि, ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि परिवार के सदस्यों ने यदि अपने मूल धर्म में वापसी कर ली, तभी अंतिम संस्कार में ग्रामीणों की भागीदारी होगी।
दोनों पक्षों के बीच हुई बैठक
विवाद बढ़ने के बाद गांव में दोनों पक्षों के लोगों को बैठाकर बातचीत करने का फैसला लिया गया। बैठक में अंतिम संस्कार को लेकर सहमति बनाने की कोशिश की गई। ग्रामीणों की ओर से परिवार के सामने शर्त रखी गई कि यदि परिवार दोबारा अपने मूल धर्म में लौटता है, तो महिला का अंतिम संस्कार करने की अनुमति दी जाएगी और गांव के लोग भी अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।
गंगाजल पिलाकर और तिलक लगाकर कराई गई वापसी
बैठक के बाद परिवार के सदस्यों ने कथित तौर पर अपने मूल धर्म में लौटने पर सहमति जताई। इसके बाद धार्मिक रीति के अनुसार पूजा-अर्चना कराई गई। परिवार के सदस्यों को गंगाजल पिलाया गया और माथे पर तिलक लगाया गया। भगवान राम के जयकारे भी लगाए गए। इस प्रक्रिया के बाद ग्रामीणों ने परिवार की सनातन धर्म में वापसी की बात कही।
चार साल पहले अपनाया था ईसाई धर्म
ग्रामीणों के मुताबिक, सुरेश ध्रुव का परिवार करीब चार साल पहले ईसाई धर्म में मतांतरित हुआ था। ग्रामीणों का दावा है कि परिवार अब दोबारा ईसाई धर्म नहीं अपनाने की बात कह रहा है। इसी आधार पर परिवार की घर वापसी की प्रक्रिया कराई गई। इसके बाद मृत महिला के अंतिम संस्कार को लेकर बना विवाद समाप्त हुआ।
अंतिम संस्कार में शामिल हुए ग्रामीण
धार्मिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद महिला सरस्वती ध्रुव का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान गांव के लोग भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए। इससे पहले अंतिम संस्कार को लेकर ग्रामीणों और परिवार के बीच असहमति के कारण गांव में काफी देर तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही थी। बैठक के बाद दोनों पक्षों की सहमति से अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया।
गांव में चर्चा का विषय बना मामला
धमतरी के भटगांव में हुई यह घटना अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है। एक ओर परिवार के धर्म परिवर्तन और वापसी का मुद्दा सामने आया, वहीं दूसरी ओर महिला के अंतिम संस्कार को लेकर ग्रामीणों के विरोध ने विवाद को बढ़ा दिया। हालांकि, बैठक के बाद दोनों पक्षों में सहमति बनी और महिला का अंतिम संस्कार किया जा सका। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।
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