Brazil Election 2026 : ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में पहले दौर की मतगणना ने मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है। दक्षिणपंथी उम्मीदवार फ्लावियो बोल्सोनारो ने मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा को पीछे छोड़ते हुए बढ़त हासिल की है। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के अनुसार फ्लावियो को करीब 47 प्रतिशत वोट मिले हैं, जबकि लूला करीब 45 प्रतिशत वोट के साथ दूसरे स्थान पर हैं। दोनों उम्मीदवारों के बीच अंतर करीब दो प्रतिशत अंक का है।
50 प्रतिशत का आंकड़ा नहीं छू सके दोनों उम्मीदवार
ब्राजील की राष्ट्रपति चुनाव व्यवस्था के तहत पहले दौर में जीतने के लिए किसी उम्मीदवार को वैध मतों का आधे से अधिक हिस्सा हासिल करना होता है। फ्लावियो बोल्सोनारो और लूला, दोनों ही इस जरूरी बहुमत तक नहीं पहुंच सके। ऐसे में अब राष्ट्रपति पद का फैसला दूसरे दौर के मतदान से होगा। चुनाव अधिकारियों के अनुसार दोनों के बीच अगला मुकाबला 25 अक्टूबर को होगा।
फ्लावियो बोल्सोनारो ने हासिल की बढ़त
पहले दौर का परिणाम फ्लावियो बोल्सोनारो के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अधिकांश चुनावी सर्वेक्षणों में मतदान से पहले लूला को मामूली बढ़त मिलती दिखाई गई थी। अंतिम नतीजों में फ्लावियो का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक वह 47 प्रतिशत से अधिक वोट के साथ पहले स्थान पर रहे, जबकि लूला करीब 45 प्रतिशत वोट के साथ दूसरे स्थान पर पहुंचे।
जायर बोल्सोनारो के बेटे हैं फ्लावियो
फ्लावियो बोल्सोनारो पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे हैं और पहली बार ब्राजील के राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। वह वर्तमान में रियो डी जेनेरियो से सीनेटर हैं। उनके पिता जायर बोल्सोनारो को 2022 के चुनाव परिणाम को पलटने की कोशिश से जुड़े मामले में दोषी ठहराया गया है और उन्हें 27 वर्ष की जेल की सजा सुनाई गई है। फ्लावियो ने चुनाव अभियान में अपने राजनीतिक परिवार की विरासत और दक्षिणपंथी नीतियों को प्रमुखता दी।
लूला के सामने अब बड़ी चुनौती
मौजूदा राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा पहले दौर में दूसरे स्थान पर रहे। लूला चौथी बार गैर-लगातार राष्ट्रपति पद हासिल करने की कोशिश में हैं। पहले दौर में उनके पक्ष में करीब 45 प्रतिशत वैध वोट आए। अब उन्हें दूसरे दौर में उन मतदाताओं को अपने पक्ष में लाने की चुनौती होगी, जिन्होंने अन्य उम्मीदवारों को वोट दिया है।
तीसरे और अन्य उम्मीदवारों के वोट अहम
पहले दौर में फ्लावियो और लूला के अलावा कई उम्मीदवार मैदान में थे। ऑगस्टो क्यूरी को करीब 2.9 प्रतिशत, रेनान सैंटोस को लगभग 2.25 प्रतिशत और रोनाल्डो काइआडो को करीब 2.2 प्रतिशत वोट मिले। अब इन उम्मीदवारों के समर्थकों का रुख दूसरे दौर में अहम हो सकता है। हालांकि, तीसरे और चौथे स्थान पर रहे उम्मीदवारों के वोट स्वतः किसी एक उम्मीदवार के खाते में नहीं जाते।
दूसरे दौर में बदल सकता है समीकरण
फ्लावियो के लिए पहले दौर में मिली बढ़त मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन इससे दूसरे दौर का परिणाम तय नहीं होता। दूसरी ओर, लूला के पास भी अन्य उम्मीदवारों के मतदाताओं को अपने साथ जोड़ने का अवसर है। इसलिए 25 अक्टूबर का मतदान पहले दौर से अलग राजनीतिक समीकरण सामने ला सकता है। दोनों खेमे अब अभियान को व्यापक बनाने और नए मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश करेंगे।
ब्राजील के लिए निर्णायक होगा 25 अक्टूबर
ब्राजील लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और राष्ट्रपति चुनाव का असर देश की आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति पर पड़ सकता है। पहले दौर में किसी उम्मीदवार को बहुमत नहीं मिलने के बाद अब पूरा ध्यान फ्लावियो बोल्सोनारो और लूला के बीच होने वाले दूसरे मुकाबले पर है। 25 अक्टूबर को होने वाला मतदान तय करेगा कि ब्राजील की सत्ता की कमान अगले कार्यकाल में किसके हाथ जाएगी।
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