Saudi-Houthi Conflict : सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने हूती विद्रोहियों पर देश के नागरिकों और नागरिक एवं आर्थिक प्रतिष्ठानों को लगातार निशाना बनाने का आरोप लगाया है। मंत्रालय ने इन कथित हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें आतंकवादी हमला बताया है। सऊदी सरकार के अनुसार, हूती समूह की गतिविधियों से देश की सुरक्षा और नागरिकों के लिए खतरा पैदा हो रहा है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सऊदी अरब अपनी सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाने का अधिकार रखता है।
मक्का-मदीना समेत कई शहरों को निशाना बनाने का दावा
सऊदी विदेश मंत्रालय के बयान में आरोप लगाया गया है कि हूती समूह ने कई महत्वपूर्ण शहरों और संवेदनशील क्षेत्रों को बार-बार निशाना बनाया। इनमें मक्का और मदीना जैसे इस्लाम के सबसे पवित्र शहरों के अलावा राजधानी रियाद भी शामिल है। इसके साथ ही अबहा, खमिस मुशैत, जिजान, नजरान, ताइफ और यानबू जैसे शहरों को भी निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है।
लाल सागर और बाब अल-मंदेब में जहाजों पर हमले का आरोप
मंत्रालय ने दक्षिणी लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में सऊदी जहाजों को निशाना बनाए जाने का आरोप भी लगाया है। यह समुद्री क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय व्यापार और जहाजों की आवाजाही के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। सऊदी अरब का कहना है कि समुद्री मार्गों पर इस तरह की गतिविधियां क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ समुद्री परिवहन के लिए भी चुनौती पैदा कर सकती हैं।
अपनी सुरक्षा के लिए कार्रवाई का अधिकार बताया
सऊदी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि किसी भी देश को अपनी क्षेत्रीय अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का अधिकार प्राप्त है। मंत्रालय के अनुसार, सऊदी अरब अपने क्षेत्र, प्राकृतिक संसाधनों, संप्रभुता और नागरिकों तथा वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा की रक्षा करेगा।
अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत कदम उठाने की बात
सऊदी सरकार ने अपने बयान में कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाने के अधिकार की पुष्टि करती है। मंत्रालय का कहना है कि राज्य के खिलाफ होने वाली किसी भी गतिविधि से निपटने के लिए सुरक्षा संबंधी विकल्प खुले रखे जाएंगे। हालांकि, बयान में भविष्य की किसी विशेष सैन्य कार्रवाई का विस्तृत खाका सार्वजनिक नहीं किया गया।
यमन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की कार्रवाई
इस बीच यमन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन की सेनाओं द्वारा बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास सैन्य अभियान चलाए जाने की खबर है। अधिकारियों के अनुसार, गठबंधन की सेनाओं ने इलाके के कई रणनीतिक महत्व वाले क्षेत्रों पर दोबारा नियंत्रण स्थापित किया है। यह अभियान यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के साथ मिलकर चलाया जा रहा है।
धुबाब शहर पर दोबारा नियंत्रण का दावा
अधिकारियों ने बताया कि गठबंधन समर्थित सेनाओं ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के ठीक उत्तर में स्थित महत्वपूर्ण शहर धुबाब को फिर से अपने नियंत्रण में ले लिया है। उनके मुताबिक, सेनाओं ने बाब और हदीद शहरों पर भी नियंत्रण हासिल किया है। इन दावों की जानकारी देने वाले अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों से अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर बात की।
सोमवार सुबह शुरू हुआ बड़ा सैन्य अभियान
अधिकारियों के मुताबिक, इन इलाकों में सैन्य कार्रवाई सोमवार सुबह शुरू किए गए एक बड़े अभियान का हिस्सा थी। अभियान का उद्देश्य बाब अल-मंदेब के आसपास रणनीतिक क्षेत्रों पर नियंत्रण मजबूत करना बताया गया है। इस क्षेत्र का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि यह लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ने वाले प्रमुख समुद्री मार्गों में शामिल है।
क्षेत्रीय तनाव के बीच बढ़ी सैन्य गतिविधियां
सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप ऐसे समय में सामने आए हैं, जब यमन और लाल सागर क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति लगातार संवेदनशील बनी हुई है। एक तरफ सऊदी अरब अपने नागरिकों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर यमन में गठबंधन समर्थित सेनाओं की सैन्य गतिविधियां भी तेज होने की जानकारी सामने आई है। आने वाले दिनों में इन घटनाओं का क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री मार्गों पर क्या असर पड़ता है, इस पर नजर रहेगी।
Read More : Hingoli Fire: पटाखा गोदाम में भीषण आग और धमाके, 2 की मौत, 7 घायल; दमकल वाहन भी जला