Bilaspur Crime : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में चोरी के एक मामले की जांच के दौरान पुलिस ने हैरान करने वाला खुलासा किया है। सकरी थाना क्षेत्र में एक सस्पेंडेड आरक्षक पर अपने ही घर में चोरी की साजिश रचने का आरोप लगा है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर घर में रखे सोने-चांदी के आभूषण और नकदी पर हाथ साफ किया। शुरुआती जांच में चोरी के पीछे नशे के लिए पैसे और सामान जुटाने की बात सामने आई है।
तीज मनाने रीवा गई थीं घर की महिला
यह मामला बिलासपुर की सागरदीप कॉलोनी से जुड़ा है। यहां रहने वाली वृंदावती मिश्रा तीज का त्योहार मनाने अपने पैतृक गांव रीवा गई थीं। उनके घर से बाहर रहने के दौरान कमरे में रखी अलमारी और लॉकर के ताले टूटे मिले। परिवार को चोरी की जानकारी मिलने के बाद वृंदावती मिश्रा बिलासपुर वापस लौटीं और घर की जांच की।
अलमारी से जेवर और नकदी गायब मिली
घर लौटने के बाद महिला ने देखा कि अलमारी में रखे सोने-चांदी के आभूषण और नकदी गायब थे। चोरी की जानकारी सामने आने के बाद उन्होंने मामले की शिकायत सकरी थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ जांच शुरू की और घटनास्थल से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटाई।
परिजनों और परिचितों से पूछताछ शुरू
चोरी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने घर के सदस्यों, रिश्तेदारों और परिचित लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान पुलिस को महिला के बेटे आशीष मिश्रा की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पुलिस के अनुसार, वारदात के दौरान आशीष घर में मौजूद था और उसे घर में रखे सामान की जानकारी थी। संदेह के आधार पर पुलिस ने उससे पूछताछ की।
पूछताछ में दो दोस्तों के नाम सामने आए
पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आशीष मिश्रा ने अपने दो दोस्तों सूरज सिंह ठाकुर उर्फ मोना और अनुराग चौधरी उर्फ लालू के साथ मिलकर चोरी करने की बात स्वीकार की। पुलिस के मुताबिक, आशीष को घर में रखे जेवर और नकदी की पूरी जानकारी थी। इसी जानकारी का इस्तेमाल करते हुए तीनों ने कथित तौर पर चोरी की योजना तैयार की और वारदात को अंजाम दिया।
नशे की आदत से जुड़ा बताया जा रहा चोरी का मकसद
पुलिस जांच में आरोपी आशीष की पृष्ठभूमि भी सामने आई है। बताया गया कि वह पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर कार्यरत था और पिता की जगह उसे अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। हालांकि, काम में लापरवाही और नशे की आदत के कारण वह फिलहाल निलंबित है। CSP परमेश्वर तिलकवार के अनुसार, प्रारंभिक जांच में चोरी के पीछे नशे के लिए पैसे और सामान जुटाने की वजह सामने आई है।
जेवर के साथ बुलेट बाइक भी बरामद
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवर बरामद किए गए हैं। इसके अलावा पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई बुलेट बाइक भी जब्त की है। बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की।
तीनों आरोपी न्यायिक रिमांड पर भेजे गए
आशीष मिश्रा, सूरज सिंह ठाकुर और अनुराग चौधरी को पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड में जेल भेज दिया गया। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
पुरानी चोरी की वारदातों की भी होगी जांच
पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी स्थानीय स्तर पर अच्छे परिवारों से जुड़े बताए जा रहे हैं। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या आरोपियों का इससे पहले भी किसी चोरी की घटना में हाथ रहा है। पुलिस उनके पुराने रिकॉर्ड और गतिविधियों की भी जानकारी जुटा रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले में और तथ्य सामने आने की संभावना है।
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