SME Growth Fund : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में अर्थव्यवस्था, छोटे कारोबार और परिवहन व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। सरकार ने छोटे और मध्यम कारोबारियों को पूंजी उपलब्ध कराने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के SME Growth Fund (SGF) को मंजूरी दी है। इसके साथ ही देश की परिवहन और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को एकीकृत करने के लिए Integrated Transport and Logistics Authority (ITLA) के गठन का रास्ता भी साफ किया गया है।
छोटे कारोबारियों के लिए ₹10,000 करोड़ का फंड
SME Growth Fund का उद्देश्य भारत के छोटे और मध्यम उद्यमों को विकास के लिए जरूरी पूंजी उपलब्ध कराना है। सरकार के अनुसार, यह फंड ऐसे भारतीय उद्यमों को आगे बढ़ाने में मदद करेगा, जिनमें विकास की क्षमता है। खास तौर पर मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन आधारित क्षेत्रों और रणनीतिक वैल्यू चेन से जुड़े कारोबारों को इससे लाभ मिलने की उम्मीद है।
भारतीय उद्यमों को बढ़ाने पर जोर
सरकार का लक्ष्य इस फंड के जरिए देश में ऐसे मजबूत भारतीय उद्यम तैयार करना है, जो अपने क्षेत्र में बड़े स्तर पर विस्तार कर सकें। इससे छोटे कारोबारियों को कारोबार बढ़ाने, नई तकनीक अपनाने और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए पूंजी मिल सकती है। SGF को आत्मनिर्भर और मजबूत घरेलू कारोबारी इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ITLA के गठन को मिली मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने Integrated Transport and Logistics Authority यानी ITLA स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि ITLA परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़े मामलों के लिए शीर्ष स्तर के निकाय के रूप में काम करेगा।
10 साल या उससे लंबी राष्ट्रीय योजना
ITLA देश के लिए कम से कम 10 साल की National Transport Master Plan तैयार करेगा। इसमें सड़क, रेलवे, बंदरगाह, पोत परिवहन, नागरिक विमानन, अंतर्देशीय जलमार्ग, तटीय शिपिंग, शहरी परिवहन और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य अलग-अलग परिवहन माध्यमों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना होगा।
परिवहन के सभी साधनों को जोड़ने की योजना
ITLA अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों की परिवहन योजनाओं में समन्वय स्थापित करने का काम करेगा। इससे सड़क, रेल, बंदरगाह, एयरपोर्ट और जलमार्ग जैसी सुविधाओं को एक-दूसरे से बेहतर तरीके से जोड़ा जा सकेगा। सरकार का प्रयास एक ऐसी एकीकृत परिवहन व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें यात्रियों और माल की आवाजाही अधिक प्रभावी तरीके से हो।
₹500 करोड़ से बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा
ITLA केंद्र सरकार की 500 करोड़ रुपये या उससे अधिक लागत वाली परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की तकनीकी जांच और मूल्यांकन करेगा। बड़ी परियोजनाओं की निगरानी के साथ यह भी देखा जाएगा कि उनका क्रियान्वयन निर्धारित योजना के अनुसार हो रहा है या नहीं। परियोजना पूरी होने के बाद उसके प्रभाव का आकलन भी किया जाएगा।
परिवहन डेटा का बनेगा बड़ा सिस्टम
प्राधिकरण परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़ा एक व्यापक डेटा सिस्टम विकसित करेगा। इसमें FASTag, Vahan, ई-वे बिल, GPS और ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम जैसे विभिन्न स्रोतों से डेटा का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस डेटा के आधार पर परिवहन व्यवस्था की योजना बनाने और नीतिगत फैसले लेने में सरकार को मदद मिलेगी।
लॉजिस्टिक्स नीति और स्किल डेवलपमेंट पर फोकस
ITLA राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति की समीक्षा करने और जरूरत के अनुसार उसमें बदलाव सुझाने में भी सरकार की सहायता करेगा। इसके अलावा लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों की ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट पर ध्यान दिया जाएगा। नई तकनीक, रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देना भी इसके प्रमुख कार्यों में शामिल होगा।
कम हो सकता है माल ढुलाई का समय और खर्च
सरकार को उम्मीद है कि ITLA के जरिए परिवहन के अलग-अलग साधनों में बेहतर तालमेल स्थापित होगा। इससे माल ढुलाई की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो सकती है और समय तथा लागत कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतर इस्तेमाल और देश की लॉजिस्टिक्स क्षमता मजबूत करने में भी यह व्यवस्था उपयोगी साबित हो सकती है।
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