Supreme Court New Judges : सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को तीन नए न्यायाधीशों ने पद की शपथ ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्य कांत ने सुप्रीम कोर्ट ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में जस्टिस सुनीता अग्रवाल, जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इन तीनों नियुक्तियों के बाद सुप्रीम कोर्ट में कार्यरत न्यायाधीशों की कुल संख्या बढ़कर 37 हो गई है।
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद नियुक्ति का रास्ता साफ
तीनों न्यायाधीशों की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद हुई है। CJI जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाले पांच सदस्यीय कॉलेजियम ने 28 सितंबर को तीनों नामों की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी थी। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 5 अक्टूबर को इन नियुक्तियों को मंजूरी दी। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार की ओर से तीनों न्यायाधीशों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की गई।
सुप्रीम कोर्ट में अभी एक पद खाली
इन तीन नियुक्तियों के बाद सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 37 हो गई है। सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 38 है। ऐसे में तीन नए जजों की नियुक्ति के बावजूद अदालत में अभी एक न्यायाधीश का पद रिक्त है। नई नियुक्तियों से लंबित मामलों की सुनवाई और न्यायिक कार्यों के संचालन में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
सुप्रीम कोर्ट में महिला जजों की संख्या हुई तीन
जस्टिस सुनीता अग्रवाल के सुप्रीम कोर्ट में शामिल होने के साथ ही यहां महिला न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस वी. मोहना दो महिला न्यायाधीश के तौर पर कार्यरत थीं। जस्टिस सुनीता अग्रवाल की नियुक्ति के बाद शीर्ष अदालत में महिला प्रतिनिधित्व में एक और इजाफा हुआ है।
जस्टिस सुनीता अग्रवाल का न्यायिक सफर
जस्टिस सुनीता अग्रवाल मूल रूप से इलाहाबाद हाई कोर्ट से जुड़ी रही हैं। सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति से पहले वह गुजरात हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश के पद पर कार्यरत थीं। न्यायिक क्षेत्र में लंबे अनुभव के बाद अब उन्हें देश की सर्वोच्च अदालत में जिम्मेदारी मिली है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उनका सुप्रीम कोर्ट में कार्यकाल करीब पांच वर्ष रहेगा और वह 29 अप्रैल 2031 को सेवानिवृत्त होंगी।
जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय का अनुभव
जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति से पहले दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश थे। इससे पहले वह बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उनका मूल हाई कोर्ट इलाहाबाद हाई कोर्ट है। सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति के बाद उनका कार्यकाल 15 जून 2030 तक रहेगा।
जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की नियुक्ति
जस्टिस अपरेश कुमार सिंह भी विभिन्न हाई कोर्ट में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट में आने से पहले वह तेलंगाना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश थे। उनका मूल हाई कोर्ट झारखंड है और वह त्रिपुरा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। उनका सुप्रीम कोर्ट में कार्यकाल 6 जुलाई 2030 तक रहेगा।
तीन नियुक्तियों से शीर्ष अदालत की ताकत बढ़ी
तीनों नए न्यायाधीशों के शपथ लेने के साथ सुप्रीम कोर्ट की न्यायिक क्षमता में विस्तार हुआ है। इन नियुक्तियों के बाद अदालत में कुल 37 न्यायाधीश कार्यरत हैं, जबकि स्वीकृत संख्या 38 है। वहीं, जस्टिस सुनीता अग्रवाल के आने से सुप्रीम कोर्ट में महिला न्यायाधीशों की संख्या भी तीन हो गई है। अब शीर्ष अदालत में एक पद अभी भी रिक्त है।
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