Rahul Gandhi Detention : संसद भवन परिसर से निर्वाचन आयोग कार्यालय की ओर मार्च कर रहे राहुल गांधी और विपक्षी सांसदों की पुलिस हिरासत को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। थरूर ने इस कार्रवाई को शर्मनाक बताते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक करार दिया।
बर्लिन से थरूर ने जताई नाराजगी
तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर इस मार्च में शामिल नहीं हो सके, क्योंकि वह जर्मनी के बर्लिन में आयोजित एक सम्मेलन में मौजूद थे। हालांकि, उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के जरिए घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी और राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं के साथ पुलिस के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए।
राहुल गांधी के साथ व्यवहार पर जताया आक्रोश
थरूर ने कहा कि नई दिल्ली से सामने आई तस्वीरों में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ कथित बदसलूकी और उन्हें घसीटकर हिरासत में लिए जाने का दृश्य भयावह और स्तब्ध करने वाला है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराना नागरिकों का महत्वपूर्ण अधिकार है।
13 करोड़ मतदाताओं के अधिकार का मुद्दा
कांग्रेस सांसद ने अपने बयान में 13 करोड़ मतदाताओं के अधिकारों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में विरोध प्रदर्शन करना उन सभी नागरिकों के साथ खड़े होने जैसा है, जिनके संवैधानिक अधिकारों के हनन की आशंका जताई जा रही है। विपक्ष लगातार चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है।
सरकार के रवैये को बताया शर्मनाक
थरूर ने केंद्र सरकार की कार्रवाई को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए इसे शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध के प्रति सरकार की प्रतिक्रिया लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। बर्लिन सम्मेलन की पूर्व प्रतिबद्धता के कारण मार्च में शामिल नहीं होने पर उन्होंने दूर से ही अपने सहयोगियों के प्रति समर्थन जताया।
आकाशवाणी भवन के पास रोका गया मार्च
निर्वाचन आयोग कार्यालय की ओर बढ़ रहे INDIA गठबंधन के सांसदों को पुलिस ने आकाशवाणी भवन परिसर के पास रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी सांसद वहीं धरने पर बैठ गए। विपक्षी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
करीब आठ घंटे चला विपक्षी सांसदों का धरना
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद विपक्षी नेताओं का धरना करीब आठ घंटे तक चला। मंगलवार शाम पुलिस ने आकाशवाणी भवन परिसर को खाली कराने की कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान राहुल गांधी समेत कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया गया। विपक्ष ने पुलिस कार्रवाई को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ कदम बताया।
कई प्रमुख कांग्रेस नेता हिरासत में लिए गए
हिरासत में लिए गए नेताओं में राहुल गांधी, के.सी. वेणुगोपाल, चरणजीत सिंह चन्नी, दीपेंद्र हुड्डा, पवन खेड़ा, के. सुरेश, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, प्रणीति शिंदे, वर्षा गायकवाड़ और इमरान प्रतापगढ़ी समेत कई नेता शामिल रहे। पुलिस सभी नेताओं को न्यू पुलिस लाइन्स, किंग्सवे कैंप ले गई।
देर रात करीब 10 बजे हुई रिहाई
हिरासत में लिए गए विपक्षी नेताओं को कई घंटे बाद देर रात करीब 10 बजे रिहा कर दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस और विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार तथा पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। विपक्ष का कहना है कि चुनावी पारदर्शिता और मताधिकार से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है।
विपक्ष ने बताया लोकतंत्र के लिए काला दिन
विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि करीब 13 करोड़ मतदाताओं के मताधिकार और कथित चुनावी गड़बड़ियों के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे सांसदों पर पुलिस कार्रवाई लोकतंत्र के लिए काला दिन है। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और सरकार की कार्रवाई विपक्ष के निशाने पर है।
शशि थरूर बोले- न्याय की जीत होगी
शशि थरूर ने अपने संदेश के अंत में कहा कि भले ही वह बर्लिन में होने के कारण अपने साथियों के साथ मौके पर मौजूद नहीं थे, लेकिन उनका समर्थन उनके सहयोगियों के साथ है। उन्होंने भरोसा जताया कि लोकतांत्रिक संघर्ष में अंततः न्याय की जीत होगी।
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