INDIA Bloc Protest : INDIA ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन गुरुवार को एक बार फिर तेज हो गया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन की कोशिश की। राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उनकी आपत्तियों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
करीब 300 सांसदों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन का दावा
राहुल गांधी ने कनॉट प्लेस में विपक्षी दलों के लिए आयोजित लंच के बाद केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा के करीब 300 सांसद शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें लगातार रोका जा रहा है। राहुल के मुताबिक, पहले दिन विपक्षी सांसदों को चुनाव आयोग के कार्यालय के पास जाने से रोक दिया गया था।
जंतर-मंतर जाने से रोकने का लगाया आरोप
राहुल गांधी ने दावा किया कि दूसरे दिन विपक्षी सांसद जंतर-मंतर जाकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते थे, लेकिन उन्हें वहां पहुंचने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बल प्रयोग किया गया। राहुल ने कहा कि विपक्ष अपने मुद्दों को जनता के सामने शांतिपूर्ण तरीके से रखने की कोशिश कर रहा है।
मोदी सरकार और RSS प्रमुख मोहन भागवत पर हमला
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, RSS प्रमुख मोहन भागवत और CEC ज्ञानेश कुमार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने कथित तौर पर आपराधिक साजिश के जरिए देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित किया है। राहुल ने आरोप लगाया कि संविधान को कमजोर किया गया और वोट चोरी हुई है।
कार्रवाई और सजा का राहुल गांधी ने किया दावा
कांग्रेस नेता ने कहा कि विपक्षी सांसद देश की जनता को भरोसा दिलाते हैं कि कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए विपक्ष अपनी लड़ाई जारी रखेगा। राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में जनता इस कार्रवाई को होते हुए देखेगी।
खरगे बोले- गांधी स्मारक पर करेंगे शांतिपूर्ण प्रदर्शन
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि INDIA ब्लॉक के सांसद गांधी स्मारक की ओर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वहां विपक्षी सांसद शांतिपूर्ण धरना देंगे और प्रार्थना करेंगे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को सद्बुद्धि मिले। खरगे ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार लोगों से उनके वोट देने के अधिकार को छीनने की कोशिश कर रही है।
आजादी और संविधान को लेकर भाजपा पर आरोप
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि देश को आजादी दिलाने वाले महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे नेताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों की नींव मजबूत की थी। उनके मुताबिक, विपक्ष का संघर्ष इन्हीं लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनावी प्रक्रिया के जरिए जनता के अधिकारों को प्रभावित कर रही है।
राजघाट पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई
राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी समेत कई विपक्षी सांसद राजघाट की ओर बढ़े। विपक्षी सांसदों के संभावित प्रदर्शन को देखते हुए राजघाट और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। इससे पहले चुनाव आयोग कार्यालय और जंतर-मंतर की ओर बढ़ने के दौरान भी सुरक्षा बलों ने विपक्षी सांसदों को रोक दिया था।
हिरासत के बावजूद विपक्ष का प्रदर्शन जारी
विपक्षी नेताओं के मुताबिक, पहले दिन चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन की कोशिश और दूसरे दिन जंतर-मंतर जाने के प्रयास के दौरान कई सांसदों को हिरासत में लिया गया था। इसके बावजूद INDIA ब्लॉक के नेताओं ने विरोध प्रदर्शन जारी रखने का फैसला किया है। गुरुवार को राजघाट मार्च इसी विरोध अभियान की अगली कड़ी के रूप में सामने आया।
चुनावी प्रक्रिया को लेकर बढ़ा राजनीतिक टकराव
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का विरोध अब लगातार राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। INDIA ब्लॉक चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। वहीं, लगातार हो रहे प्रदर्शनों से केंद्र और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होता दिखाई दे रहा है।
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