Stock Market Crash Today : शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1045 अंक टूटा और निवेशकों के 10 लाख करोड़ डूबे

गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। सेंसेक्स 1,045 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी भी 22,300 के नीचे पहुंच गया। महंगा कच्चा तेल, RBI की सख्त नीति, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और FII बिकवाली ने दबाव बढ़ाया। अब सवाल है, बाजार कब संभलेगा।

Stock Market Crash Today : भारतीय शेयर बाजार के लिए 8 अक्टूबर 2026 का कारोबारी सत्र बेहद कमजोर रहा। वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेत, कच्चे तेल की बढ़ती कीमत, ऊंची बॉन्ड यील्ड और घरेलू स्तर पर सख्त मौद्रिक नीति के बीच निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। इसके चलते सेंसेक्स 1,000 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी भी तेज गिरावट के साथ बंद हुआ।

ads

सेंसेक्स 1,045 अंक गिरकर 71,593 पर बंद

दिनभर के कारोबार के बाद बीएसई सेंसेक्स 1,045.46 अंक यानी 1.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71,593.24 अंक पर बंद हुआ। दूसरी ओर एनएसई निफ्टी 371.25 अंक यानी 1.64 प्रतिशत फिसलकर 22,231.80 के स्तर पर पहुंच गया। सेंसेक्स करीब 32 महीने के निचले स्तर पर और निफ्टी करीब 18 महीने के निचले स्तर पर बंद हुआ।

Adst

निवेशकों की संपत्ति में करीब 10 लाख करोड़ की कमी

बाजार में चौतरफा गिरावट का सीधा असर निवेशकों की कुल संपत्ति पर पड़ा। रिपोर्टों के मुताबिक गुरुवार की बिकवाली में बाजार पूंजीकरण में करीब 10 लाख करोड़ रुपये की कमी आई। बाजार में गिरावट सिर्फ कुछ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप समेत व्यापक बाजार में भी दबाव देखने को मिला।

ज्यादातर शेयर लाल निशान में बंद

कारोबारी सत्र में बाजार की चौड़ाई पूरी तरह कमजोर रही। बड़ी संख्या में शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि बढ़त हासिल करने वाले शेयरों की संख्या काफी कम रही। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी 2 प्रतिशत से अधिक की कमजोरी दर्ज की गई। इससे संकेत मिला कि बिकवाली का दबाव बाजार के कई हिस्सों में व्यापक था।

रियल्टी और एनर्जी सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव

सेक्टोरल प्रदर्शन भी निवेशकों के लिए निराशाजनक रहा। रियल्टी, एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर, पीएसई और फार्मा जैसे प्रमुख सेक्टरों में तेज गिरावट देखने को मिली। महंगे कच्चे तेल और ब्याज दरों को लेकर बढ़ी चिंता ने खासतौर पर उन क्षेत्रों पर दबाव डाला, जिनकी लागत और मांग पर ब्याज तथा ऊर्जा कीमतों का असर पड़ सकता है।

Adst

आईटी सेक्टर मामूली बढ़त में रहा

चौतरफा बिकवाली के बीच आईटी सेक्टर ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी आईटी इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में रहने में सफल रहा। बाजार की व्यापक कमजोरी के बावजूद कुछ आईटी शेयरों में खरीदारी दिखाई दी। तिमाही नतीजों के सीजन की शुरुआत और टेक कंपनियों से जुड़ी उम्मीदों ने भी इस क्षेत्र को कुछ सहारा दिया।

अडानी एंटरप्राइजेज समेत कई शेयरों में बड़ी गिरावट

निफ्टी के प्रमुख शेयरों में अडानी एंटरप्राइजेज करीब 5.4 प्रतिशत गिरकर सबसे ज्यादा दबाव में रहा। जेएसडब्ल्यू स्टील और आईटीसी में भी 4 प्रतिशत से ज्यादा की कमजोरी दर्ज हुई। इंटरग्लोब एविएशन समेत कई अन्य शेयरों में भी भारी बिकवाली हुई। इसके उलट इंफोसिस, टेक महिंद्रा और एक्सिस बैंक जैसे कुछ शेयर बढ़त में रहे।

RBI की रेपो रेट बढ़ोतरी का असर

बाजार पर दबाव बढ़ाने वाले प्रमुख घरेलू कारणों में भारतीय रिजर्व बैंक का हालिया फैसला भी शामिल रहा। RBI ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर इसे 5.50 प्रतिशत कर दिया है। साथ ही मौद्रिक नीति का रुख ‘न्यूट्रल’ से बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ किया गया। इससे बाजार में ब्याज दरों को लेकर सतर्कता बढ़ी।

महंगा कच्चा तेल बना बाजार की बड़ी चिंता

मध्य पूर्व में बढ़े तनाव और आपूर्ति को लेकर चिंता के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी रही और कारोबार के दौरान करीब 104 डॉलर तक पहुंच गई। भारत के लिए महंगा कच्चा तेल चिंता का विषय है, क्योंकि इससे आयात लागत, महंगाई और कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और FII बिकवाली ने बढ़ाई चिंता

वैश्विक स्तर पर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने भी इक्विटी बाजार की धारणा को प्रभावित किया। ऊंची बॉन्ड यील्ड के बीच निवेशकों के लिए सुरक्षित आय वाले विकल्प अधिक आकर्षक हो सकते हैं। इसके साथ विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भारतीय शेयर बाजार पर अतिरिक्त दबाव बनाया। 8 अक्टूबर को FII ने करीब 6,121 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची।

आगे बाजार के लिए कई चुनौतियां

विश्लेषकों के अनुसार बाजार की दिशा आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमत, वैश्विक बॉन्ड यील्ड, रुपये की चाल, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और RBI की मौद्रिक नीति से प्रभावित हो सकती है। फिलहाल भारतीय बाजार पर घरेलू और वैश्विक दोनों मोर्चों से दबाव दिखाई दे रहा है। निवेशकों की नजर अब अगले कारोबारी सत्र और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी।

Read More  :  Asian Champions Trophy Hockey: भारत की नजर खिताब पर, पाकिस्तान की जगह बांग्लादेश

Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
पिछले पोस्ट
अगला पोस्ट

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • झारखंड
    • राजस्थान
    • ओडिशा

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company. 

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.

Adst