Abhijeet Dipke News : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके दिल्ली पुलिस की हिरासत से रिहा होने के बाद अपने पैतृक गांव संतुक पिंपरी पहुंचे। यहां उन्होंने अपनी दिवंगत दादी के अंतिम संस्कार स्थल पर फूल चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। दादी के निधन के समय दीपके दिल्ली पुलिस की हिरासत में थे, इसलिए वह अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके थे। गांव पहुंचने के बाद वह उस स्थान पर गए, जहां उनकी दादी का अंतिम संस्कार किया गया था।
अंतिम संस्कार स्थल पर भावुक हुए दीपके
जानकारी के मुताबिक, पुलिस से रिहाई के बाद दीपके देर रात अपने गांव पहुंचे। इसके बाद वह श्मशान घाट गए और अपनी दादी की याद में फूल अर्पित किए। इस दौरान वह भावुक हो गए और कुछ देर तक वहीं रुके रहे। परिवार में किसी करीबी के निधन के बाद अंतिम संस्कार में शामिल न हो पाना उनके लिए दुखद अनुभव रहा। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर CJP और दिल्ली पुलिस के बीच अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
दादी के निधन को लेकर CJP ने लगाए आरोप
अभिजीत दीपके की दादी के निधन के बाद CJP की ओर से आरोप लगाया गया था कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए हिरासत से जाने की अनुमति नहीं दी। इस दावे ने पुलिस की कार्रवाई और हिरासत के दौरान मानवीय सहायता को लेकर सवाल खड़े किए। पार्टी के आरोपों के बाद मामले पर विवाद बढ़ गया। हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि दीपके को दादी के निधन की सूचना दी गई थी और उन्हें सहायता देने की पेशकश भी की गई थी।
दिल्ली पुलिस ने जारी किया वीडियो
दिल्ली पुलिस ने रविवार को अभिजीत दीपके से जुड़े घटनाक्रम का वीडियो जारी किया। डीसीपी नेहा यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस का पक्ष रखते हुए बताया कि दीपके की दादी के निधन की जानकारी मिलने के बाद अधिकारियों ने उन्हें इस बारे में बताया था। पुलिस के अनुसार, अधिकारियों ने उनसे यह भी पूछा कि क्या उन्हें किसी प्रकार की मदद चाहिए। पुलिस ने दावा किया कि सहायता उपलब्ध कराने के विकल्प उनके सामने रखे गए थे।
फोन कॉल और यात्रा में मदद की पेशकश का दावा
डीसीपी नेहा यादव के मुताबिक, पुलिस अधिकारियों ने दीपके से पूछा था कि क्या उन्हें फ्लाइट टिकट, फोन कॉल या किसी अन्य तरह की सहायता की जरूरत है। अधिकारियों ने उनसे कई बार यह भी जानना चाहा कि क्या वह अपने माता-पिता से बात करना चाहते हैं। पुलिस का कहना है कि दीपके ने इन विकल्पों को स्वीकार नहीं किया। हालांकि, इन दावों और CJP के आरोपों के बीच वास्तविक घटनाक्रम को समझने के लिए उपलब्ध बयानों और संबंधित रिकॉर्ड का निष्पक्ष आकलन महत्वपूर्ण है।
CJP के प्रदर्शन को अनुमति क्यों नहीं मिली?
CJP के प्रस्तावित धरने की अनुमति को लेकर भी दिल्ली पुलिस ने अपना पक्ष रखा। डीसीपी नेहा यादव ने कहा कि पुलिस के अनुसार, संगठन का पिछला रिकॉर्ड कानून और प्रशासनिक निर्देशों के पालन को लेकर सवाल खड़े करता है। उन्होंने दावा किया कि पहले प्रदर्शन की अनुमति मिलने के बावजूद कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था। इसी पृष्ठभूमि में प्रस्तावित धरने को लेकर पुलिस ने आपत्ति जताई। फिलहाल, दीपके की दादी के अंतिम संस्कार से जुड़ा विवाद पुलिस और CJP के अलग-अलग दावों के कारण चर्चा में है।
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