Journalist Allegation : मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर एक गर्भवती महिला पत्रकार को कथित तौर पर धक्का देने का आरोप लगाया गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं का दावा है कि प्रदर्शन की कवरेज कर रहीं पत्रकार ऋचा पराशर के साथ यह घटना हुई, जिसके बाद उन्हें चोटें आईं और अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। भाजपा नेताओं ने इस मामले को लेकर राहुल गांधी पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में राहुल गांधी या कांग्रेस की ओर से इस आरोप पर प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।
प्रदीप भंडारी ने X पर साझा किया वीडियो
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अस्पताल में भर्ती महिला पत्रकार का वीडियो साझा किया। उन्होंने दावा किया कि ऋचा पराशर तीन महीने की गर्भवती हैं और राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन की कवरेज के दौरान उन्हें कथित रूप से धक्का दिया गया। भंडारी के मुताबिक, घटना के बाद महिला पत्रकार को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां उन्होंने अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया। इस मामले को लेकर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस सांसद की आलोचना की और महिलाओं के सम्मान से जुड़े उनके बयानों पर सवाल खड़े किए।
राजेश भाटिया ने बताई अस्पताल पहुंचने की पूरी घटना
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश भाटिया ने घटना के बाद की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि शाम करीब आठ से साढ़े आठ बजे के बीच राजेंद्र नगर स्थित कार्यालय के पास एक युवती उनसे मिली थी। युवती ने बताया कि उसकी बहन पत्रकार है और प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने कथित तौर पर उसे धक्का दिया। भाटिया के अनुसार, महिला गर्भवती थी और उसे चोटें आई थीं। युवती ने उनसे चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए मदद मांगी।
अस्पताल में जांच और इलाज का दावा
राजेश भाटिया ने बताया कि जानकारी मिलने के बाद उन्होंने विधायक उमंग बजाज और स्थानीय नेता प्रतीक शर्मा से संपर्क किया। इसके बाद वे अस्पताल पहुंचे, जहां महिला पत्रकार अपने पति के साथ मौजूद थीं। भाटिया के मुताबिक, उन्होंने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि ऋचा पराशर को प्राथमिक उपचार मिल सके। उन्होंने दावा किया कि डॉक्टरों से परामर्श के बाद गर्भावस्था में कुछ जटिलताओं की जानकारी मिली और महिला को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत बताई गई।
भाटिया के अनुसार, अस्पताल में महिला का अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे किया गया। डॉक्टरों ने आवश्यक इंजेक्शन देने के साथ इलाज किया और बाद में उन्हें एक कमरे में स्थानांतरित कर निगरानी में रखा गया। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ डॉक्टरों को सुबह दोबारा जांच करनी थी, जिसके बाद आगे के उपचार को लेकर निर्णय लिया जाना था। इन चिकित्सकीय विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
उमंग बजाज ने राहुल गांधी की आलोचना की
भाजपा विधायक उमंग बजाज ने कहा कि उन्हें रात करीब दस बजे महिला पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार की जानकारी मिली। स्थानीय विधायक होने के नाते वे अस्पताल पहुंचे। उनके साथ प्रदीप भंडारी, राजेश भाटिया और स्थानीय मंडल अध्यक्ष भी थे। बजाज ने दावा किया कि उन्होंने महिला की स्थिति के बारे में जानकारी ली और अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की।
‘पितृसत्ता खत्म करने’ के नारे पर भाजपा के सवाल
उमंग बजाज ने घटना को शर्मनाक बताते हुए राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने सवाल उठाया कि महिलाओं के अधिकारों और पितृसत्ता खत्म करने की बात करने वाले नेता पर महिला पत्रकार के साथ ऐसा व्यवहार करने का आरोप क्यों लग रहा है। फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और कांग्रेस या राहुल गांधी का पक्ष सामने आना बाकी है। घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
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