Stock Market Today :भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 13 अक्टूबर को जोरदार रिकवरी देखने को मिली। कारोबार के दौरान BSE Sensex करीब 900 अंक उछलकर 72,838 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, NSE Nifty 50 में भी लगभग 218 अंकों की बढ़त दर्ज की गई और यह 22,581.15 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। पिछले कारोबारी सत्रों में भारी गिरावट के बाद बाजार में आई इस तेजी ने निवेशकों को राहत दी। IT शेयरों में मजबूत खरीदारी और निचले स्तरों पर वैल्यू बाइंग को बाजार की रिकवरी की प्रमुख वजह माना गया।
IT शेयरों में खरीदारी से बाजार को मिला बड़ा सहारा
मंगलवार के कारोबार में सूचना प्रौद्योगिकी यानी IT सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त तेजी रही। खबर लिखे जाने तक Nifty IT इंडेक्स 3 फीसदी से अधिक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। इंडेक्स में शामिल सभी 10 शेयर हरे निशान पर थे। HCL Technologies और Tata Consultancy Services (TCS) के शेयरों में करीब 5 फीसदी तक उछाल देखने को मिला। वहीं, Infosys, Tech Mahindra और Wipro के शेयर भी लगभग 2 से 4 फीसदी तक चढ़े। IT कंपनियों में इस व्यापक खरीदारी ने प्रमुख सूचकांकों को ऊपर जाने में मदद की।
HCL Tech के तिमाही नतीजों ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा
IT सेक्टर में तेजी की एक बड़ी वजह HCL Technologies के सितंबर तिमाही यानी दूसरी तिमाही (Q2) के नतीजे रहे। कंपनी के नतीजे बाजार की उम्मीदों से बेहतर रहने से निवेशकों की धारणा मजबूत हुई। इसका सकारात्मक असर दूसरी प्रमुख IT कंपनियों पर भी पड़ा। निवेशकों ने TCS, Infosys, Wipro और Tech Mahindra जैसे शेयरों में खरीदारी बढ़ाई। हालांकि, बाजार में आगे की दिशा कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य के कारोबार संबंधी संकेतों पर भी निर्भर करेगी।
रुपये की मजबूती और कच्चे तेल में गिरावट से राहत
बाजार की तेजी के पीछे रुपये की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भी अहम कारक रहे। भारतीय रिजर्व बैंक के रुपये को स्थिर रखने के उपायों के बाद मुद्रा में सुधार से निवेशकों की धारणा को समर्थन मिला। वहीं, कच्चा तेल सस्ता होने से भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव कम होने की उम्मीद बनी। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने भी शेयर बाजार के लिए माहौल बेहतर करने में मदद की।
पिछली गिरावट के बाद वैल्यू बाइंग से संभला बाजार
इससे पहले गुरुवार को बाजार में भारी बिकवाली हुई थी। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने उस दिन करीब 12,943.58 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। सेंसेक्स 1,045.46 अंक गिरकर 71,593.24 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 371.25 अंक टूटकर 22,231.80 पर आ गया था। इस गिरावट के बाद निचले स्तरों पर निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया।
अमेरिकी PERM फैसले से IT कंपनियों पर बनी नजर
अमेरिका की ओर से TCS, Infosys, Wipro समेत आठ कंपनियों को रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड प्रक्रिया के महत्वपूर्ण चरण Permanent Labor Certification (PERM) कार्यक्रम से निलंबित किए जाने की खबर भी चर्चा में रही। अमेरिकी अधिकारियों ने विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति से स्थानीय कामगारों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता जताई है। इस मामले में जांच जारी है। इससे संबंधित कर्मचारियों की ग्रीन कार्ड प्रक्रिया में देरी संभव है, लेकिन PERM कार्यक्रम से निलंबन का अर्थ उनके मौजूदा H-1B वीजा का स्वतः रद्द होना नहीं है। निवेशक अब IT कंपनियों के नतीजों और वैश्विक घटनाक्रम पर नजर रखेंगे।
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