Russia Ukraine War : रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को लेकर यूरोपीय देशों की चिंता एक बार फिर सामने आई है। फिनलैंड की विदेश मंत्री एलिना वाल्टोनेन ने कहा है कि रूस की युद्ध लड़ने की क्षमता बढ़ाने के लिए उसे अतिरिक्त आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराना उचित नहीं होगा। मंगलवार को उन्होंने यह टिप्पणी ऐसे समय में की, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी डीजल निर्यात पर प्रतिबंध हटाने का फैसला किया था। इस फैसले और रूस के खिलाफ प्रतिबंधों की नीति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो सकती है।
अमेरिका से यूक्रेन के साथ खड़े होने की अपील
सिंगापुर में आयोजित एक सम्मेलन के दौरान समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए साक्षात्कार में वाल्टोनेन ने अमेरिका की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र दुनिया के नेता के तौर पर अमेरिका को यूक्रेन का समर्थन करना चाहिए। उनके मुताबिक, यूक्रेन ने रूस के दबाव और कथित उत्पीड़न से मुक्त होने का रास्ता चुना है। ऐसे में लोकतंत्र, स्वतंत्रता और संप्रभुता में विश्वास रखने वाले देशों की जिम्मेदारी है कि वे यूक्रेन के साथ खड़े रहें।
स्वतंत्रता समर्थक देशों से ठोस कदम उठाने की मांग
फिनलैंड की विदेश मंत्री ने कहा कि केवल बयान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्वतंत्रता का समर्थन करने वाले देशों को इस मुद्दे पर दृढ़ रुख अपनाना चाहिए। उनके बयान का मुख्य संदेश यह है कि रूस पर दबाव कम करने वाले कदमों से युद्ध जारी रखने की उसकी क्षमता प्रभावित हो सकती है। हालांकि, रूसी डीजल निर्यात से जुड़े अमेरिकी फैसले के प्रभाव और उसके व्यापक आर्थिक परिणामों को लेकर अलग-अलग आकलन सामने आ सकते हैं।
रूसी नागरिकों के पर्यटन वीजा पर सख्ती की मांग
वाल्टोनेन ने मंगलवार को यूरोपीय संघ के सदस्य देशों से रूसी नागरिकों को पर्यटन वीजा जारी करने के मामले में और कड़ा रुख अपनाने की अपील भी की। उनका कहना है कि यूक्रेन के खिलाफ रूस का युद्ध समाप्त होने तक ऐसी पाबंदियां जारी रहनी चाहिए। इस प्रस्ताव के तहत यूरोपीय देशों से वीजा नीति को अधिक सख्त बनाने और रूस के साथ सामान्य पर्यटन संबंधों पर सीमाएं बनाए रखने की अपेक्षा की जा रही है।
यूरोपीय संघ में समर्थन मिलने का दावा
फिनलैंड की विदेश मंत्री के अनुसार, यूरोपीय संघ के अन्य विदेश मंत्रियों से भी उन्हें इस नीति के लिए समर्थन मिला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब सदस्य देश रूसी नागरिकों के पर्यटन वीजा को लेकर कड़े नियम अपनाएंगे। हालांकि, सभी सदस्य देशों की ओर से किसी नई साझा व्यवस्था या एक समान निर्णय की आधिकारिक पुष्टि इस बयान में नहीं दी गई है। इसलिए इसे फिलहाल वाल्टोनेन की मांग और उनके व्यक्त किए गए रुख के रूप में समझना चाहिए।
रूस पर हाइब्रिड युद्ध का आरोप
वाल्टोनेन ने रूस पर यूरोप के खिलाफ हाइब्रिड युद्ध चलाने का आरोप भी लगाया। हाइब्रिड युद्ध में पारंपरिक सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ साइबर हमले, दुष्प्रचार, सूचना अभियानों और अन्य गैर-पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इन गतिविधियों का उद्देश्य किसी देश की सुरक्षा, संस्थाओं और जनमत को प्रभावित करना होता है। फिनलैंड की विदेश मंत्री के बयान से स्पष्ट है कि यूरोप में रूस को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं केवल यूक्रेन के युद्धक्षेत्र तक सीमित नहीं हैं।
आगे क्या हो सकता है?
वाल्टोनेन की टिप्पणियां रूस पर आर्थिक और कूटनीतिक दबाव बनाए रखने की यूरोपीय सोच को रेखांकित करती हैं। एक ओर अमेरिका के रूसी डीजल निर्यात पर प्रतिबंध हटाने के फैसले पर चर्चा है, वहीं दूसरी ओर फिनलैंड यूरोपीय संघ से वीजा नियमों में सख्ती चाहता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यूरोपीय संघ के सदस्य देश इस मांग पर किस तरह प्रतिक्रिया देते हैं और रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर उनकी साझा नीति में आगे क्या बदलाव होते हैं।
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