CJP Leaders Judicial Custody : दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन और युवाओं, छात्रों तथा पत्रकारों की गिरफ्तारियों को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं की न्यायिक हिरासत के बाद विपक्षी दलों ने सरकार और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सहित कई विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बयान दिए हैं। वहीं, CJP नेता अभिजीत दीपके ने भी केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने का आरोप लगाया है।
राहुल गांधी बोले, तिरंगा लहराना अपराध नहीं
राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराने के मामले में युवाओं को जेल भेजे जाने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से राष्ट्रीय ध्वज फहराना अपराध नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, छात्र, युवा, पत्रकार और विपक्षी दल अलग-अलग मंचों से विरोध कर रहे हैं, लेकिन उनके मुद्दे संवैधानिक अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े हैं। राहुल ने जंतर-मंतर को जनता का स्थान बताते हुए प्रदर्शनकारियों के अधिकारों की रक्षा की बात कही।
केजरीवाल और अभिषेक बनर्जी ने भी उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सवाल किया कि क्या अपने देश में राष्ट्रीय ध्वज फहराना भी अपराध बन गया है। उन्होंने इस स्थिति को हास्यास्पद बताया। तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने भी गिरफ्तारियों की आलोचना करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रवाद की बात करने वाले लोग ही तिरंगा लहराने वाले नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। ये प्रतिक्रियाएं विपक्ष और सरकार के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव को दर्शाती हैं।
अभिजीत दीपके ने लगाया अनौपचारिक आपातकाल का आरोप
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश में अनौपचारिक आपातकाल जैसी स्थिति बनाने का आरोप लगाया। यह बयान उस घटनाक्रम के बाद आया, जिसमें जंतर-मंतर पर कथित तौर पर प्रवेश करने के मामले में CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सामने आई। नागपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दीपके ने सवाल किया कि तिरंगा लहराने के लिए आखिर किस अपराध के तहत ऐसी कार्रवाई की गई।
1975 के आपातकाल से की तुलना
दीपके ने मौजूदा कार्रवाई की तुलना 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शासनकाल में लगाए गए आपातकाल से की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को हिरासत में रखकर लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने की कोशिश हो रही है। दीपके ने प्रधानमंत्री से चुनौतीपूर्ण लहजे में कहा कि यदि सरकार आपातकाल जैसी स्थिति लागू करना चाहती है, तो उसे आधिकारिक रूप से ऐसा करना चाहिए। हालांकि, ये उनके राजनीतिक आरोप हैं और इनकी पुष्टि के लिए संबंधित प्रशासन का पक्ष भी महत्वपूर्ण है।
दीक्षाभूमि जाकर अंबेडकर को श्रद्धांजलि देंगे दीपके
अभिजीत दीपके ने नागपुर स्थित दीक्षाभूमि जाने की बात कही, जहां 14 अक्टूबर 1956 को डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ने अपने हजारों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया था। दीपके ने संविधान और अंबेडकर के विचारों को देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी विचारधारा को देश पर थोपने की कोशिश संविधान की मूल भावना से ऊपर नहीं हो सकती।
CJP ने खुद को स्वतंत्र दबाव समूह बताया
मुख्य आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर INDIA ब्लॉक के विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपके ने कहा कि CJP एक स्वतंत्र दबाव समूह है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखेगा, लेकिन समान मुद्दों पर अन्य संगठनों के साथ खड़ा हो सकता है। अब इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
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