SIR Protest: दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विरोध-प्रदर्शन करने के लोकतांत्रिक अधिकार को सीमित किया जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, नेता राशिद अल्वी और पवन खेड़ा ने अलग-अलग बयानों में प्रदर्शनकारियों के साथ हुई कार्रवाई तथा राजधानी में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाए।
खरगे बोले, विरोध के अधिकार पर भी हमला
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन के निर्धारित स्थलों की सूची से हटाए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा कदम नागरिकों के शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को कमजोर करता है। खरगे ने SIR के तहत मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर अमित शाह के कथित बयान की भी आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि 13.3 करोड़ भारतीयों को घुसपैठिया बताना देश के नागरिकों के सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय है। यह आंकड़ा और बयान से संबंधित दावा स्वतंत्र रूप से सत्यापित किया जाना चाहिए।
‘पहले वोट चोरी, फिर विरोध के अधिकार की चोरी’
खरगे ने अपने बयान में आरोप लगाया कि पहले वोट चोरी की जा रही है और अब विरोध करने के अधिकार को भी छीना जा रहा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने और पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति की आवाज सुने जाने की जरूरत बताई।
राशिद अल्वी ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने INDIA गठबंधन के विरोध-प्रदर्शन को लेकर अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजधानी में किए गए सुरक्षा इंतजामों की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया, कई मेट्रो स्टेशन बंद किए गए और रेल सेवाएं भी प्रभावित हुईं। अल्वी के मुताबिक, इन व्यवस्थाओं से आम यात्रियों को परेशानी हुई। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और यातायात संबंधी फैसलों का असर प्रदर्शन में शामिल लोगों के अलावा सामान्य नागरिकों पर भी पड़ा।
50 हजार सुरक्षाकर्मियों और ट्रेनों को लेकर दावा
अल्वी ने दावा किया कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान 50 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती हुई, 50 से अधिक मेट्रो स्टेशन बंद किए गए और 100 से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित हुईं। इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। कांग्रेस नेता ने कहा कि राजधानी में किए गए व्यापक इंतजामों ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था के कारणों और परिवहन सेवाओं पर वास्तविक प्रभाव का आकलन आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर किया जाना चाहिए।
पवन खेड़ा ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की आलोचना करते हुए NSUI प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेतृत्व के निर्देशों का पालन करना अधिकारियों को जवाबदेही से मुक्त नहीं करता। खेड़ा ने मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई किए जाने की मांग भी उठाई।
अमित शाह के इस्तीफे की मांग
पवन खेड़ा ने अमित शाह की तुलना अमेरिकी टीवी सीरीज ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ के किरदार जॉफ्री बैराथन से करते हुए उनकी आलोचना की। उन्होंने गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग भी की। कांग्रेस के इन बयानों के बाद SIR, कथित वोट चोरी, प्रदर्शन की अनुमति और पुलिस की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। फिलहाल, कांग्रेस के आरोपों और बताए गए आंकड़ों पर संबंधित सरकारी पक्ष का जवाब तथा आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण है।
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